गयाजी में आए तमाम पिंडदानियों का गयाजी की जनता हार्दिक अभिनंदन करती है । मोक्ष और ज्ञान की भूमि में आपका स्वागत है । #pinddangayaji
श्रद्धालुओं के लिए बिहार सरकार @samrat4bjp जी के द्वारा काफी अच्छी व्यवस्था की गई है ।
फल्गु नदी के पावन तट पर पितरों का तर्पण, पिंडदान और श्रद्धा - गयाजी में आस्था, परंपरा और कृतज्ञता का अद्भुत संगम। देखिए, पितृपक्ष के इस खास अवसर पर विशेष रिपोर्ट : --
#PitruPaksha2026#Bihar#DDNewsBihar#Gaya
फल्गु नदी के पावन तट पर पितरों का तर्पण, पिंडदान और श्रद्धा - गयाजी में आस्था, परंपरा और कृतज्ञता का अद्भुत संगम। देखिए, पितृपक्ष के इस खास अवसर पर विशेष रिपोर्ट : --
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दानापुर के सरकारी स्कूल में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने क्लासरूम में शिक्षकों के साथ बैठकर खुद PTM में हिस्सा लिया। उन्होंने बच्चों के अभिभावकों से एक-एक कर बातचीत की और स्कूल की व्यवस्था ,पढ़ाई को लेकर फीडबैक लिया। इस दौरान शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भी मौजूद रहे।
#SamratChoudhary #Bihar #Danapur #GovernmentSchool #PTM #BiharNews
दानापुर के सरकारी स्कूल में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने क्लासरूम में शिक्षकों के साथ बैठकर खुद PTM में हिस्सा लिया। उन्होंने बच्चों के अभिभावकों से एक-एक कर बातचीत की और स्कूल की व्यवस्था ,पढ़ाई को लेकर फीडबैक लिया। इस दौरान शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भी मौजूद रहे।
#SamratChoudhary #Bihar #Danapur #GovernmentSchool #PTM #BiharNews
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करते है तो पूर्ण वेतनमान देना होगा । माननीय @samrat4bjp जी से अपील है , सभी राज्यकर्मी शिक्षकों को राज्यकर्मी की भांति 7th pay का लाभ दे ।
@Bihartet19@btetctet@ShikshaBihar
शिक्षकों के सातवें वेतनमान का लाभ को लेकर बोले एमएलसी डॉ मदन मोहन झा जी आदेशपाल तक को वेतनमान का लाभ मिल रहा है लेकिन शिक्षकों को इससे क्यों वंचित रखा गया है । एक मात्र एमएलसी जो लगातार शिक्षकों के वेतनमान के मुद्दे पर मुखर हो कर आवाज उठा रहे है । @DrMadanMohanJha
शिक्षकों के सातवें वेतनमान का लाभ को लेकर बोले एमएलसी डॉ मदन मोहन झा जी आदेशपाल तक को वेतनमान का लाभ मिल रहा है लेकिन शिक्षकों को इससे क्यों वंचित रखा गया है । एक मात्र एमएलसी जो लगातार शिक्षकों के वेतनमान के मुद्दे पर मुखर हो कर आवाज उठा रहे है । @DrMadanMohanJha
हिमालय की बर्बादी
हर हिमालयन डिजास्टर के बाद एक ही कहानी चलती है - जांच बैठती है, रिपोर्ट बनती है, सायरन लगाने का वादा होता है, बजट घोषित होता है।
और ठीक उसी समय उसी पहाड़ पर सड़कें चौड़ी की जाती हैं, हेलीपैड बनते हैं, रेलवे ऊपर चढ़ाई जाती है।
एक हाथ से हम पहाड़ का इलाज लिखते हैं और दूसरे हाथ से उसी के घाव को रेतते हैं।
समझिए कि हिमालय है क्या।
यह दुनिया के सबसे युवा पहाड़ हैं। भूगर्भ की दृष्टि से अभी बच्चे हैं - कमजोर, कच्चे, अनगढ़े।
इन्हें जोड़कर रखती है बर्फ, ग्लेशियर और परमाफ्रॉस्ट (यानी जमी हुई जमीन), जो ढलानों पर सीमेंट का काम करती है।
अब उस सीमेंट को गर्मी पिघला रही है, यानी पहाड़ पहले से ही कमजोर है।
और ऐसे में हम क्या कर रहे हैं? पर्यटन का मेला, चौड़े हाईवे ताकि SUV सीधी चोटी तक चढ़े, चार्टर्ड बसें और जैसे इतने से भी ना हो, उनके लिए पहाड़ काटकर हेलीपैड!
तीर्थ यात्री पहले पैदल चलता था, उसकी बात अलग है।
पर यह वो व्यवस्था है जो बिना चले, बिना श्रम के, बिना श्रद्धा के, भारी भीड़ को बेहद संवेदनशील इलाके में लाकर भर रही है।
और इस सब का नाम रखा है 'विकास'।
पिघलते पहाड़ में बनाई गई हर एक नई सड़क पहले से घायल शरीर पर एक और घाव है।
और हम उसी को न्योता दे रहे हैं - आओ आओ, अपनी गाड़ियों पर। नदी है, बर्फ है, मैगी है, मौज है!
तो पहला ईमानदार कदम क्या होगा?
टोल गेट पर सच बोलना। हिमालय सस्ते पर्यटन की जगह नहीं है।
जो ऊपर जाएगा वो चढ़ाई की पूरी कीमत चुकाएगा, और पूरी कीमत में वह कीमत भी शामिल है जो पहाड़ चुकाता है।
हर चढ़ती सड़क पर भारी एंट्री फी हो, हर चढ़ते वाहन पर भारी टोल टैक्स हो।
यह दंड नहीं, न्याय है।
कोई कहेगा - यह तो तीर्थ को अमीरों तक सीमित करना हो गया?
नहीं, यह तीर्थ को तीर्थ रहने देना हुआ।
देवभूमि कहते हैं ना इन पहाड़ों को, देवताओं का घर।
तो सोचिए, घर में घुसने की मशीन बनाना भक्ति है या घर को गिरने से बचाना?
आज का असली धर्म हिमालय पर चढ़ना नहीं है, उसे बचाना है।
यह समय पहाड़ चढ़कर शेखी बघारने का नहीं है, नम्र होकर उसे बचाने का समय है।
वरना यह पहाड़ बंजर चट्टानों के विशाल स्मारक बन जाएंगे - गिरते हुए स्मारक, क्योंकि जो बर्फ इन्हें जोड़े रखी थी वही नहीं रहेगी।
आओ आओ, यही विकास है?
नहीं, यह मृत्यु है।
यह ऐसी व्यवस्था है जो बिना किसी मेहनत, विचार या समझ के भारी भीड़ को बेहद संवेदनशील इलाके में ला-लाकर भर रही है।
शिक्षकों का अधिकार है पूर्ण वेतनमान। सरकार को अभिलंब इस पर विचार करना चाहिए। अन्यथा सभी शिक्षक संघ एकजुट होकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
#BiharTeachersNeed7thPay
सरकार ने शिक्षकों को राज्यकर्मी तो बना दिया है लेकिन उन्हें 'कृत्रिम' या बनावटी वेतनमान दिया जा रहा है। जिससे शिक्षकों का मनोबल काफी गिरा हुआ रहता है!
शिक्षकों के लिए अभिलंब पूर्ण वेतनमान की घोषणा करे सरकार!!
#BiharTeachersNeed7thPay
माननीय मुख्यमंत्री जी एवं माननीय शिक्षा मंत्री जी,
बिहार के शिक्षक पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दे रहे हैं। हमारी विनम्र मांग है कि शिक्षकों के लिए 7th Pay लागू करने पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
#BiharTeachersNeed7thPay
साईं इतना दीजिए जामे कुटुम्ब समाय
मैं भी भूखा ना रहूं साधु न भूखा जाय!
40 सालों में महंगाई कई गुना बढ़ चुकी है पर शिक्षक उसी पुरानी व्यवस्था से संतुष्ट हैं।उसी व्यवस्था के अनुरूप देय सुविधाओं के लिए गुहार लगा रहे हैं।
एक मांग, पूर्ण वेतनमान!
@samrat4bjp#BiharTeachersNeed7thPay
बिहार में सम्राट चौधरी जी के नेतृत्व में एक न्यायप्रिय सरकार काम कर रही है जो जन-मन की भावना का आदर करती है।हमारी सबसे बड़ी और साझी मांग को पूरा करिए। हम आपके लक्ष्य के लिए जीवन खपाने को तैयार हैं।
@samrat4bjp@mkrtiwari_bjp@BiharEducation_#BiharTeachersNeed7thPay