भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी की जयंती पर नमन 👇
चौधरी चरण सिंह (23 Dec 1902 – 29 May 1987)
जन्म: नूरपुर, ज़िला मेरठ (अब बागपत), यूपी।
पेशा: शिक्षक → वकील → किसान नेता।
1930 में राजनीति में प्रवेश, आज़ादी के आंदोलन में जेल गए।
यूपी में ज़मींदारी उन्मूलन व भूमि सुधार कानून (1950) के प्रमुख शिल्पकार।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (1967–68, 1970) रहे।
केंद्र में वित्त मंत्री (1977–79) और गृह मंत्री (1978–79) बने।
28 जुलाई 1979 से 14 जनवरी 1980 तक भारत के 5वें प्रधानमंत्री।
किसान-केंद्रित राजनीति के प्रबल समर्थक,
भारतीय क्रांति दल व बाद में लोक दल के संस्थापक।
2024 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित।
सत्ता से ज़्यादा सिद्धांत—किसान उनकी विरासत। 🌾🇮🇳 #KisanDiwas #kisandiwas2025 #किसान_रत्न_सम्मान #nationalfarmersday #chaudharycharansingh #किसानों_के_मसीहा
काली औरत और उसके गोद में गोरा बच्चा देख के लोगों ने उस औरत को बच्चा चोर समझ लिया। , ये घटना है आगरा की जहां एक औरत अपने गोद में एक बच्चा लिए अपने घर जा रही थी जो दिखने में सांवली थी और जिसका पहनावा भिखारियों जैसा था लेकिन उसके गोद में एक गोरे रंग का बच्चा था। लेकिन जब लोगों ने देखा कि औरत तो काली है लेकिन उसके गोद में एक गोरा बच्चा है तो लोगों को शक हुआ कि यह बच्चा चोर है और इस वजह से लोग उस औरत का पीछा करने लग गए। लेकिन जब औरत ने देखा कि कोई हमारा पीछा कर रहा है तो वह घबरा गई और तेजी-तेजी भागने लग गए। और जब लोगों ने देखा कि औरत हमें देख के भागने लग गई है तो उन्हें और ज्यादा शक हो गया और इस वजह से लोगों ने उस औरत को थोड़ी ही देर में पकड़ लिया और तरह-तरह के सवाल पूछने लग गए। लेकिन औरत इतने घबराई होती है कि वो कुछ भी नहीं बता पा रही थी और इस वजह से लोगों ने पुलिस को तुरंत बुला लिया और पुलिस ने बहुत अच्छे से पूछताछ करी और जन के सारे डॉक्यूमेंट देखे और सारे डॉक्यूमेंट के आधार पर पुलिस ने यह बताया कि यह बच्चा इसी औरत का है और अगर आप पब्लिक की जगह पर होते तो क्या करते मुझे कमेंट करके जरूर बताना।
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बरहरवा स्टेशन पर आरपीएफ (RPF) ने नई दिल्ली-फरक्का एक्सप्रेस (New Delhi-Farakka Express) ट्रेन से करीब 1000 से ज़्यादा कछुए बरामद किए हैं, जिन्हें 22 बैग में भरकर वाराणसी से फरक्का ले जाया जा रहा था; इस मामले में तीन तस्करों (करण, मंजू और ऊषा पाथकर) को गिरफ्तार किया गया है और कछुओं को वन विभाग को सौंप दिया गया है ताकि उन्हें गंगा नदी में सुरक्षित छोड़ा जा सके. यह कार्रवाई 19 दिसंबर 2025 को की गई थी, और गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ जारी है ताकि इस वन्यजीव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश हो सके.
’ ये रिपोर्ट मीडिया के अनुसार है ‘