इत्तफाक ही कह सकते है ,जब दो लोग आपस में अंजान हो ,दोनों की कहानी एक सी हो ,फिर जो दरमियान कहानी रची जाती है ,काफी प्रगाढ़ हो जाता है वक्त के साथ साथ , क्यों कि दोनों के पास पूर्व की कहानियों का एहसास है, इत्तफाक तो है ,लेकिन कसौटी पे खरी है
बेहद खूबसूरत कहानी जरूर आप देखे 🤔
qualcuno dica a Fiorello che non c'è nessuna cosa da perculare in Tommaso che si commuove mentre commenta la scelta appena presa dal governo sulle famiglie omogenitoriali.