ऊपर से नीचे तक सड़े हुए हैं ये! इन्हें नेतागीरी करनी है। इन्हें फर्क नहीं पड़ता कि आरक्षण से क्या होगा, नहीं होगा। ज्ञान साले पूरा दे रहे हैं कि ‘आरक्षण को विस्तार से समझने की जरूरत है’। ये ज्ञान वह संस्था दे रही है जिसने विवेकानंद को त्याग कर अंबेडकर और फुले को अपना नया बाप बना लिया है। @ABVPVoice डूब मरो चुल्लू भर पानी में।
ये दोनों बच्चियां पिछले 7 दिनों से लापता है।
स्थान: प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
थाना: सराय ममरेज
पोस्ट: जंघई बाजार
नाम: निधि पाण्डेय, उम्र 13 वर्ष
नाम: अनन्या पाण्डेय, उम्र 9 वर्ष
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I think it was a bad decision to come back to India. It's time to go back to the US.
There is nothing left in India for the GCs, especially males.
I don't want my 5 year old son to face the harsh realities of the reservation, acts and laws, when he grows up.
If one day, he asks me, why can't he get into the top IIT, but his SC/ST friend can, even with half his marks, and the same economic status, I will have no answer. I guess I will just have to say, it's because we don't care about merit, but representation.
State rejects compensation to Vishnu Tiwari on 'Humanitarian grounds'. In a reply to National Human Rights Commission, the UP govt says spending 20 years in jail in a false case of the SC-ST act was not the case for Human rights violations.
IIT Bombay suicide case is extremely unfortunate.
But if the professor is booked under SC/ST Act, then-
we are setting a very dangerous precedent in our schools and colleges.
यह लाचार आदमी कोई और नहीं IIT Bombay के डायरेक्टर सर हैं, एक वो भी समय था जब IIT Bombay की पूरी दुनियां में धाक होती थी, आज पूरी दुनियां उसी संस्थान पर हँस रही है, मोदी एक्ट ने सब बर्बाद कर देना है
यही वह दृश्य है जहाँ योग्यता, @narendramodi के भीड़तंत्र के समक्ष झुक कर बिछ जाने के सामने, कलम निकाल कर अपनी अंतिम यात्रा का आरंभ कर रही है।
डायरेक्टर केदारे साहब शांत हैं, 18 माँगें हों या 180, वो स्वीकार कर लेंगे क्योंकि @PMOIndia से कारण बताओ नोटिस आ जाएगा कि आपसे एक छोटा सा प्रोटेस्ट नहीं सँभलता, जबकि हमने तिलचट्टों के प्रोटेस्ट में पूरे देश को बताया है कि करना क्या है।
भीड़ ही ‘लोकतंत्र’ का ‘लोक’ है, अतः वह जो भी कहे, वह जाँच से पहले ही कर दीजिए। मुझे थूकने की इच्छा हो रही है किसी के मुँह पर!
सोचिए, आपके पिता आपकी UPSC कोचिंग की फीस जुटाने के लिए बैंक-दर-बैंक लोन के लिए भटक रहे हों, जबकि आपका दोस्त बिना एक पैसा खर्च किए वही तैयारी कर रहा हो।
इससे ज्यादा घटिया व्यवस्था क्या होगी!
UP में आज की तारीख में एक भी सवर्ण नेता नहीं है। अगर होता, तो पिछले कई महीनों से मैं भागीदारी भवन का मुद्दा उठा रही हूँ, जहाँ निःशुल्क आवासीय कोचिंग सिर्फ SC/ST/OBC छात्रों को दी जाती है। लेकिन सबके सब मुँह छुपाए बैठे हैं।
आज मैं तीसरी बार यह ट्वीट फिर से कर रहा हूँ। @PMOIndia 🤷🏻♂️
जामिया फ्री यूपीएससी कोचिंग में
- SC लड़के लड़कियां एडमिशन ले सकती है।
- ST लड़के लड़कियां आ सकती है।
- मुस्लिम लड़के लड़कियां भी एडमिशन ले सकती है।
- फिर OBC और जनरल की केवल लड़कियां ही क्यों?
OBC/EWS और जनरल के लड़के को एडमिशन क्यो नहीं देंगे।
ये कोन सा सामाजिक न्याय है ? 🤷🏻♂️
आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।
साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर 'सब कुछ' पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।
बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि 'असंभव' कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है।
मूर्ख थी जो सोचा था कि कुछ देने आयी हूँ। सच यह है कि सबसे ज़्यादा मैंने ही पाया, और वो कर्ज़ और भी बढ़ता गया। लोग मेरी ख़ुशी में मुझसे ज़्यादा ख़ुश हुए। उन्होंने मुझे तब भी उसी विश्वास से देखा, जब मैं खुद ही थकी या टूटी थी। और इसी ने आगे बढ़ते रहने की हिम्मत दी। इतना प्यार, इतना सम्मान, इतना अपनापन मिला, कि मेरी झोली पूरी भर गयी। और इसमें उन साथियों, अधिकारियों और कर्मचारियों का भी बहुत बड़ा श्रेय है जिन्होंने मेरे कंधे से कंधा मिलाकर काम किया और साथ डटे रहे।
आज आभार से आँखें नम हैं। बस एक दृश्य इनमें बसा है। लहुरिया दह की पहाड़ी की वो वृद्ध माँ, जो अपने गाँव में पहली बार पानी पहुँचता देख कुछ नहीं बोली, बस काँपते हाथों से मेरा सिर छूकर आशीर्वाद दे गई। पद तो आज छूट गया, पर वह स्पर्श जीवन भर नहीं छूटेगा। और वह सपना भी नहीं छूटेगा, जो देश की इस मिट्टी ने मुझे दिया है।
आपकी अपनी,
दिव्या मित्तल
Divya mittal has resigned from IAS.
She was transferred and put on wait list without any posting for nearly 6 months in mirzapur for not inviting MP, MLAs in Jal Pujan ceremony.
🚨 देहरादून पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी का ये वीडियो देखकर खून खौल जाता है।
लड़का बार-बार कह रहा है — “मेरा एकादशी का व्रत है, मम्मी ने रखवाया है।”
फिर भी रैगिंग के नाम पर उसे पीटा जा रहा है, गालियां दी जा रही हैं।
माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ने भेजते हैं, इस तरह अपमानित और पीटे जाने के लिए नहीं।
रैगिंग कोई मस्ती नहीं, गुंडागर्दी है। ऐसे छात्रों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। यूनिवर्सिटी और पुलिस दोनों को जवाबदेह होना चाहिए।
Gareeb kahin ka
Do roti tere pass nahi hai
Behen ke la*de chappal maarungi
Teri maa ka bh**da
Maadarc*od
Maar dungi tujhe
906 se panga mat liyo
You'll not arrest her because she's a woman right @DCPCentralNoida@noidapolice@Uppolice ??? But you have arrested a lot of men when they behave like this