ये हैं दिलीप निषाद,
अपनी व्यथा FB पर डाले हैं,ये सिर्फ इनकी नहीं पूरे obc,sc,st की व्यथा है।
आपको क्या लगता है एकलव्य का अंगूठा अब सुरक्षित है।
नहीं,अभी भी इस भ्रष्ट सिस्टम जैसे द्रोणाचार्य इन एकलव्यों का गला रेतने के लिए जिंदा हैं
@CMOfficeUP@PMOIndia@rashtrapatibhvn@dgpup
ये है स्वतंत्र भारत की लल्लनटॉप तस्वीर...
रुकिए जरा...
ये मुजरिम नहीं हैं भाई, ये पत्रकार हैं जो सत्ता के खिलाफ आवाज उठा रहे थे,सत्ता ने इनका लंहगा उठा दिया रिमोट से...