जय भवानी सहस्त्रबाहु,
तेरी महिमा है अनुपम।
शिवशक्ति संग जो पधारे,
संकट मिटे सब सुमत।
तेरे हर हाथ में शक्ति समाई,
हर कार्य सध जाए।
तेरी कृपा से बिगड़े काम,
तत्क्षण ही बन जाए।
तेरे रक्षाकवच से बचाए,
सभी संकट दूर भागे।
तेरी भक्ति से मिलेगा,
शिवधनुष वियोग रागे।
अगर राजपूतों ने उसी वक़्त लार्ज स्केल पर कन्वर्जन कर लिया होता तो खुद भी सुखी रहते और ये देश भी इतना बर्बाद नहीं होता
खैर अभी भी वक्त है, और इस बारे में पूरी संजीदगी से सोचने की जरूरत है राजपूतों को
अगर अपना अस्तित्व बचाना है तो इस्लाम स्वीकार कर लेना ही सबसे बेहतर है
बड़े भैया संतोष सिंह सेंगर के निधन पर मेरी गहरी संवेदनाएँ। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें और आप सभी परिवारजनों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति दें।
ॐ शांति। 🙏
बड़े भैया संतोष सिंह सेंगर के निधन पर मेरी गहरी संवेदनाएँ। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें और आप सभी परिवारजनों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति दें।
ॐ शांति। 🙏
माँ तरकुलहा देवी के अनन्य भक्त और गोरखपुर की माटी के गौरव, महान स्वतंत्रता सेनानी बाबू बंधू सिंह के बलिदान दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि।
उन्होंने वीरतापूर्वक अंग्रेजों का प्रतिकार किया। उनका साहस मातृभूमि की अखंडता के लिए हमारी चेतना को सदा स्पंदित करता रहेगा।
हमारे बुजुर्ग क्षत्रियों के बारे में एक बात कहते थे कि ''प्राण जाए,पर वचन न जाए।''
बीएसपी विधायक श्री उमाशंकर सिन्हा जी दुनिया से चले गए,लेकिन विपरीत परिस्थितियों में भी बीएसपी के साथ धोखा नहीं किया और न ही कभी पार्टी छोड़ी।
यही हैं असली क्षत्रिय और क्षात्र धर्म।
We pay tribute to Samrat Anangpal Tomar II (r. c. 1051 – c. 1081 CE), the valiant ruler of the Tomar Rajput dynasty of Delhi.
“On earth there is a country called Hariyana, resembling heaven; there, the city called Dhillika was built by the Tomars.”
We also wish all Tomar rajputs on his Jayanti.
On this day June 24, 1824, about 33 years before the Freedom Struggle of 1857, Kunwar Chain Singh Parmar of Narsinghgarh (a small state of MP) and 41 of his companions fought against the British in Sehore. He was the first one to revolutionize Malwa against the British.
We pay homage to him on his balidan diwas.
His chhatri (cenotoph) lays in Sehore.
राजा मानसिंह (कछवाहा) ने अफ़ग़ानों के 5 क़बीलों पर फ़तह करके अपने ध्वज को पचरंगा किया। बोलना था;राजा मानसिंह या कच्छवाहा आ रहा है,ना कश्मीर में पठान रहते हैं,ना चौहानों का कोई सीधा वास्ता रहा पठानों से। जिनको पठान बहुत प्यारे,वो अफ़ग़ानिस्तान का हाल देखें।
मर्द तो आनंद मोहन है दिखला दिए शेर बूढ़ा नहीं होता ! हम किसी पार्टी के गुलाम नहीं, जो सम्मान देगा उसी के साथ जाएंगे"
बिहार की राजनीति में आनंद मोहन के बयान ने नई हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने नेताओं और राजनीतिक प्रवक्ताओं पर तीखी टिप्पणी करते हुए बड़ा बयान दिया। जो हमारी बात करेगा, हम उसी के साथ जाएंगे!"
UP- बलिया में राजपूतों के सेंगर वंश ने आज अपनी लठ्ठों की पूजा की, परिक्रमा की.
मुगलकाल में सेंगर वंश ने जनता के ऊपर लगे "जजिया टैक्स" को इन्हीं लठ्ठों के बूते मुक्त कराया था. आज के दिन सेंगर वंश के 16 कोस के हजारों लोग लठ्ठों के साथ इकठ्ठा होते है और बलिया के नागपुर रसड़ा में स्थित नाथबाबा के मंदिर की परिक्रमा करते है. आज नाथबाबा की पूजा के दौरान 600 कुंटल रोट का प्रसाद चढ़ाया गया.
रोट आटा, शुगर-मेवा से घी में बनी मोटी मीठी पूड़ी को कहा जाता है. धार्मिक अनुष्ठानों में देवी-देवताओं का रोट से भोग लगाया जाता है. रोट बनाने में पवित्रता बरतने के बहुत कठिन नियम है.