आध्यात्मिक चिंतक!! राजनैतिक विचारक!! घोर नारीवादी !! सामरिक मामलों के जानकार!! आर्थिक रणनीतिकार!! चीन - पाकिस्तान विशेषज्ञ!! अल्पकालिक कवि-पूर्णकालिक बेरोजगार!!
Poverty line in india is set at 4.2 dollars a day, i.e. 12000 inr or 36000 pkr.
Poverty line in pakistan 8500 pkr per month which is 283 pkr per month or just over 1 USD.
India has set it's poverty line 4x higher and still has less than half the poverty. That is reality.
ये किसी जाती तक सिमीत नही है, हमारे यहां मिथिला मे दामाद प्रजाति के लिए ये व्यवस्था किया जाता है, अब भाई @AnilYadavmedia1 तुम्हारे ससुराल मे भूंजा खिलाकर भेज दिया जाता है, तो इसमे इनका क्या कसूर , बंगाल मे जमाई षष्ठी नाम से एक त्योहार मनाया जाता है , कभी ये सब भी पढ लिया करो।।
Brits are a weird bunch. They won't let Vaibhav use the senior team's dressing room because child protection and shit but serve their underage girls on a platter for pakistani muslims
@SaketGokhale For all those making fun, I’m a man of 80+ years, this was an oversight on my part due to my age. I have huge respect for our PM and feel that he is the best choice we currently have for running the country!
Chinese were saying that Indian X had no impact.
Here's David Zhang with 1.43 Mn subscribers on YouTube doing a video on 🇨🇳 Caste System & credits Indian X for starting this topic.
Now SM is full of results on this topic 😂😭
Never mess with
🇷🇺 in Winter
🇮🇳 on Twitter
Pakistani accounts initially claimed that this was a female Indian pilot. When that narrative fell apart, it was quietly swept under the rug, apparently in the hope that people would forget.
In reality, the image was of a Pakistan Air Force aircraft that had been shot down by India inside POK.
Anukul Roy is currently 27. In the old photo, Vaibhav clearly looks around 7–8 years old, which lines up with his official DOB (27 March 2011).
So this photo was taken in 2018:
Vaibhav’s age in 2018 ≈ 7.25 years
Add 8 years → ≈ 15.25 years in 2026
That matches his current age of 15 perfectly. The timeline, official DOB, and Anukul’s age all align with the photo. There is no age fraud. 🤷🏻♂️
अभी तक सभी लोग यही जानते थे कि "कोलकाता के कसाई" सुहारवर्दी के नाम पर कोलकता में सड़क है.
अब वह चाचा था कि भतीजा, मामा था कि भांजा ये फालतू बहस है.
कोलकाता में सुहारवर्दी परिवार के नाम पर कुछ नहीं रहना चाहिए.
लोक कथाओं में यही रह जाएगा कि आजादी के कई दशक बाद एक ऐसी सरकार पश्चिम बंगाल में बनी जिसने कोलकाता के कसाई सुहारवर्दी का नाम मिटा दिया.
भविष्य में भी किसी की हिम्मत नहीं होगी कि सुहारवर्दी का नाम वापस ले आए.
You'll never find people posting photos of Indians committing crimes. It's usually pictures of them walking in a garden, buying groceries or taking care of their families.
आठ वर्ष पूर्व हमारें यहाँ एक भूमिहार RTI एक्टिविस्ट की हत्या हुई थी। जब RTI एक्टिविज्म पीक पर था तब वह सरकारी कार्यों पर RTI डाला करते थे। कोई पुत्र नहीं था , सामाजिक और गर्म मिज़ाज आदमी थे। ख़ुद के भाई से भी ज़मीनी विवाद था।
हालाँकि एक अफ़वाह यह भी थी कि RTI डाल के बाद में वह पचास हज़ार - लाख रुपये में डील कर लेते हैं। मगर फिर भी वह पचास के आसपास जनकार्यों के मुकदमे लड़ रहे थे।
उनके RTI के वजह से प्रखंड के शिक्षा विभाग में उथल-पुथल मचा हुआ था। कई सारे नियुक्त शिक्षकों को नौकरी गंवानी पड़ी थी। कई राशन डीलरों के लाइसेंस कैंसिल हुए थे।प्रखंड के ढेर सारे मुखिया सब के ऊपर भी उन्होंने RTI डाला हुआ था।
मृत्यु के पंद्रह दिन पहले उनके भाई से झगड़ा हुआ और भाई घर में घुसकर उनके कागजातों की सारी फाइल्स लेकर भाग आया। वह FIR का प्रयास करते रहे लेकिन थानाध्यक्ष और डीएसपी पंचायती बैठा के मामला को हल कर पर अड़े रहे। अंततः उन्हें फाइल नहीं मिली।
फाइल नहीं मिला तो उन्हें खतरे का अंदेशा होने लगा। एक नेवता में घबराये हुए लग रहे थे तो कुछ करीबी लोगों ने कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि मेरा हथियार ले लिया है सब, अब कभी भी मेरी हत्या हो सकती है।
उसी शादी के न्योता से लौटते हुए अगले दिन उनकी हत्या हो गई। पत्नी ने कहा कि हत्या सुनियोजित ढंग से हुई इसमें पहले थानाध्यक्ष की मिलीभगत से घर से फाइल निकलवाया गया और बाद में गोली मरवा दी गई।
मरने पर हंगामा हुआ , कई लोगों पर नामजद FIR हुआ। उनकी मूर्ति उनके ही ज़मीन में बना दी गई। आज वे सभी नामज़द अभियुक्त जेल से बाहर हैं और सामान्य जीवन जी रहे हैं। थानाध्यक्ष - डीएसपी भी किसी और जगह बैठकर ऐश कर रहे होंगे।
भोजपुर की घटना पर पूर्व विधायक राजन तिवारी ने सिटी लाइव पे कहा है कि भरत तिवारी जब एसडीएम के यहाँ जब अपने गांव की माँग को लेकर पहुंचा तो एसडीएम ने उससे अभद्र व्यवहार किया। उसके बाद उसने ईगो में आकर असलहा ख़रीदा।
लोग सही बता रहे हैं कि उसका असलहा ख़रीदना , पुलिस पर फायर खोलना ग़ैर-क़ानूनी कृत्य है। मगर एसडीएम का जनता से दुर्व्यहवार करना कौन सा संवैधानिक कृत्य है? अगर वह उनके ऑफिस की मर्यादा ही तोड़ रहा था तो संवैधानिक रास्ते तो यही बताता है कि एसडीएम को FIR दर्ज कराना चाहिए था बजाय उसके साथ अभद्रता करने।
दरअसल यूपीएससी और पीएससी के परिणाम के जश्न के नाम पर हम हर साल संविधान पढ़के देश को दीमक के तरह चूसने वाले गुंडे पैदा कर रहे हैं। जबतक इन दीमकों का स्थाई इलाज नहीं होता तबतक कहीं से कोई युवा फ्रस्ट्रेट होकर भरत तिवारी बनने को निकलता रहेगा। अपनी आवाज अंग्रेजों से लड़ने वाले क्रांतिकारियों में ढूंढता रहेगा। इस को रोकना है तो स्टेट को किसी भरत तिवारी से नहीं ऐसे दीमकों से बचने का उपाय ढूँढना पड़ेगा।
आज़ादी के पचहत्तर वर्ष हो गए, अब तो नागरिक को नागरिक समझों सालों। तुम्हारे पास पॉवर है तो ईगो दिखाओगे और जिस दिन पॉवरलेस आदमी अपना ईगो दिखाने लगेगा। वह तुम्हें सनकी लगने लगेगा।
हिंदू धर्म एक ऐसा मकान है, जिसमें बाहर जाने का दरवाजा है. अंदर आने का नहीं. और उससे भी बड़ी समस्या है मांस-मछली के प्रति अपमान का भाव. इससे धर्म कमजोर होता है. ज्यादातर हिंदू मांस-मछली-अंडा खाते हैं.
जिन्ना का परिवार हिंदू वैश्य जाति था. मछली बेचने के कारण उनको धर्म और बनिया जाति से निकाल दिया गया. बिजनेस बड़ा था. छोड़ नहीं सकते थे. मजबूरी में मुसलमान बन गए. वापसी की कोशिश की तो लोग माने नहीं.
भारत के ज्यादातर ईसाई और मुसलमान फिर से हिंदू बनना चाहते हैं. हिंदू धर्म उदारता तो दिखाए. अंदर आने का दरवाजा खोले. विदेशी धर्म में कोई नहीं रहना चाहेगा.
For those wondering Mr. Aakash hails from Rewari, Haryana which looks like this even in 2026.
It makes sense why stepping out of his district felt like stepping into the next century.