जम्मू कश्मीर में कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास हेतु सरकार को जल्द ही बड़े फैसले लेने चाहिए, ऐसा नहीं होने पर राष्ट्रीय सर्व ब्राह्मण समाज उग्र आंदोलन करेगा -
- शशिकांत तिवारी, राष्ट्रीय महासचिव
भारत देश में 1953 को प्रथम जातीय आरक्षण लागू हुआ था एवं 1990 में सरकारी नौकरी में, जो कि सही था गरीबी रेखा के नीचे रह रहे जातियों को उठाने हेतु।
आज 2025 में आदिवासी राष्ट्रपति बनने के पश्चात ये सिद्ध होता है कि आरक्षण सफल हुआ, लेकिन अब सभी जातियों को गरीबी रेखा से उठाने हेतु आर्थिक आधार पर जनहित में आरक्षण लागू करना चाहिए -
- अभिषेक कुमार पाण्डेय, राष्ट्रीय संयोजक, प्रभारी मीडिया-आई टी सेल
बड़ी खबर-
MP के निवाड़ी में PM आवास के हक मांगने पर 74 साल की दादी शांति अहिरवार को वहां के सरपंच राजकुमार साहू ने बेरहमी से पीटा है।
पृथ्वीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मनेथा में 10 सितंबर की घटना है जिसका वीडियो कल से वायरल हुआ हैं।
इस मामले में सरपंच पति को गिरफ्तार कर लिया हैं।
सर्व सूचनार्थ : 2-2
राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य अभिषेक कुमार पाण्डेय जी @GoldyPandey को मीडिया-IT सेल विभाग का राष्ट्रीय प्रभारी नियुक्त किया गया, वे राष्ट्रीय स्तर पर प्रेस व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया, इंटरनेट इत्यादि के माध्यम से समाज के प्रचार प्रसार हेतु प्रभारी होंगे।
सर्व सूचनार्थ :
राष्ट्रीय सर्व ब्राह्मण समाज की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक 22-10-25 को छत्तीसगढ़ कार्यालय में माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष ललित मिश्रा जी की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र में विस्तार हेतु राष्ट्रीय महासचिव शशिकांत तिवारी जी को प्रभार दिया गया-1-2
राष्ट्रीय सर्व ब्राह्मण समाज के पदाधिकारी
आप सभी को सूचनार्थ
भारत के सभी राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष व कार्यसमिति का गठन किया जा चुका है अतः जनवरी 2026 से नए कार्यकारणी का विस्तार किया जाएगा।
सभी समाज की वेबसाइट में सदस्य बन कर जुड़े
https://t.co/2PRQhh2jBu
आरक्षण (आर्थिक आधार पर) लागू करवाने हेतु राष्ट्रीय सर्व ब्राह्मण समाज द्वारा देश व्यापी आंदोलन किया जाएगा ।।
निर्धन व असहाय चाहे वह किसी भी जाती या धर्म का क्यों न हो उसे आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए, इसकी पहल सर्व ब्राह्मण समाज द्वारा की जा रही है।
राष्ट्रीय सर्व ब्राह्मण समाज घटना की घोर निन्दा करते हुए दोषी अधिकारियों के विरुद्ध अतिशीघ्र कार्यवाही करवाने हेतु प्रशासन से दबाव डालने हेतु कटिबद्ध है।
आर्थिक रूप से कमजोर ब्राह्मण परिवार को देख कर आप सभी ये अंदाजा लगा सकते है की गरीबी जाति देख कर नहीं आती ।
कानपुर देहात में प्रशासन ने जो किया वो घृणित और निंदनीय है.
मैं माननीय @myogiadityanath जी से हाथ जोड़कर निवेदन करता हूँ, दोषी अधिकारियों के साथ वही बर्ताव किया जाये जो अपराधियों के साथ किया जाता है.
उत्तर प्रदेश शासन में निष्कलंक न्याय मिलता है, ये सिद्ध करने का समय आ गया है.
जवान बेटी के साथ बाप-माँ सड़क पर कहाँ रहते? झोपड़ी की आग ने इस आदमी के सपनों को लील लिया. अधिकारियों की बेशर्मी ने सोचने पर विवश किया है कि ये जीवन भर किस गुनाह की सजा काटेगा?
इस व्यक्ति की 21 साल की बेटी नेहा दीक्षित की शादी होनी थी.
अब अर्थी उठेगी, माँ के साथ.
#कानपुर_देहात
ब्राह्मणों की वास्तुस्तिथि बयान करती यह केवल तस्वीर नहीं बल्कि प्रमाण व तमाचा है उनके मुंह पर जो कहते हैं की ब्राह्मण गरीब नहीं होते उन्हें आरक्षण की आवश्यकता नहीं।
गरीबी जाति या धर्म देख कर नहीं आती परिस्थिति द्वारा निर्मित है जिसका शिकार कोई भी हो सकता है।
दोषी गिरफ्तार हों।