छात्रों के हितों को लेकर @INCIndia लगातार झूठ फैला रही है, @RahulGandhi के पास तथ्य नहीं है, आदतन झूठ बोलने वाले नेता प्रतिपक्ष को न संसद में आना है और न जवाब सुनना है। इन्हें तो बस अपना झूठ फैलाकर घड़ियाली आँसू बहाना है।
माननीय गृहमंत्री श्री @AmitShah जी पर बेवजह बिना किसी तथ्य के झूठे आरोप लगाना राहुल गांधी और कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दिखाता है। सरकार हर मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है, मगर कांग्रेस लोकतंत्र के मंदिर 'संसद भवन' को बाधित कर देश और युवाओं के हितों को कुचलने का काम कर रही है। क्योंकि इनकी मंशा देशहित नहीं, स्वयं के हितों को पहले प्राथमिकता देने की है। जब सदन में चर्चा होती है तो ये लोग बाहर हंगामा करते हैं, क्योंकि सदन में जवाब सुनने की इतनी क्षमता नहीं है।
कांग्रेस का लोकतंत्र भी ‘Selective’ है, जहां अपनी सरकार हो, वहां युवाओं पर हिंसा और जहां राजनीति चमकानी हो, वहां झूठ और हंगामा। झारखंड में छात्रों के साथ जो बर्बरता हुई है, उसे पूरे देश ने देखा है। लेकिन, सवाल ये है कि हर मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले राहुल गांधी आज चुप्पी क्यों साधे हुए हैं? देश का युवा कांग्रेस के इस दोहरे चरित्र को अच्छी तरह समझ चुका है। लोकतंत्र में तानाशाही के लिए कोई जगह नहीं, ये राहुल गांधी और आपातकाल वाली सोच से चलने वाली कांग्रेस पार्टी को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।
हेमंत सोरेन की पुलिस ने छात्रों पर जिस तरह लाठीचार्ज किया, उसके बाद राहुल गांधी, केजरीवाल और उनके तिलचट्टों को बाहर निकलना चाहिए और छात्रों के हित की बात बिना सियासत का रंग देखे करनी चाहिए।
𝐑𝐚𝐡𝐮𝐥 𝐆𝐚𝐧𝐝𝐡𝐢 𝐥𝐨𝐯𝐞𝐬 𝐥𝐞𝐜𝐭𝐮𝐫𝐢𝐧𝐠 𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚 𝐨𝐧 “𝐣𝐮𝐬𝐭𝐢𝐜𝐞”. 𝐇𝐞 𝐬𝐡𝐨𝐮𝐥𝐝 𝐟𝐢𝐫𝐬𝐭 𝐥𝐨𝐨𝐤 𝐚𝐭 𝐂𝐨𝐧𝐠𝐫𝐞𝐬𝐬-𝐫𝐮𝐥𝐞𝐝 𝐊𝐞𝐫𝐚𝐥𝐚. 👇
Students worked hard, cleared exams and earned their place on the PSC rank list. Yet these deserving LPST candidates are still waiting for the jobs they rightfully earned.
Their protest has reached a heartbreaking level: 𝐰𝐢𝐭𝐡 𝐧𝐨 𝐚𝐬𝐬𝐮𝐫𝐚𝐧𝐜𝐞 𝐟𝐫𝐨𝐦 𝐭𝐡𝐞 𝐂𝐨𝐧𝐠𝐫𝐞𝐬𝐬-𝐥𝐞𝐝 𝐊𝐞𝐫𝐚𝐥𝐚 𝐠𝐨𝐯𝐞𝐫𝐧𝐦𝐞𝐧𝐭, 𝐫𝐚𝐧𝐤 𝐡𝐨𝐥𝐝𝐞𝐫𝐬 𝐰𝐞𝐫𝐞 𝐟𝐨𝐫𝐜𝐞𝐝 𝐭𝐨 𝐞𝐚𝐭 𝐠𝐫𝐚𝐬𝐬 𝐚𝐧𝐝 𝐦𝐮𝐝.
This is the reality of Congress governance. ⬇️
𝐁𝐞𝐟𝐨𝐫𝐞 𝐩𝐫𝐞𝐚𝐜𝐡𝐢𝐧𝐠 𝐭𝐨 𝐭𝐡𝐞 𝐧𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧, 𝐑𝐚𝐡𝐮𝐥 𝐆𝐚𝐧𝐝𝐡𝐢 𝐬𝐡𝐨𝐮𝐥𝐝 𝐚𝐧𝐬𝐰𝐞𝐫 𝐭𝐡𝐞 𝐭𝐞𝐚𝐜𝐡𝐞𝐫𝐬 𝐨𝐟 𝐊𝐞𝐫𝐚𝐥𝐚: 𝐰𝐡𝐞𝐧 𝐰𝐢𝐥𝐥 𝐭𝐡𝐞𝐲 𝐠𝐞𝐭 𝐭𝐡𝐞 𝐣𝐨𝐛𝐬 𝐚𝐧𝐝 𝐣𝐮𝐬𝐭𝐢𝐜𝐞 𝐭𝐡𝐞𝐲 𝐝𝐞𝐬𝐞𝐫𝐯𝐞?
These too are students protesting - sadly no one is even making reels on them . Which is why I feel outrage is so selective - which compromises the fight
रहम करो सरकार यह बेटियां भी झारखंड की ही हैं..
झारखंड की इन बेटीयों का दर्द क्या किसी को नहीं दिख रहा?
कहां है कॉकरोच जनता पार्टी, कहां है अभिजीत दीपके, कहां हैं राहुल गांधी, कहां है पूरा विपक्ष?
Shameful...!!
At the same time when Pappu was tweeting/saying how “hurt” he was over the lathi-charge on students in Jharkhand, his own police were once again beating students...
The hypocrisy is unbelievable.
अमन नाश्ता कर रहे थे
रांची पुलिस उन्हें लेकर चली गई।
छात्रों का आंदोलन कवर करना पाप हो गया है क्या इस देश में?
जंतर मंतर पर छात्रों को गाली देते/अश्लील हरकतें करते दिखाना पत्रकारिता था लेकिन झारखंड के शालीन छात्रों की आवाज़ उठाना अपराध है क्या?
लेकिन “तानाशाह” तो मोदी हैं।गजबे है
अंधेरा होते ही फिर से लाठीचार्ज। हेमंत सोरेन सरकार डरपोक है।
पुलिस कार्रवाई पर राहुल गांधी के पोस्ट के बाद झारखंड सरकार ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। ट्वीट के बाद फिर लाठीचार्ज, यह बताता है कि सरकार छात्रों की आवाज़ से कितनी डरी हुई है।
और इससे यह भी साफ़ है कि राहुल गांधी के अपने सहयोगी ही उनकी अपील को कितनी गंभीरता से लेते हैं।
राहुल गांधी ने पोस्ट किया, और उनके सहयोगियों ने फिर लाठियाँ चला दीं।
लेना था दोषियों पर एक्शन, लेकिन उलटा झारखंड पुलिस प्रदर्शनकारी छात्रों पर एक्शन ले रही है।
रांची में प्रदर्शनकारी छात्रों के विधानसभा घेराव मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई। JPSC-JSSC की परीक्षाओं में धांधली एवं परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे छात्रों पर झारखंड पुलिस ने वाटर कैनन चलाया और लाठीचार्ज किया।