गरीब बच्चे कम सपने नहीं देखते, उन्हें अक्सर कम अवसर मिलते हैं। सरकारी और निजी स्कूलों के बीच सुविधाओं की खाई बताती है कि शिक्षा में समानता अभी अधूरी है। हर बच्चे को बेहतर शिक्षक, सुरक्षित भवन, किताबें, तकनीक और सम्मानजनक शिक्षा मिलना उसका अधिकार है। #SchoolThikKaro
#Schoolthikkaro
बच्चों के हाथ में किताब और भविष्य होना चाहिए, जर्जर स्कूल की दीवारें नहीं। सरकार से सवाल है—वादों से आगे बढ़कर सरकारी स्कूलों की हालत कब सुधरेगी? बेहतर शिक्षक, सुरक्षित भवन, साफ शौचालय, किताबें और सुविधाएँ बच्चों का अधिकार हैं।