ये आदमी जो जूता पौलीस कर रहा है
खूद के मर्जी का मालिक है,
उस पत्तलकार से कही बेहतर है जो अपना इमान धर्म बेच के देश के साथ गद्दारी और किसी पार्टी की गुलामी कर रहा हो.
@1VaishaliMishra सऊदी की आतिशबाज़ी को “दीपावली” बताने वाले वही हैं जो हर रोशनी में अंधेरा ढूंढ लेते हैं।
पहले सच जान लो, फिर मुसलमानों की “नाजायज़ औलादें” बताने चलना — वरना असल में #झूठ की औलाद कहलाओगे। और लोग तुम्हारा तशरीफ भी लाल करेंगे... अब RR मत करना यहा...
असम में मुसलमान बढ़ते उत्पीड़न और नफ़रत का सामना कर रहे हैं, फिर भी दुनिया खामोश है।
उन्हें रोहंगिया और बंग्लादेशी बोल कर उनके घरों पर बुल्डोजर चलाया जा रहा है। #JusticeForAssamMuslims
वॉयरल वीडियो गाजा का नहीं असम का बताया जा रहा है। यहां पर मुसलमानों के घरों को अवैध बता कर उन्हें बुलडोज़ कर दिया गया है।
#JusticeForAssamMuslims
https://t.co/05598VeL22
असम में हज़ारों मुस्लिम परिवारों को बेघर कर देना, न इंसाफ़ है, न इंसानियत।
ये सरकार की नहीं, हमारे संविधान की हार है।
हमारे बच्चों से उनका आशियाना, हमारी माँओं से उनकी मस्जिदें छीनी जा रही हैं — और ये सब किस आधार पर?
AIMIM हर मज़लूम के साथ है।
हम सवाल पूछेंगे, लड़ेंगे और आख़िरी इंसाफ़ तक खामोश नहीं बैठेंगे।
#JusticeForAssamMuslims
असम के मुसलमान आज परेशान हैं बेबस हैं अगर आज भी आप उनकी आवाज नहीं उठाते तो मार करना ना आप के अंदर इंसानियत है और ना आप मुस्लमान हैं।
#JusticeForAssamMuslims
अगर मैं आपसे पूछूं ईरान और अरब देशों में क्या फर्क है तो आपका जवाब क्या होगा?
मेरा जवाब तो स्पष्ट है!
ईरान में बाकायदा एक नस्ल को संघर्ष के लिए तैयार किया जाता है!
वहीं दूसरी तरफ तमाम अरब देशों में अय्याशी की वह प्रकाष्ठा है कि सामने पड़ा पानी भी खुद उठा कर नहीं पीते है!
बाकि भावना आहत के लिए अग्रिम 🙏🏻
@khurpenchh@firstbiharnews 22 का हो या 25 का
क्या मतलब है बिना हेल्मेट है तो ये गुंडे लठ भांजेगे जनता पर...किसने हक दिया इन गुंडों को...पलट कर जनता रेल दे तो कानून खतरे में है...का रोना शरू...कारवाई होनी चाहिए...
साहब... लाठी तो ऐसे भांज रहे है... मानो बिना हेलमेट का चालक नहीं कोई आतंकवादी पकड़ लिया हो , बिना हेलमेट का चालान हो सकता गाड़ी सीज हो सकती है , लठ बजाने का अधिकार किसने दिया ,,,