अब एक ही तरीका बचा है-
रात आठ बजे चैनल पर आएं और कह दें - "मेरी ही तपस्या में कुछ कमी रह गई। मैं देश के युवाओं से क्षमा मांगता हूं और धर्मेंद्र प्रधान आज से 'लीगल टेंडर' नहीं रहेंगे।"
यही वो हिंदुस्तान है जहाँ आधी रात में सुप्रीम कोर्ट बैठी और मामले की सुनवाई हुई।
पिछले कुछ जजों ने सुप्रीम कोर्ट की गरिमा का पोंछा बना करा पीएमओ को दे दिया।
ये सज्जन जिस चीज का उद्घाटन करते हैं, वो अगले दिन घटियापन के कारण बिगड़ जाती है। पर ये बदस्तूर उद्घाटन करते जाते हैं। एक घटियापन के बाद दूसरा घटियापन... फिर तीसरा... फिर अगला... फिर अगला... घटियापन से पुराना नाता है
@Abhinav_Pan वो क्या मनमोहक दृश्य होगा जब अपराधियों की फॉर्च्यूनर ओर स्कॉर्पियो का पीछा जयपुर पुलिस साइकिल से करेगी
👏👏👏👏
सब के सब बड़े साब के नजरों में आना चाहते है