जिम जाने के दौरान मैंने बाबासाहेब आंबेडकर पर लिखी गई यह किताब पढ़ी
Daily Routine of Dr Ambedkar
इसमें बाबासाहेब आंबेडकर कहते हैं-
“जब भी मैं किसी समस्या के बारे में सोचता हूँ, मेरा पूरा ध्यान उसी पर लग जाता है।
खाते-पीते, चलते-फिरते या बात करते समय भी मेरा दिमाग उसका हल ढूँढ़ने में लगा रहता है।
उस वक्त बाकी सारी चीज़ें मेरे लिए महत्वहीन हो जाती हैं।
शायद यही वजह है कि मैं समस्याओं का सही समाधान खोज पाता हूँ।”
इसी सोच के चलते मैंने भी अपना पूरा ध्यान अपने शरीर पर लगाया और खुद से पूछा— मेरा वजन 110 किलो क्यों है?
मैं फिट क्यों नहीं हूँ?
जवाब ढूँढ़ने शुरू किए, तो जवाब मिलते चले गए
अगर आप भी आंबेडकरवादी सोच और बौद्ध विवाह को अच्छे से समझना चाहते हो,
तो
बहुजन समाज में बौद्ध विवाह आवश्यक क्यों ?
किताब जरूर पढ़ो।
बहुत आसान भाषा में दमदार बातें समझाई गई हैं।
गुलामगिरी पढ़ी है कभी ?
ये किताब ज्योतिबा फुले ने लिखी थी, समाज की गुलामी और अन्याय के बारे में।
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इस पूरी दुनिया में गरीब वही है, जो शिक्षित नहीं है। इसलिए आधी रोटी खा लेना, लेकिन अपने बच्चों को जरूर पढ़ाना। इस पोस्टर को अभी खरीदें नीचे दिए हुए लिंक से 👇 https://t.co/TDKPiXrzkC
डॉ. अंबेडकर ने गरीबों और कमजोर लोगों की बहुत मदद की। खासकर सफाई कर्मचारियों को आगे बढ़ने में मदद की। #अंबेडकर#सफाईकर्मचारी
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Dr Ambedkar man In Blue Poster
भाग्य में विश्वास रखने के बजाय कर्म में विश्वास रखना चाहिए। इस पोस्टर को खरीदने के लिए नीचे दिए हुए लिंक पर क्लिक करें 👇https://t.co/ZIh1WOz802