Imagine this was done to Aamir Khan, Kunal Kamra, Swara Bhaskar, Farhan Akhtar, Sonam Kapoor ‘s place while BJP was in power in MH. North Korea se compare krke , UN tak mamla uthaya jata. Weird no big personalities from the Bollywood has anything to say on this.
This country has so many internal and external threats. In my view, no political party other than BJP is patriotic and capable enough to counter these threats. I can't help if my BJP support offends you.
If you're disturbed with today's visuals, then let me take you down memory lane.
Raju Pal had just defeated Atiq's man in bye elections. On 25th January MLA Raju Pal was driving his Toyota, along with a woman in the car.
2 Scorpios were tailing him for sometime. At a suitable 1
Sir, I have actually helped our local vegetable vendor to get mudra loan. He was paying huge interest for a loan of Rs 30000/- he had taken from a local money lender, at almost 10% every month. In Kannada it is called meter baddi.
Today he has access to regular bank & has now increased his loan + business simply based on his turnover.
You sir, should appreciate people like him willing to work more than 12 hrs/day to make ends meet instead of mocking us.
Woman abandons kids & husband after 15yrs of Marriage
I wish Justice D Y Chandrachud sees this video & reflects on his Judgment on Adultery! While law imposes so many legal responsibilities on a man, where are the same responsibilities for women ?
THIS VIDEO IS HEARTBREAKING!
A well-educated couple lost over ₹1,12,00,000 in a FRAUD🤯
They got lured by 'Rating Movies' which would make them easy money🔻
Here's all you need to know about this SCAM and even avoid it. A thread🧵👇
भगवान राम जानते थे कि उनकी मृत्यु का समय हो गया है। वह जानते थे कि जो जन्म लेता है उसे मरना ही पड़ता है। यही जीवन चक्र है। और मनुष्य देह की सीमा और विवशता भी यही है।
उन्होंने कहा... “यम को मुझ तक आने दो। बैकुंठ धाम जाने का समय अब आ गया है।”
मृत्यु के देवता यम स्वयं अयोध्या में घुसने से डरते थे। क्योंकि उनको श्रीराम के परम भक्त और उनके महल के मुख्य प्रहरी प्रभु श्री बाला जी महाराज से भय लगता था। उन्हें पता था कि श्री बाला जी महाराज के रहते यह सब आसान नहीं।
भगवान श्रीराम इस बात को अच्छी तरह से समझ गए थे कि, उनकी मृत्यु को अंजनी पुत्र कभी स्वीकार नहीं कर पाएंगे, और वो रौद्र रूप में आ गए, तो समस्त धरती कांप उठेगी।
उन्होंने सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा से इस विषय मे बात की। और अपने मृत्यु के सत्य से अवगत कराने के लिए श्रीराम जी ने अपनी अंगूठी को महल के फर्श के एक छेद में से गिरा दिया!
और हनुमान से इसे खोजकर लाने के लिए कहा। हनुमान ने स्वयं का स्वरुप छोटा करते हुए बिल्कुल भंवरे जैसा आकार बना लिया... और अंगूठी को तलाशने के लिये उस छोटे से छेद में प्रवेश कर गए। वह छेद केवल छेद नहीं था, बल्कि एक सुरंग का रास्ता था, जो पाताल लोक के नाग लोक तक जाता था। हनुमान नागों के राजा वासुकी से मिले और अपने आने का कारण बताया।
वासुकी हनुमान को नाग लोक के मध्य में ले गए, जहाँ पर ढेर सारी अंगूठियों का ढेर लगा था। वहां पर अंगूठियों का जैसे पहाड़ लगा हुआ था।
“यहां देखिए, आपको श्रीराम जी की अंगूठी अवश्य ही मिल जाएगी” वासुकी ने कहा।
हनुमानजी सोच में पड़ गए कि वो कैसे उसे ढूंढ पाएंगे? यह भूसे में सुई ढूंढने जैसा था। लेकिन उन्हें राम जी की आज्ञा का पालन करना ही था। तो राम जी का नाम लेकर उन्होंने अंगूठी को ढूंढना शुरू किया।
सौभाग्य कहें या राम जी का आशीर्वाद या कहें हनुमान जी की भक्ति... उन्होंने जो पहली अंगूठी उठाई, वो राम जी की ही अंगूठी थी। उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। वो अंगूठी लेकर जाने को हुए, तब उन्हें सामने दिख रही एक और अंगूठी जानी पहचानी सी लगी।
पास जाकर देखा तो वे आश्चर्य से भर गए! दूसरी भी अंगूठी जो उन्होंने उठाई वो भी राम जी की ही अंगूठी थी। इसके बाद तो वो एक के बाद एक अंगूठीयाँ उठाते गए, और हर अंगूठी श्री राम की ही निकलती रही।
उनकी आँखों से अश्रु धारा फूट पड़ी!
' वासुकी यह प्रभु की कैसी माया है? यह क्या हो रहा है? प्रभु क्या चाहते हैं?'
वासुकी मुस्कुराए और बोले,
“जिस संसार में हम रहते है, वो सृष्टि व विनाश के चक्र से गुजरती है। जो निश्चित है। जो अवश्यम्भावी है। इस संसार के प्रत्येक सृष्टि चक्र को एक कल्प कहा जाता है। हर कल्प के चार युग या चार भाग होते हैं।
हर बार कल्प के दूसरे युग मे अर्थात त्रेता युग में, राम अयोध्या में जन्म लेते हैं। एक वानर इस अंगूठी का पीछा करता है... यहाँ आता है और हर बार पृथ्वी पर राम मृत्यु को प्राप्त होते हैं।
इसलिए यह सैकड़ों हजारों कल्पों से चली आ रही अंगूठियों का ढेर है। सभी अंगूठियां वास्तविक हैं। सभी प्रभु श्रीराम की ही है। अंगूठियां गिरती रहीं है... और इनका ढेर बड़ा होता रहा।
भविष्य के रामों की अंगूठियों के लिए भी यहां पर्याप्त स्थान है।”
हनुमान एकदम शांत हो गए। और तुरन्त समझ गए कि, उनका नाग लोक में प्रवेश और अंगूठियों के पर्वत से साक्षात्कार कोई आकस्मिक घटी घटना नहीं थी। बल्कि यह प्रभु श्रीराम जी का उनको समझाने का मार्ग था कि, मृत्यु को आने से रोका नहीं जा सकता। राम मृत्यु को प्राप्त होंगे ही। पर राम वापस आएंगे... यह सब फिर दोहराया जाएगा।
यही सृष्टि का नियम है, हम सभी बंधे हैं इस नियम से। संसार समाप्त होगा। लेकिन हमेशा की तरह, संसार पुनः बनता है और प्रभु श्रीराम जी महाराज भी पुनः जन्म लेंगे।
प्रभु श्रीराम आएंगे... उन्हें आना ही है... उन्हें आना ही होगा |
सादर जय श्री सियाराम | 🙏🙏🚩🚩