उम्मेदाराम जी दो बार चुनाव लड़ें MLA में बार चुनाव लड़ें हरीश जी को खांसी नानी याद दिला दी पूर्व कैबिनेट मंत्री हेमाराम चौधरी का बयान वायरल हो रहा है।।🤣😅
@Hemaram_INC
भाजपा के नए नारे को साकार करते राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर👇🏻
“अनपढ़ रहेगा इंडिया, तभी तो अंधभक्त बनेगा इंडिया!”
पहले भाजपा सरकार ने राजस्थान में कांग्रेस सरकार द्वारा खोले गए सैकड़ों सरकारी स्कूलों का विलय कर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया। आज हालात यह हैं कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था वेंटिलेटर जा चुकी है।
कम से कम बच्चों को शिक्षक तो उपलब्ध कराइए। एक ही शिक्षक प्रधानाचार्य भी है, वही पूरी स्कूल की जिम्मेदारी संभाल रहा है और वही बच्चों को पढ़ाने का काम भी कर रहा है।
आखिर राजस्थान के बच्चों के भविष्य के साथ यह खिलवाड़ कब तक?
सत्ता में बैठे लोगों को आत्ममंथन करना चाहिए।
क्योंकि जिस सरकार में सरकारी स्कूल के बच्चों को भी अपने अधिकारों के लिए धरना देना पड़े तो यह बेहद चिंताजनक है।
आख़िर शिक्षा मंत्री कब तक इन बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते रहेंगे?
📍बाड़मेर
#NirmalChoudhary
पत्रकार : कल आपके यहां जो कार्यक्रम हुआ है, उसको लेकर क्या कोई गलत संकेत गए?
जवाब : कोई गलत संकेत नहीं है। वो तो जो आदिवासी जो थे कार्यकर्ता वो आए थे, खाली मिलने के लिए आए थे। जॉइनिंग की बात थी नहीं कहीं।
मुझे कहा गया भाई वो जिद किए हुए हैं बच्चे, बीस - पच्चीस दिन से बात चल रही थी। मैं मना कर रहा था, यहां आने की जरूरत नहीं है। मैं खुद आऊंगा बांसवाड़ा मिल लेंगे बच्चों से। अब 500 किलोमीटर बस लेकर कोई आए तो मुझे अजीब लगता है और मैं हमेशा डिस्करेज करता हूं। कल की बात छोड़ दीजिए। जब कभी कोई मुझसे मिलने की बात करते हैं तो मैं मना करता हूं, इतनी दूर से क्यों आ रहे हो? मैं टूर प्रोग्राम बनाऊंगा, वहीं मिल लेंगे अपन।
पर इन लोगों ने जिद पकड़ ली कि नहीं, हमें तो मिलना ही है। तो जब मालवीय जी ने बार बार कहा तो फिर अल्टीमेटली मैंने कहा कि भई ठीक मिला दीजिए। तो मिलने मुझसे भी आए थे, तो मुझसे मिलना है तो मैंने भी कहा और उनके खुद ने भी टाइम ले लिया था पीसीसी से भी कि हम जाकर वहां भी आशीर्वाद लेंगे, मिल लेंगे अध्यक्ष जी से मिलेंगे और कोई बात थी ही नहीं। ना ज्वाइनिंग की थी, ना चर्चा हुई ज्वाइनिंग की और वो तो कार्यकर्ता थे। ज्वाइनिंग नेताओं की होती है। 500 कार्यकर्ता, 400 आए थे कल। जो आंकड़े बता रहे हैं अब 400 कार्यकर्ता क्या वो कार्यकर्ता तो उन्हें कब तो वो गए और कब वापस आए। तो ये तो क्या कार्यकर्ता गांव में होते हैं ना। अगर मान लो बाप पार्टी का मोह भंग हो रहा है, आ गए तो अच्छी बात है। वेलकम करना चाहिए सबको। इतनी सी बात है। बाकी तो मीडिया वाले जो है आप लोग, आप भी कम नहीं हो, कैसे आप किस प्रकार से माहौल बिगाड़ो, कैसे डराओ नेताओं को, उसमें भी कई मीडिया के हमारे साथी जो हमारे बड़े प्यारे हैं, उनकी बड़ी भूमिका होती है। भाई इससे ज्यादा कुछ भी नहीं है। हम सब एक हैं, एक होकर चलेंगे, एक होकर सरकार बनाएंगे और सरकार बननी निश्चित है राजस्थान में दिमाग के अंदर रखो। बाकी सब बातें छोड़ दो। कोई नाराजगी नहीं है, कोई नाराजगी ना अध्यक्ष जी को, ना मुझे है। अध्यक्ष जी क्या नाराजगी बताएंगे? कोई नाराजगी नहीं बताई उन्होंने। उनको तो जो महसूस हुआ, उन्होंने बता दी बात। पर मीडिया वाले बार- बार, बार- बार अगर आप ऐसे क्वेश्चन पूछोगे जो उनकी जानकारी में नहीं होगी बात को तो वो जवाब क्या देंगे? तो इस प्रकार का मैं समझता हूं। कोई बात नहीं, पूरी कांग्रेस एकजुट है और अभी मैं बार बार कह रहा हूं सुन लीजिए आप लोग देश को जरूरत कांग्रेस की है। कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में, खड़गे साहब के नेतृत्व में एकजुट है। डेमोक्रेसी खतरे के अंदर मैं बार बार चेता रहा हूं पिछले छह महीने साल भर से वो हकीकत है। इसमें कोई आपस में मनमुटाव, झगड़ों का कोई स्थान होना ही नहीं चाहिए। सब मिलकर काम कैसे करें, यह हमारा ध्येय होना चाहिए। वो हमारा ध्येय है। उसी ध्येय से हम आगे बढ़ रहे हैं सब लोग और हम जानते हैं कि मीडिया वाले हमें क्वेश्चन क्या पूछेंगे। अब जब आपने सब कैमरे लगाए तो बाकी बातों में जानता हूं कि भूमिका आपकी है। बाकी तो आप लोग क्या पूछने वाले हो, क्यों पूछने वाले हो, मुझे मालूम था। तो इसलिए आप मुझसे , हम सब से एक्सपेक्ट मत करो कि हम कोई ऐसी बात बोलेंगे जिससे आपस में लड़ाई बढ़े यह बात है।
'चढ़ावा चोर - गद्दी छोड़'
- कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री @kharge और नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi की मौजूदगी में 'चढ़ावा चोरी' के खिलाफ विपक्ष के सांसदों का प्रदर्शन
📍 संसद परिसर
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
अपने भविष्य की रक्षा में डटकर खड़े होने वाले हर युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
अमित शाह जी की पुलिस इतनी डर गई है कि NSUI के राष्ट्रीय प्रभारी @kanhaiyakumar जी को NSUI कार्यालय जाते समय ही डिटेन कर लिया है ।
लेकिन याद रखिए
जितना छात्र-छात्राओं की आवाज़ दबाने की कोशिश होगी,
उतनी ही मज़बूती से यह लड़ाई आगे बढ़ेगी।
हम न झुकेंगे, न रुकेंगे। 🔥✊
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तो अभी शुरुआत है, आगे-आगे देखिए सरकार का अहंकार किस तरह लगातार टूटता जाएगा।
यह देश की छात्रशक्ति के आक्रोश और कांग्रेस पार्टी के संघर्ष का परिणाम है। युवाओं की आवाज़ के सामने सरकार को आखिरकार झुकना पड़ा। जो लोग अहंकार में कहते थे कि "हमारे सिलेबस में इस्तीफा है ही नहीं, हमने इस्तीफा देना सीखा ही नहीं", उन्हें देश के युवाओं ने लोकतंत्र की ताकत का एहसास करा दिया। सरकार को युवाओं के सामने झुककर उनकी मांग माननी पड़ी।
कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री आवास के घेराव से लेकर गांधी स्मारक तक मार्च निकाला, भगवान से सरकार को सद्बुद्धि देने और संविधान की रक्षा की प्रार्थना की। इस पूरे आंदोलन में @RahulGandhi जी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी और पूरे विपक्ष ने मजबूती से युवाओं का साथ दिया। यह जीत किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्र-छात्राओं और युवाओं के लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केवल शुरुआत है। हमारी लड़ाई शिक्षा व्यवस्था में व्यापक और अमूलचूल सुधार की है। देश में ऐसी शिक्षा व्यवस्था स्थापित हो, जहाँ गरीब और अमीर, गाँव और शहर, हर वर्ग के बच्चों को समान अवसर मिले। कोई भी बच्चा आर्थिक या सामाजिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे।
सरकार विकसित भारत की बात करती है, लेकिन शिक्षा को मजबूत किए बिना विकसित भारत का सपना अधूरा है। यदि वास्तव में विकसित भारत बनाना है तो आम बजट में शिक्षा पर अधिक निवेश करना होगा। स्कूलों, कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों की आधारभूत संरचना, शिक्षकों की उपलब्धता, आधुनिक संसाधनों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर गंभीरता से काम करना होगा। तभी देश का भविष्य मजबूत होगा और विकसित भारत का सपना साकार होगा।
हमारा संघर्ष केवल एक इस्तीफे तक सीमित नहीं है। देश के युवाओं के अधिकार, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर सुनिश्चित होने तक कांग्रेस पार्टी का संघर्ष का प्रयत्न लगातार जारी रहेगा।
📍'विजय मार्च' जुलूस के बाद अहिंसा सर्किल, बाड़मेर
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