नेहा बोरा ने आज के विरोध प्रदर्शन और हिरासत से रिहा होने के बाद अपनी गिरफ्तारी के बारे में बात की। उन्होंने कहा, "हम कुत्ते, कीड़े-मकोड़े या जानवर नहीं हैं। हम इस देश के नागरिक हैं, न कि ऐसे लोग जिन्हें गाड़ियों में भरकर कहीं भी ले जाया जा सके।"
इसी स्याही से हम इंक़लाब लिख देंगे..
झारखंड के छात्र अभी भी साथ मिलकर लड़ रहे हैं एक बेहतर कल लिखने के लिए
जो लोग कभी छात्रों के मुद्दे और जीवन के बारे में जाने की कोशिश नहीं कर पाए उनको स्याही का काम कैसे पता होगा