अखिलेश जी, माना कि आपको ओम प्रकाश राजभर से दिक्कत है लेकिन राजभर समाज से आपको क्या दिक्कत है भाई!
लड़ना है तो मुझसे राजनैतिक लड़ाई लड़िए लेकिन क्या राजभर समाज की महिलाओं पर हमला करवा के आप हमसे लड़ेंगे?
मऊ के रामपुर थाना क्षेत्र के पतापुर में जो हुआ वो ठीक नहीं था��� राजभर समाज की महिलाएं शांति से अपना पूजा-पाठ कर रही थीं और जल चढ़ाने के लिए जा रही थीं। लेकिन आपके गुंडों को यह बर्दाश्त नहीं हुआ कि राजभर समाज की महिलाएं पूजा कैसे कर सकती हैं। आपके गुंडों ने महिलाओं पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की और रोकने पर राजभर समाज के युवकों को पीट दिया।
अरे अखिलेश बाबू, आपके गुंडों को राजभर समाज से इसीलिए दिक्कत है न कि ओपी राजभर आपकी कलई खोलता है। राजभर समाज इसीलिए आपके तिलचट्टों को नहीं भाता है तो याद रखिए- राजभर समाज आपसे डरता नहीं है, न ही दबता है।
आपसे आंख में आंख डालकर सवाल पूछता रहूंगा और आपके पाप उजागर करता रहूंगा लेकिन राजनैतिक तौर पर, गुंडई से नहीं। अपने पाले हुए गुंडों को समझा लीजिए कि राजभर समाज से गुंडई करना बंद कर दें। वरना चुनाव तो छोड़ो, ये समाज आपका ऐसा हाल करेगा कि जवाब देते नहीं ब��ेगा।
आपने और आपके चच्चू ने अपने गुंडों को गुंडई करने के लिए हरी झंडी दी है। आपके गुंडे ये मानकर चल रहे हैं कि बस अब तो सपा की सरकार आ ही गई, इसलिए वो उत्पात पर उतर आए हैं। समझाइए उन्हें कि सरकार तो आनी नहीं है, झूठ में वो अपना भविष्य ख़राब कर रहे।
हम महाराजा सुहेलदेव के वंसज़ हैं। हमने उन गुंडों की भी औकात याद दिलाई है, जिनकी आप पूजा करते हो। लड़िए लेकिन संविधान के मुताबिक़, लड़िए लेकिन राजनैति��� लड़ाई। महिलाओं से मत लड़िए, ये शोभा नहीं देता।
जय भारत, जय श्रीराम, जय श्री कृष्ण, जय परशुराम,जय महाराज सुहेलदेव।
@yadavakhilesh
@neha_laldas@DelhiPolice प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। इनकी गर्मी जेल में निकल जाएगी। @bihar_police मेरे इस पोस्ट को साक्ष्य के रूप में देखा जाए। इस चैनल और इस व्यक्ति पर आप FIR दर्ज करें। आपका सायबर सेल तो बहुत सक्रिय है। मेरे वकील वैसे भी कर रहे हैं, पर सायबर सेल पटना को प्रेषित करें।
आपका खून न खौला तो पानी है?
माँ ने बताया आयुष शुक्ला को घर से बुलाकर असद ले गया, और फिर हत्या किया?
@noidapolice अपनी तरफ से कहानी क्यों बना रही है? आयुष के घर पर कौन बुलाने आया था यह माँ ने बताया, तो उसको क्यों झुठलाने का प्रयास हो रहा है? अभी एनकाउंटर क्यों नहीं हुआ, बुलडोज़र क्यों नहीं चला?
आदरणीय @myogiadityanath जी पुलिस बहानेबाजी और एजेंडेबाजी में लगी है, ध्यान दें🙏
आरक्षण के बलबूते पर बने डॉक्टर से इलाज करवाने का नतीजा देखों दोनों हाथ ख़ो बैठा और दो साल से मामला न्यायलय मे चल रहा है���
इसलिए ज़ब भी इलाज करवाओ तो पता कर लेना डॉक्टर कौन है।
Ambedkarites are threatening @ajeetbharti and saying that:
"His wife should be the next Nirbhaya"
Are these guys oppressed?
Imagine what these people were doing with the SC/ST Act and other weapons the government has given them.
We already have many such cases where these people, after committing gRape have threatened the girl and her family with SC/ST Act.
If the government does not remove the SC/ST Act, then that day is not far when a civil war against these goons will start in this country.
Archived link: https://t.co/dVTTLHTpsQ
शीश झुके या कटे कभी, यह राणा को स्वीकार नहीं,
अकबर के आगे झुक जाए, ऐसा उसका किरदार नहीं।
घास की रोटी उसने खाई, महलों को ठुकराया था,
पर स्व���भिमान की कीमत पर, कभी नहीं सिर झुकाया था।।
#ReservationReformआंदोलन #studentmovement
UGC रोल बैक, आरक्षण खत्म आंदोलन में ये मासूम बेटा भाई देवेंद्र सिंह पलाड़ा शहीद हो गए😭
इनका संघर्ष ब्यर्थ नही जाना चाहिए मित्रो😭😭
देवेंद्र की आत्मा को प्रभु अपने चरणों मे स्थान दे🙏😭😭😭����
दिल्ली में RHA Reforms Team की सदस्य अनुराधा तिवारी ने आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग करते हुए तीन प्रमुख प्रस्ताव रखे हैं।
उन्होंने कहा कि जनरल कैटेगरी के लिए राष्ट्रीय आयोग बनाया जाए। इसके साथ ही आरक्षण में क्रीमी लेयर का प्रावधान लागू करने और “एक परिवार, एक बार आरक्षण” की नीति लाने की मांग की।
तिवारी के मुताबिक, इन बदलावों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आरक्षण व्यवस्था का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे और इसका दुरुपयोग न हो।
��े दलित-पीड़ित-शोषित और अनपढ़, ये सब लिख कर तुम्हारा केस स्ट्रॉंग नहीं हो रहा। एक-एक स्क्रीनशॉट, हैंडल का IP एड्रेस नोट हो रहा है, सब ऑन रिकॉर्ड रखा जाएगा और तुम ट्वीट डिलीट करके भागोगे।
फिर भी, रणवीर सेना का नाम एक बार पढ़ लेना।
राजपूत समाज तो एक हो गया है मोदी की अकड़ तोङ़ने के लिए, ✊
क्या सम्पूर्ण सवर्ण समाज गुलामी से बाहर निकलकर एक हो पाएंगा, अपना भविष्य बचाने के लिए काले कानूनो के खिलाफ, मोदी को उखाड़ फैकने के लिए तैयार हो पायेगा...?
महिपाल सिंह मकराना का शंखनाद.... 🔥
Hello @kritisanon,
1. Don't play the woman card. You were not criticized for your gender, but for your choice of clothes in an ad. You are bringing gender into this to make it a women's issue and seek wider support from women and male feminists. It's not a gender issue. Even Ranveer Singh was criticized on Twitter for a nude photoshoot. He didn't play the gender card.
2. Personal choice stops where public commercialization begins. What you wear off-camera is entirely your prerogative. You've been in this business for years. Until now, nobody bothered you about your choice of clothes. You know why? Because nobody actually cares what you wear. The outrage here comes from a commercial choice: sexualizing a deeply sacred festival celebrated by millions. Context dictates appropriateness. If a male actor appeared bare-chested while portraying the brother in that exact scene, the public pushback would be identical. The issue is sacredness and context, not gender.
3. Claiming "clothes don't define culture" directly contradicts human history. Attire is a foundational visual language of every global tradition, you cannot wear a Kimono and call it Indian ethnic wear, nor can you strip a festival of its sacred aesthetic without altering its significance. If attire truly has zero bearing on cultural respect, then tomorrow is Eid. Can you wear that exact same outfit you wore in that ad and wish Eid Mubarak? You said clothes don't define the respect you have for culture in your heart. So do it and we'll take our criticism back.
Respecting a tradition means honoring its context, not commodifying it under the guise of fashion.
सरकार सवर्णों से हैं सवर्ण सरकार से नहीं।🔥
यह सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि उस बेचैनी की आवाज़ है जो लंबे समय से अपनी बात सुने जाने का इंतज़ार कर रही है।
अगर किसी वर्ग के नागरिक लगातार अपनी समस्याएँ, भेदभाव और समान अवसर की मांग उठा रहे हैं, तो सत्ता का काम उन्हें न��रअंदाज करना नहीं, उनकी बात सुनना और जवाब देना है।👇