हम आंह भी करते हैं तो हो जाते हैं बदनाम
वो क़त्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता।
ہم تیری ہی عبادت کرتے ہیں اور تجھ سے ہی مدد مانگتے ہیں۔
अपनी क़यादत
#TM#CT
जब जमीन पर उतरना मसले का हल नहीं है तो ये सब जमीन पर क्यों हैं।
और अगर जमीन पर उतरना मसले का हल है तो ये जौहर यूनिवर्सिटी के लिए क्यों नहीं उतर रहे हैं।
#संसद_मार्च
मुहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का मामला भी शिक्षा से जुड़ा हुआ है, इसके बावजूद सपा सांसद ना उसका जिक्र कर रहे हैं, और ना ही उनके हाथ में जौहर यूनिवर्सिटी के नाम की कोई तख्ती है..!
खान सर आज एक नए अवतार में नजर आ रहे हैं। 🔥
तीन-तीन खुशियां एक साथ मिली हैं।
पहली 40 दिन की कानूनी लड़ाई के बाद आखिर एक निर्दोष को निर्दोष साबित करना पड़ा।
दूसरी Re-NEET में उनके छात्रों ने शानदार कामयाबी हासिल की।
और तीसरी...
ये वीडियो देखने के बाद खान सर के "ससुराल पक्ष वाले" जरूर थोड़ा दुखी हो जाएंगे। 🤭
#Khansir #Raushanyadav
जंतर-मंतर पर अनशन/आंदोलन शिक्षा का मुद्दा है और "जौहर यूनिवर्सिटी" किससे जुड़ा मुद्दा है?
ऐसी दोगलापन सियासत से अब्दुल दूर रहो वरना नोटिस तुम्हारे नाम से आएगा और बुल्डोजर तुम्हारे मकानों पर चलेगा। परिवार तुम्हारी सड़क पर आ जाएगी। कोर्ट कचहरी के चक्कर में अपनी जिंदगी बर्बाद करोगे और बच्चों का मुस्तकबिल हाशिए पर चला जाएगा।
कुल मिलाकर अब्दुल आपका नुकसान है।
जंतर-मंतर पर अनशन/आंदोलन शिक्षा का मुद्दा है और "जौहर यूनिवर्सिटी" किससे जुड़ा मुद्दा है?
ऐसी दोगलापन सियासत से अब्दुल दूर रहो वरना नोटिस तुम्हारे नाम से आएगा और बुल्डोजर तुम्हारे मकानों पर चलेगा। परिवार तुम्हारी सड़क पर आ जाएगी। कोर्ट कचहरी के चक्कर में अपनी जिंदगी बर्बाद करोगे और बच्चों का मुस्तकबिल हाशिए पर चला जाएगा।
कुल मिलाकर अब्दुल आपका नुकसान है।
These people were pro BJP and anti Muslim and hate base ideology proponents
They only wanted resignation of DP (education minister)
So Muslims should away from these fraudsters
अभी कुछ वीडियो देखा जिसमें हज़ारों की संख्या में GEN Z प्रदर्शन कर रहे हैं, ऐसा लग रहा है कि आंदोलन बढ़ता जा रहा है, सरकार अगर ज़्यादा बल प्रयोग करेगी तो युवाओं का गुस्सा और ज़्यादा बढ़ जाएगा, ये भीड़ मुसलमानों की नहीं है जो सरकारी कार्यवाही पर हर तबके का समर्थन मिल जाएगा !
अब देखना दिलचस्प होगा कि दिल्ली पुलिस का मिज़ाज इस बार क्या रहता है। जामिया में भी बच्चे, ख़वातीन और बुज़ुर्ग थे। वो भी संसद की जानिब पैदल मार्च के लिए निकले थे, मगर उन पर लाठियाँ बरसीं, यहाँ तक कि लाइब्रेरी में भी घुसकर मारा गया। देखते हैं, इस बार रवैया वही रहता है या बदलता है।
If the protest over NEET is considered an issue of education, then the bulldozer action against "Jauhar University" is also an issue concerning an educational institution. In that case, why should there be selective sensitivity when it comes to education? Educational issues should be viewed with the same standard, regardless of which institution is involved.
If the protest over NEET is considered an issue of education, then the bulldozer action against "Jauhar University" is also an issue concerning an educational institution. In that case, why should there be selective sensitivity when it comes to education? Educational issues should be viewed with the same standard, regardless of which institution is involved.
जो लोग दिल्ली पुलिस के नाम पर "हम तुम्हारे साथ हैं" कह रहे थे, वो अब अपनी ही दवाइयों का परीक्षण कर रहे हैं
ये भी छात्र थे, लेकिन उनके साथ कोई नहीं था 👇
#JamiaProtests
हमने दिसंबर 2019 और जनवरी 2020 कड़ाके की सर्दी में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के निहत्थे छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई देखी। अपने भाई-बहनों को ज़ुल्म का शिकार होते देखा, और शाहीन बाग़ में प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलने की घटनाएँ भी देखीं। हमने यह भी देखा कि शाहीन बाग़ में बैठी हमारी माँ-बहनों के चरित्र पर मीडिया के एक हिस्से में सवाल उठाए गए और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई।
उसी दौर में हमने ऐसे लोगों को भी देखा जो "दिल्ली पुलिस, लठ बजाओ, हम तुम्हारे साथ हैं" जैसे नारे लगा रहे थे। और हमने यह भी देखा कि अनेक लोग, जो स्वयं को अमन-पसंद कहते थे, हमारी तकलीफ़ों और बर्बादियों के समय खामोश तमाशबीन बने रहे। उनकी यह ख़ामोशी भी उस दौर की एक कड़वी हक़ीक़त थी, जिसे भुलाया नहीं जा सकता।
#ShaheenBag