राजस्थान लोक सेवा आयोग ने सहायक अभियोजन अधिकारी भर्ती 2026 में SC/ST/OBC/MBC वर्ग के आरक्षण में भारी घोटाला किया है।
42 सीट SC वर्ग को दी जबकि 70 सीट बनती है।
29 सीट ST वर्ग को दी जबकि 54 सीट बनती है।
76 सीट OBC को दी जबकि 86 सीट बनती है।
17 सीट MBC को दी जबकि 21 स��ट बनती है।
इस भर्ती में SC/ST/OBC/MBC का बैकलॉग 87 सीट है।
यानी कुल 355 सीट पर 268 सीट फ्रेस भर्ती है।
Note:- SC/ST/OBC/MBC वर्ग की बैकलॉग सहित कुल आरक्षित सीट में 67 सीट पर सीधा डाका डाला गया है।
दलितों की 28 सीट खा गए।
आदिवासियों की 25 सीट खा गए।
पिछड़ों की 10 सीट खा गए।
अति पिछड़ों की 4 सीट खा गए।
@NCSC_GoI
@ncsthq
@arjunrammeghwal
@BhajanlalBjp
@DrPremBairwa
@DrKirodilalBJP
@ashokgehlot51
@SachinPilot
@TikaRamJullyINC
@Barmer_Harish
@VinodJakharIN
@Radhemahwa
@manojmeena
@RPSC1
@Radhemahwa PHED विभाग मे Lab Attandent की भर्ती July 2025 From Apply किए गये बाद कोई अता पता नही RSSB मे कोई जबाबदेही नही है ऐसा लग रहा की Backdoor से entery हो गई हो ?
पता करो
@Radhemahwa
@Radhemahwa PHED विभाग मे Lab Attandent की भर्ती July 2025 From Apply किए गये बाद कोई अता पता नही RSSB मे कोई जबाबदेही नही है ऐसा लग रहा की Backdoor से entery हो गई हो ?
पता करो @Radhemahwa
राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा जारी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती 2025 में पदों वृद्धि करके आरक्षण के साथ छेड़छाड़ किया गया है। लोकप्रशासन विषय में 10 सीटों में से 3 सीट EWS देना असंवैधानिक है।जिससे EWS 30% आरक्षण हो जाता है लेकिन संवैधानिक तौर पर10% ही है। @DrRamSinghSamot@RPSC1
राजस्थान में JEn की ऐतिहासिक भर्ती आ रही है। 🚀
✅ 1587+ पद (PHED, PWD, WRD, UDH)
✅ अभी कई विभाग जुड़ना बाकी।
✅ लक्ष्य: सिर्फ सिलेक्शन!
अगले 6 महीने अपनी मेहनत के नाम। जो आज साथ छोड़ रहे हैं, कल वो आपके पद को सलाम करेंगे।
धन्यवाद @MVRSharma2 🙏
#JEnVacancy2026
Good News for mechanical जिनको लगता था मै सिविल से हूं mechanical का काम क्यू करूंगा उनके लिए मेरा ये pull shot 😂
DLB JEn mechanical के 29 पद���ं पर वित्तीय स्वीकृति मिल गई है अभ्यर्थना जल्दी ही राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भेज दी जाएगी
आदरणीय @officialkharra साहब UDH विभाग में रिक्त कनिष्ठ अभियंता JEn के पदों की अभ्यर्���ना RSSB भेजी जाऐ जिससे नवंबर 2026 में आयोजित होने वाली कनिष्ठ अभियंता संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा में पदों की संख्या शामिल हों सके @alokrajRSSB
राज्य सरकार "Rajasthan College Education Society Hiring of Manpower Rules, 2023" के तहत महाविद्याल���ों में 'टीचिंग एसोसिएट' के पदों पर 5 वर्ष की संविदा भर्ती कर रही है। यह व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के मूल सिद्धांतों के पूर्णतः विरुद्ध है।
NET/SET/JRF-SRF और PhD जैसी सर्वोच्च शैक्षणिक योग्यता रखने वाले हजारों युवाओं को स्थायी रोजगार न देकर, मात्र ₹28,850 के मासिक वेतन पर संविदा पर रखना उनके 10 वर्षों के कड़े परिश्रम और शोध की गरिमा का अपमान है। 5 वर्ष की संविदा से शिक्षकों में मनोवैज्ञानिक दबाव और असुरक्षा रहती है, तथा समान कार्य के लिए असमान वेतन दिया जा रहा हैं।
इस ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें रखी गई हैं:
1. राजसेस (RAJ-CES) को रद्द करना: इस सोसाइटी को तुरंत प्रभाव से रद्द कर सभी राजसेस ��ॉलेजों को कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय के अधीन लाया जाए और नियमित राजकीय पद सृजित किए जाएं।
2. संविदा नियम निरस्त हो: टीचिंग एसोसिएट एवं गैर-शैक्षणिक पदों की 5 वर्ष की संविदा भर्ती (Hiring of Manpower Rules, 2023) को तत्काल निरस्त किया जाए।
3. RPSC एवं RSSB से हो भर्ती: शैक्षणिक पदों की रिक्तियों पर राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) से तथा गैर-शैक्षणिक पदों पर अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (RSSB) के माध्यम से स्थायी भर्ती की जाए।
4. स्थायी भर्ती कैलेंडर: भविष्य में उच्च शिक्षा में संविदा आधार पर भर्ती न करने का नियम बने और स्थायी भर्ती का कैलेंडर जारी कर जल्द RPSC से विज्ञापन जारी किया जाए।
5. सोढाणी समिति: उच्च शिक्षा से जुड़ी सोढाणी समिति की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए।
#राजस्थान_में_कॉलेज_असिस्टेंट_प्रोफेसर_स्थायी_भर्ती_निकालो
#राजसेस_भर्ती_बंद_हो
#इंटरव्यू_खत्म_हो
@RajCMO
@DrPremBairwa
@zeerajasthan_ @ManishYadavIn @VinodJakharIN
दूरभाष पर एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ भाई साहब को शुभकामनाएं प्रेषित की 💐🎉🔥❤️💐🎉🔥🔥 व्यस्तता के कारण भी हमेशा की तरह आज भी अटेंड करके वार्तालाप की। अंत में मजाक करते हुए कहा अब दिल्ली आना पड़ेगा राकेश भाई। BOSS 💪 🔥
#विनोद_जाखड़#nsui@VinodJakharIN
राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर #विनोद_जाखड़ को एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर आतिशबाजी कर रहे समर्थको को रोकने का प्रयास कर रही पुलिस। 🔥🔥🔥🎉 #nsui@VinodJakharIN
एनएसयूआई का राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ बनने पर अरावली छात्रावास परिवार की ओर से राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर आतिशबाजी कर के जश्न मनाया।
#nsui#विनोद_जाखड़@VinodJakharIN
विनोद जाखड़: संघर्ष से शिखर तक की प्रेरक जीवनी
विनोद जाखड़ जी की जीवन यात्रा एक साधारण दलित परिवार से आने वाले युवाओं के लिए असाधारण प्रेरणा का स्रोत है। जयपुर के विराट नगर के पास स्थित मेड गाँव से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचना कोई साधारण उपलब्धि नहीं है। एक बेहद साधारण, सरल और ग्रामीण दलित परिवार में जन्मे इस युवा ने शायद खुद भी अपने शुरुआती दिनों में नहीं सोचा होगा कि वे इतनी ऊँचाइयों तक पहुँचेंगे। ल���किन सच ही कहा गया है “पूत के पाँव पालने में दिख जाते हैं।” अपने जीवन के शुरुआती दौर से ही उन्होंने अपनी प्रतिभा, मेहनत और जुझारूपन का ऐसा परिचय दिया कि स्पष्ट हो गया था कि यह युवा एक दिन बड़ी मंजिल जरूर हासिल करेगा।
छात्र राजनीति से नेतृत्व तक का सफर
विनोद जाखड़ जी ने वर्ष 2014 में राजस्थान कॉलेज की छात्र राजनीति में कदम रखा। उस उम्र में जब अधिकांश युवा अपने भविष्य की दिशा ही तय कर रहे होते हैं, उन्होंने चुनाव लड़कर जीत हासिल की जो अपने आप में साहस और आत्मविश्वास का बड़ा उदाहरण था। इसके बाद वर्ष 2018 में उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय में विजय प्राप्त कर इतिहास रच दिया और अध्यक्ष पद तक पहुँचे।
यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत जीत नहीं थी, बल्कि यह संदेश भी था कि यदि हौसले मजबूत हों तो गरीबी, सामाजिक बाधाएँ और विपरीत परिस्थितियाँ किसी भी व्यक्ति का रास्ता नहीं रोक सकतीं।
एक दलित और आर्थिक रूप से साधारण पृष्ठभूमि से राजनीति में आगे बढ़ना आज भी आसान नहीं माना जाता। राजनीति के दरवाज़े अक्सर प्रभावशाली और संपन्न वर्ग के लिए ज्यादा खुले दिखते हैं। लेकिन विनोद जाखड़ जी ने इन धारणाओं को तोड़कर दिखा दिया।
वे न आर्थिक रूप से मजबूत थे, न क��सी बड़े राजनीतिक घराने से आते थे। फिर भी उन्होंने अपने दम पर वह मुकाम हासिल किया जो हजारों युवाओं का सपना होता है। बाद में वे राजस्थान NSUI के प्रदेश अध्यक्ष बने और यह उपलब्धि हासिल करने वाले वे पहले दलित युवा नेताओं में शामिल रहे जिन्होंने असंभव को संभव कर दिखाया।
राजनीतिक जीवन में उन्हें कई तरह की गुटबाज़ी, विरोध और साजिशों का सामना करना पड़ा। राजस्थान की राजनीति में उनके खिलाफ कई प्रयास हुए, कई गुट बनाए गए, लेकिन उन्होंने कभी नकारात्मक रास्ता नहीं चुना।
उनकी सबसे बड़ी विशेषता रही है सकारात्मक राजनीति। उन्होंने कभी व्यक्तिगत कटुता को प्राथमिकता नहीं दी, विरोधियों के प्रति भी सम्मानजनक भाषा का प्रयोग किया। अपने दुश्मनों को भी दोस्त की तरह देखने की सोच रखी।
उनका मानना रहा है कि समय के साथ लोग बदलते हैं और हमें किसी के बारे में बुरा नहीं बोलना चाहिए। यह राजनीतिक परिपक्वता उ���्हें भीड़ से अलग पहचान देत�� है।
विनोद जाखड़ जी केवल पद के नेता नहीं रहे, बल्कि सड़कों पर संघर्ष करने वाले कार्यकर्ता नेता रहे हैं। उन्होंने राजस्थान में कई नए प्रयोग किए, जैसे: नशा छोड़ो अभियान, छात्र संघ बहाली को लेकर आंदोलन, सरकार के खिलाफ मुखर संघर्ष, साइकिल और पैदल यात्राएँ, कांग्रेस के विभिन्न मुद्दों पर लगातार प्रदर्शन
स्वास्थ्य साथ दे या न दे वे मानसिक रूप से हमेशा तैयार रहे। जयपुर की सड़कों पर उन्हें अक्सर क���र्यकर्ताओं के साथ संघर्ष करते देखा गया। वे घर बैठकर राजनीति करने वालों में नहीं, बल्कि मैदान में उतरकर नेतृत्व करने वालों में रहे हैं।
राजस्थान जैसा विशाल और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण राज्य जहाँ जैसलमेर से धौलपुर और श्रीगंगानगर से लेकर डूंगरपुर-बांसवाड़ा तक दूरी ही दूरी है वहाँ उन्होंने लगातार प्रवास और संगठन विस्तार किया।
उनकी खास बात यह रही कि: कोई साधारण कार्यकर्ता भी बुलाए तो वे पहुँचने की कोशिश करते थे, कार्यकर्ताओं को “अपना साथी” मानते हैं, छोटे-बड़े ��ा भेदभाव नहीं करते, सबके साथ बैठना, खाना और संवाद रखना उनकी शैली है
इसी वजह से संगठन में उनकी पकड़ केवल पद के कारण नहीं, बल्कि रिश्तों के कारण मजबूत हुई।
अपनी इसी मेहनत, संगठन क्षमता और सकारात्मक सोच के बल पर आज विनोद जाखड़ जी कांग्रेस के अग्रिम छात्र संगठन एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद तक पहुँचे हैं। यह केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं की उम्मीद की जीत है जो गाँव, गरीब ���ा सामाजिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि से आते हैं।
राहुल गांधी जी द्वारा उन्हें यह जिम्मेदारी देना निस्संदेह एक साहसिक और दूरदर्शी निर्णय माना जा सकता है। एक ऐसे युवा को मौका मिला है जिसने जमीन पर काम करके खुद को साबित किया है।
आज भी देश के लाखों युवाओं के मन में यह सवाल उठता है: हम गरीब हैं, हम गाँव से आते हैं, हमारी आर्थिक स्थिति कमजोर है, राजनीति बड़े लोगों का खेल है, इन सभी सवालों का सबसे मजबूत ��वाब है- विनोद जाखड़ जी का जीवन।
@VinodJakharIN
संघर्ष की धरती से उठी आवाज़ अब राष्ट्रीय मंच पर गूंजेगी
राजस्थान की छात्र राजनीति से निकलकर विनोद जाखड़ अब NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने है,ये सिर्फ पद नहीं,मेहनत की जीत है।✊
अब आंदोलन की धार और तेज़ होगी,
अब युवाओं की बात सीधे देश की बात होगी
@VinodJakharIN#NSUI#vinodjakhar
NSUI के राष्ट्रीय प्रधान विनोद जाखड़ जी 🤞
तुमने खूब लूटी महफ़िलें, अब वक़्त ��ै हमारा,
मिलकर करेंगे हर काम, चमकेगा नया सितारा।
जो समझे थे हमें कमज़ोर, वो देखेंगे नज़ारा,
अब हमारी मेहनत बोलेगी, होगा दौर हमारा।
@VinodJakharIN