उत्तर प्रदेश में इलेक्शन करीब है,
बहरहाल जिला सिद्धार्थनगर में 59 साल पुराने मस्जिद–मदरसे को 6 बुलडोजर से ढहाया गया।
प्रशासन का दावा है कि यह सरकारी जमीन पर बने थे।
बिहार के गोपालगंज में,
मस्जिद के इमाम मोहम्मद शफीक की चाकू म!रकर हत्या।
उचकागांव थाना क्षेत्र के अरना बाजार स्थित मस्जिद में रात के वक्त वारदात को अंजाम दिए जाने का आरोप है।
सुबह फजर की अज़ान नहीं हुई तो ग्रामीण मस्जिद पहुंचे, जहां इमाम का खून से लथपथ शव मिला।
अब्दुल हफ़ीज़ के पिता ने स्कूल सुधारो अभियान का वीडियो वायरल किया और कथित तौर पर उन्हें पीट-पीटकर मार दिया गया।
आज बेटा अपने पिता के नाम पर सिर्फ एक स्कूल चाहता है।
जहाँ कोई और होता, शायद मुआवज़ा और नौकरी मांगता। लेकिन अब्दुल की मांग अपने पिता की सोच और शिक्षा की विरासत को जिंदा रखने की है।
देश की आज़ादी का तो लंबा इतिहास है। आज़ादी के बाद ही बता दीजिए कि आरएसएस का देश के लिए क्या योगदान है? अलावा नए-नए मुद्दे गढ़ने के, और ‘दूसरों’ को सताए जाने के षडयंत्र करने के आएरएसएस ने कोई कारनामा अंजाम दिया हो तो बताएं! अजमेर ब्लास्ट का सज़ायाफ्ता मुजरिम आरएसएस का स्वयंसेवक है। जासूसी के आरोप में गिरफ्तार डॉ. प्रदीप कुरुलकर आरएसएस के मंच पर व्याख्यान दिया करता था।
आयोजक कब से डिसाइड करने लगें हैं कि किसी धर्म या समुदाय की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाया गया।
जबकि अगर इनकी मंशा ये ना होती तो भोजपुरी गाने पर डांस बिकनी में करवाते या फ़िर कोई परिधान का इस्तेमाल करते।
मैं कई सालों से एयरटेल का सिम यूज कर रहा हूं,
पिछले एक साल से इसके नेटवर्क में सबसे ज्यादा प्रॉब्लम होने लगी है।
बिना WiFi के नेट नहीं चलता।
इनका नेट तो ऐसे चलता है मानो सरकारी नल से पानी निकल रहा हो।
यकीन करिए यूनिवर्सिटी में रहता हूं तो वहां का वाईफाई और घर पर रहता हूं तो घर का वाईफाई इस्तेमाल करना पड़ता है।
मोबाइल कॉल पर बात करनी होती है तो इसका फुल नेटवर्क ढूंढना पड़ता है। जब शहरों में इनके नेटवर्क का यह हाल है तो सोंच के देखिये गांव वालों का क्या हाल होगा।
मैंने तो स्विच करने का प्लान बना लिया है लेकिन पोर्ट किस कंपनी में करवाऊं ये आप लोग बताएं।
स्वतंत्रता दिवस का मंच देश की एकता और भाईचारे का संदेश देने के लिए है, किसी धर्म या समुदाय का अपमान करने के लिए नहीं।
गोंडा के खोदारे स्थित M इंटर कॉलेज में कथित तौर पर छात्राओं को बुर्का पहनाकर भोजपुरी गाने पर डांस करवाने का मामला सामने आया है।
सिंगर विशाल दादलानी हमेशा अपने मुखर बातों के लिए जाने जाते हैं।
मोदी जी के Dimagi Naxal वाले बयान पर उन्होंने अपनी बात रखी।
शेखर सुमन के बाद अगर कोई सबसे ज्यादा आलोचक है तो यही हैं।
इन हिंदू संगठनों को ताजमहल से क्या लेना देना,
ना इनके बाप ने बनवाया है और ना ही इनके दादा ने।
लेकिन कोई भी पर्व हो मुंह उठा कर पूजा करने पहुंच जाते हैं।
बहरहाल CISF ने हिरासत में लेकर मौके को संभाला। भाई तिरंगा पहले अपने घर पर फहराओ।
आज़ादी किसको नहीं प्यारी।
ये सब बिहार के मुस्लिम कारीगर हैं। जो अपने राज्य को तो छोड़कर दूसरे राज्य में कमाने जाते हैं और मोहब्ब्त ए वतन आपमे इतनी की सिलाई मशीनों पर भी तिरंगा लगाए हुए हैं।
पहली बार देख रहा हूं,
की किसी देश का प्रधानमंत्री खुद अपनी कार ड्राइव कर रहा है और खुद दरवाजे खोल कर उतर भी रहा है।
बालेंद्र शाह आप गज़ब हो भाई।
युगांडा वाला तो पहले गुलदस्ता लेता है फ़िर सेल्यूट करवाता है। फ़िर धीरे धीरे नाराज़ फूफा की तरह ऑफिस की तरफ जाता है।