हार्ट अटैक अथवा एंजियोप्लास्टी का आयुर्वेदिक ईलाज...
ये याद रखिये की भारत मैं सबसे ज्यादा मौ ते कोलस्ट्रोल बढ़ने के कारण हार्ट अटैक से होती हैं। आप खुद अपने ही घर मैं ऐसे बहुत से लोगो को जानते होंगे जिनका वजन व कोलस्ट्रोल बढ़ा हुआ हे। अमेरिका की कईं बड़ी बड़ी कंपनिया भारत मैं दिल के रोगियों को अरबों की दवाई बेच रही हैं ! लेकिन अगर आपको कोई तकलीफ हुई तो डॉक्टर कहेगा एन्जीओप्लास्टी करवाओ। इस ऑपरेशन मे डॉक्टर दिल की नली में एक स्प्रिंग डालते हैं जिसे स्टेंट कहते हैं। यह स्टेंट अमेरिका में बनता है और इसका उत्पादक मूल्य सिर्फ 3 डॉलर (रू.150-180) है। इसी स्टेंट को भारत मे लाकर 3-5 लाख रूपए मे बेचा जाता है व आपको लूटा जाता है। डॉक्टरों को लाखों रूपए का कमीशन मिलता है इसलिए व आपसे बार बार कहता है कि एंजियोप्लास्टी करवाओ। कोले��्ट्रॉल , BP या हार्ट अटैक आने की मुख्य वजह है, एंजियोप्लास्टी ऑपरेशन। यह कभी किसी का सफल नहीं होता। क्यूँ की डॉक्टर, जो स्प्रिंग दिल की नली मे डालता है वह बिलकुल पेन की स्प्रिंग की तरह होती है। कुछ ही महीनो में उस स्प्रिंग की दोनों साइडों पर आगे व पीछे ब्लॉकेज (कोलेस्ट्रॉल व फैट) जमा होना शुरू हो जाता है। इसके बाद फिर आता है दूसरा हार्ट अटैक (हार्ट अटैक). डॉक्टर कहता हें फिर से एंजियोप्लास्टी करवाओ। आपके लाखो रूपए लुटता है और आपकी जिंदगी इसी में निकल जाती हैं।
◾अब पढ़िए उसका आयुर्वेदिक इलाज◾
1. अदरक (Ginger Juice) - यह खून को पतला करता है। यह दर्द को प्राकृतिक तरीके से 90% तक कम करता हें।
2. लहसुन (Garlic Juice) - इसमें मौजूद allicin तत्व कोलेस्ट्रॉल व BP को कम करता है।वह हार्ट ब्लॉकेज को खोलता है।
3. नींब�� (Lemon Juice) - इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स, विटामिन 'C' व पोटैशियम खून को साफ़ करते हैं। ये रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ाते हैं।
4. एप्पल साइडर सिरका (Apple Cider Vinegar)- इसमें 90 प्रकार के तत्व हैं जो शरीर की सारी नसों को खोलते है, पेट साफ़ करते हैं व थकान को मिटाते हैं।
इन देशी दवाओं को इस तरह उपयोग में लेवें:-
एक कप नींबू का रस लें;
एक कप अदरक का रस लें;
एक कप लहसुन का रस लें;
एक कप एप्पल का सिरका लें;
चारों को मिला कर धीमीं आंच पर गरम करें जब 3 कप रह जाए तो उसे ठण्डा कर लें; उसमें 3 कप शहद मिला लें. रोज इस दवा के 3 चम्मच सुबह खाली पेट लें जिससे सारी ब्लॉकेज खत्म हो जाएंगी।
आप सभी इस ट्वीट को को ज्यादा से ज्यादा रिट्वीट शेयर फालो प्रसारित करें ताकि सभी इस दवा से अपना इलाज कर सकें..🙏
हड्डियों से आती है कट-कट की आ��ाज ? इस दर्दनाक रोग का है संकेत...
क्या आपको कभी अचानक चलने, उठने और बैठने से घुटनों, कूल्हे और कोहनी की हड्डियों की कट-कट की आवाज आई है? क्या यह हड्डियों से जुड़ी किसी गंभीर बीमारी के लक्षण हैं? बहुत से लोगों को लगता है कि इस प्रकार की आवाज आने का मतलब है कि हड्डियां कमजोर हो चुकी हैं। कई बार लोग इसे जोड़ो से जुड़ा रोग समझ लेते हैं। हम आपको बता रहे ��ैं कि हड्डियों में आने वाली इस तरह के आवाज का क्या मतलब है और इसके क्या नुकसान हैं।जोड़ों में इसलिए आती है आवाज जोड़ों से आने वाली आवाज को मेडिकल भाषा में क्रेपिटस कहा जाता है। क्रेपिटस सामान्य लोगों के जोड़ों को हिलाने-डुलाने पर आने वाली ध्वनि का मेडिकल नाम है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जोड़ों के भीतर रहने वाले द्रव में हवा के छोटे बुलबुले फूटते हैं। इन्हीं बुलबुलों के फूटने से यह आवाज पैदा होती है। कई बार जोड़ों के बाहर मौजूद मांसपेशियों के टेंडन या लिगामेंट्स की रगड़ से भी आवाज सुनाई देती है। ऑस्टियोआर्थराइटिस का संकेत जोड़ों में हल्की चटकने की आवाज आना
ऑस्टियोआर्थराइटिस का संकेत हो सकता है। ऑस्टियोआर्थराइटिस एक तरह का गठिया रोग है, जिसमें हड्डियों के सिरों पर लचीले ऊतकों की संख्या कम हो जाती है। घुटनों के जोड़ों पर मौजूद कार्टिलेज धीरे-धीरे खत्म हो जाता है। जैसे ही क्���तिग्रस्त घुटने का जोड़ गति करता है इससे टूटने या ��टकने जैसी आवाजें आती हैं, जिसे घुटने की चरचराहट कहते हैं। यह आवाजें घुटने में अक्सर होती हैं और आमतौर पर दर्द नहीं देतीं। बच्चों की हड्डियों में आने वाली आवाज से न डरें अगर किसी बच्चे या किशोरावस्था में हड्डियों से कट-कट की आवाज आ रही है और उसकी हड्डियों में कोई दर्द या परेशानी का अनुभव नहीं हो रहा है तो परेशानी की कोई बात नहीं है। इसका मतलब यह नहीं कि बच्च्चे की हड्डियां कमजोर हैं या उसके शरी��� में कैल्शियम की कमी है। हड्डियों से कट-कट की आवाज आने का मतलब है कि उसकी हड्डियों में वायु अधिक है। इस वजह से हड्डियों के जोड़ों में एयर बबल्स बनते हैं। और टूटते हैं। जिसकी वजह से हड्डियों से कट-कट की आवाज आती है।
◾हड्डियों की आवाज से ऐसे पायें छुटकारा -
1. मेथी का दाने अगर आपको अक्सर यह समस्या होती है, तो जैसा हमने बताया यह गठिया का या हड्डियों के जोड़ों में लुब्रिकेंट की कमी का संकेत हो सकते ��ैं। इसलिए इससे समय पर राहत पाना बहुत जरूरी है। इसके लिए आप कई घरेलू उपाय ट्राई कर सकते हैं। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए रात को आधा चम्मच मेथी दाना पानी में भिगो दें और सुबह मेथी दान���ं को चबा-चबा कर खाएं। उसके बाद पानी पी लें। इससे हड्डियों के बीच एयर बबल्स की समस्या खत्म हो सकती है।
2. सोंठ वाला दूध -कई बार आवाज आने के मतलब हड्डियों के जोड़ों में लुब्रिकेंट की कमी का संकेत हो सकता है। अक्सर देखा जाता है कि ज्यादा उम्र के लोगों की हड्डियों से कट-कट की आवाज आती है और दर्द होता है। इससे छुटकारा पाने के लिए और कैल्शियम की पूर्ति के लिए एक गिलास दूध में एक चौथाई चम्मच सौंठ डालकर ��बालें ओर उसमे थोड़ी सी हल्दी मिलाकर हल्का कुनकुना रहने पर इसका सेवन करें। इसके अलावा एक कटोरी ताजा दही में एक चम्मच शहद मिलाकर लगातार एक महीने तक सेवन करने से हड्डियां फौलाद की तरह मजबूत और सख्त हो जाती है...
आपके घर का एवं आपका शुभ मंगल कैसे हो?
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1.घर के मुख्य द्वार पर सूखे फूल, पत्ते, हटा दें। इसका मतलब यह है कि घर में शुभ ऊर्जा के प्रवेश में हटाने से कोई बाधा नहीं आती है।
2. घर के सभी कमरों में घड़ियां उत्तर या पूर्व की दीवार पर लगानी चाहिए ताकि घड़ी देखते समय हमारा मुख पूर्व और उत्तर या शुभ दिशा की ओर रहे।
3. बेहतर स्वास्थ्य के लिए उत्तर दिशा की ओर पैर करके सोएं, यानी आर्थिक, मानसिक और शारीरिक प्रगति अच्छी होगी।
4. बिस्तर के सामने दर्पण या दर्पण वाली अलमारी न रखें। इससे शरीर में ऊर्जा की हानि होती है और बीमारियाँ बढ़ती हैं।
5. घर में सुखी-समृद्ध जीवन के लिए टूटे हुए दर्पण, टूटे हुए खिलौने, टूटे हुए फर्नीचर आदि। वस्तु क��� भंडारण न करें.
6. भरपूर तरक्की और सफल सक्रिय जीवन के लिए घर में बंद घड़ियां नहीं रखनी चाहिए।
7. सोते समय बिस्तर घर की दक्षिण या पश्चिम दिशा में होना चाहिए, इसका मतलब अच्छा स्वास्थ्य और समृद्धि है।
8. घर के 25 से 60 वर्ष के कमाने वाले व्यक्ति को उत्तर दिशा की ओर पैर करके सोना चाहिए। उत्तर दिशा प्रगतिशील है अत: कोई भी कार्य उत्तर दिशा की ओर मुख करके करें।
"Sir, how to cross the 100 marks barrier in UPSC Mains for GS?"
I used to ask this question to my teachers as an aspirant.
Now that I am on the other side, I want to help aspirants from what I have learnt
One of the things I learnt was to make short notes on the topics of the SC judgements
I am sharing the SC Cases on Investigative agencies for GS2 and will share more in the coming posts.
Save this post in your bookmarks and read the cases below
1. Directorate of Enforcement vs. Deepak Mahajan (1994)🕵♂
- SC clarified:
ED has authority to initiate and conduct investigations independently, separate from other law enforcement agencies
2. State of Karnataka vs. Union of India (2018)🏛
- SC upheld:
Validity of PMLA and provisions to empower ED to investigate money laundering offences
3. Vineet Narain vs. Union of India (1997)🔎
- SC directed:
Measures to ensure independence & autonomy of CBI
This case is also known as CBI autonomy case.
It is so because it laid down guidelines to protect the CBI from political interference and ensure effective investigation of corruption cases.
4. CBI vs. Braj Bhushan Prasad (2001)🌐🔗
- SC ruled:
Authority of CBI to investigate and prosecute offences committed outside India if they have link to offences committed within India
5. Vijay Madanlal vs Union of India(2022)✍
- SC upheld the powers of ED to summon, arrest & raid
- Empowers ED officials to record statements on oath from anyone
- It is admissible in court, unlike statements or confessions made to the police
6. Haradhan Saha vs. State of West Bengal (1975)
The Supreme Court held that preventive detention under the NSA must meet the requirements of reasonableness and procedural safeguards.
It emphasised that preventive detention should be used sparingly and only in cases where there is a real and immediate threat to national security
7. D.K. Basu vs. State of West Bengal (1997)
The Supreme Court emphasised the importance of safeguarding the rights of arrested persons and laid down guidelines to prevent custodial violence and ensure the protection of human rights during the investigation process
For the posts that you will see next from my notes, follow @SuperKarthikk and Retweet this tweet
History is a mystery; I need help for mastery
This was what an aspirant asked via email last week.
She was struggling with Modern History and sought tips
In this post, I won't tell you what to do but I will tell you what I did!
What I did to tackle modern history for #UPSC👇
1. I started with Bipin Chandra
Why?
I wanted an idea on Story based Timeline in my mind
Bipin Chandra gave me exactly that. A story of history!
Once I had the Timeline right in my memory, I was set for the next step.
2. Next step: Old NCERTs
I used this to equip myself with basic facts.
However, considering #Prelims situation, it was not enough. So?
3. So, SPECTRUM
It is a good book to cover facts and I highlighted those factual nuggets! Why?
It helped me revise easily before Prelims.
Did I mention the chapter summaries towards the end are gold?
I will share one more such gold tomorrow: Super Tips for Ancient & Medieval
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हिमाद्रि तुंग शृंग से प्रबुद्ध शुद्ध भारती
स्वयं प्रभा समुज्ज्वला स्वतंत्रता पुकारती
'अमर्त्य वीर पुत्र हो, दृढ़- प्रतिज्ञ सोच लो,
प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो, बढ़े चलो!'
~ जयशंकर प्रसाद
#KargilVijayDivas
Section 16(2)(c) Supplier not deposit tax और Section 16(4) ITC availed after Sept के ये इतने सारे केस है अभी दिल्ली High Court में, जिसको अब एक साथ कर दिया है और फ़ैसला कब आएगा, वो तो भगवान जाने - For GST Update, Join this Group https://t.co/DB8tlfMZ0l
Shri Rajnish Kumar, IDAS, CGDA has approved the release of 3073 dossiers of Auditors to various field Offices of Defence Accounts Department. It is a great step towards strengthening of the workforce in the Department.
"Success should depend on Hard Work not on Luck",
Balanced exam should be conducted & it's possible only through single shift-exam atleast in mains.
So, our humble request from Government to make order to conduct CGL-2020 Mains paper in Single-shift
#cgl_mains_in_single_shift