@khurpenchh ये है उत्तर प्रदेश , नियम कान��न की यहां छूटभाइयों ने ही धज्जियां उड़ा रखी है।
हद है।
नंबर प्लेट नहीं, काली फिल्म, सायरन की आवाज, नामी गुंडे की धुन, नोएडा की सड़क पर कार नहीं, हवाई जहाज।
@khurpenchh @Khurpench_ ।https://t.co/uBoWU4GlJP
किसी भी पार्टी का झंडा लगा लीजिए, फिर न नंबर प्लेट लगाइए, न रुल का पालन कीजिए , पुलिस प्रशासन का भी माजाक उड़ाइए, और ट्र���फिक नियमों की धज्जियां और कार उड़ाइए।
@khurpenchh
@VikasSaraswat Still , Operation part comes under the purview of Operational Staff . Once he affirmed . RPF can't take such action . This does not come under the part of their duties.
If they think such action wrong , they can make complaint but can't take such action on operational staff.
@amitchandel1051@VikasSaraswat भले उसने रिलेटिव के लिए ट्रेन रोकी हो, ऑपरेशन स्टाफ का काम ट्रेन का ऑपरेशन करना है, चाहे 4 बार रोके या 4 घंटे खड़ा रखे
ऑपरेशन स्टाफ चाहे 1 घंटे साइडिंग में ट्रेन रखे, या 1 स्टेशन पहले ट्रेन टर्मिनेट कर दे या 10 मिनिट खड़ी रखे । RPF का अधिकार क्षेत्र है ही नहीं ये।
@mohit_senger@VikasSaraswat हां, चाहे जैसा भी केस हो,RPF को ऑपरेशन मेटर में दखल देने का अधिकार ही नहीं है, चाहे ट्रेन स्टेशन पर चार घंटे खड़ी रहे या चार बार बीच में रोकी जाए। ऑपरेशन स्टाफ का अपना विवेक है, अपनी गाइडलाइंस है। RPF का काम इसमें दखल देना है ही नहीं। न उसका काम है कि ऑपरेशन ने ट्रेन क्यों रोकी।
@VikasSaraswat RPF has no role and also not such operational things in his duty list.
चाहे ट्रेन चार घंटे खड़ी रहे या ��ीच में चार बार रोकी जाए। अगर ऑपरेशन स्टाफ ने एक बार बोल दिया कि उसने रोका है RPF का कोई अधिकार नहीं है ऑपरेशन स्टाफ से सवाल जवाब करने का।
ज्यादा से ज्यादा शिकायत कर सकता है।
@JuliDev23738994@Abhimanyu1305 ट्रेन का ऑपरेशन RPF के ड्यूटी का हिस्सा नहीं है। ऑपरेशन वाले चाहे गाड़ी 4 बार रोके या चार घंटे खड़े रखे । RPF इस सवाल नहीं पूछ सकता । सारे RPF वाले नपेंगे
@Raviraebarely भले स्टेशन मास्टर ने RPF वाले का गला पकड़ा हो, लेकिन RPF की ड्यूटी लिस्ट में नहीं आता है, वो RPF वाले है पुलिस नहीं । वो ऐस�� किसी अपराधी यात्री तक को नहीं पकड़ सकते ।