"पुत्र मोह में अंधे मैंने सिर्फ दो लोगों को देखा है—एक धृतराष्ट्र और दूसरे नितिन गडकरी
पूरा देश इनको कोस रहा है, लेकिन इस आदमी को कोई फर्क नहीं पड़ता है
#रीओपन_क्यो?
1.लाखो विद्यार्थी वंचित है दुबारा जल्दी से भर्ती नहीं आएगी
2.छात्रो को पहले से पता हो कि पद इतने है या हो सके है तो विद्यार्थी उस हिसाब से रणनीति बनाकर तैयारी करता ह
3.विज्ञप्ति आयी थी उस दिन के नियम के हिसाब से 50% अधिक पद बढ़ने पर रीओपन
#2nd_ग्रेड_फॉर्म_रिऑपन_किजिए
@VinodJakharIN#फार्म_री_ओपन_क्यों_होने_चाहिए
1.लाखो विद्यार्थी वंचित है दुबारा जल्दी से भर्ती नहीं आएगी 2.छात्रो को पहले से पता हो कि पद इतने है या इतके हो सके है तो विद्यार्थी उस हिसाब से रणनीति ���नाकर तैयारी करता है
3.विज्ञप्ति आयी थी उस दिन के नियम के हिसाब से 50% से अधिक पद बढ़ने पर रीओपन..
राजस्थान में वरिष्ठ अध्यापक (द्वितीय श्रेणी) भर्ती-2025 में 4037 पद बढ़ाकर कुल 10,537 कर दिए गए हैं, जो 50% से अधिक वृद्धि है। ऐसे में नए B.Ed. योग्य अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर नहीं दिया जा रहा, जो समान अवसर के सिद्धांत के विपरीत है।
पद वृद्धि के साथ कई नई श्रेणियों में भी पद जोड़े गए हैं। पहले भी 50% से अधिक पद वृद्धि पर आवेदन पुनः खोले जाते रहे हैं। यदि आवेदन Re-open नहीं हुए, तो लगभग 1 लाख नए योग्य अभ्यर्थी इस भर्ती से वंचित रह जाएंगे।
राजस्थान सरकार एवं RPSC से मांग है कि वरिष्ठ अध्यापक भर्ती-2025 के आवेदन तत्काल Re-open किए जाएं तथा सभी पात्र अभ्यर्थियों को समान अवसर दिया जाए।
युवाओं की आवाज दबाने से नही ,न्यायपूर्ण निर्णय लेने से मजबूत होती हैं ।
@RajCMO@rajeduofficial
⚠️घंटा फोर्म री ओपन होंगे⚠️ आप *एक दुसरे को सपोर्ट* तो कर नहीं रहे रिपोर्ट करो एक दुसरे को फोलो करो एकता होगी तब सरकार मो झुकना पड़ेगा🚨 करके देखो जल्द हि फोर्म री ओपन होगे
@rpsc#RPSC_सैकेंड_ग्रेड_शिक्षक_भर्ती_फॉर्म_रिओपन_करो
हम अपने सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं और इसमें परिवार की गाढ़ी कमाई लगती है, लेकिन फिर पेपर लीक हो जाता है.
मोदी सरकार ने हमारे भरोसे की धज्जियां उड़ा दीं हैं. असल में नरेंद्र मोदी को देश और छात्रों की परवाह ही नहीं है.
कोटा, आप कमाल थे।
यकीन मानिए, कल हमने मिलकर इतिहास की शुरुआत की।
हज़ारों छात्र मैदान में थे, लाखों लोगों ने ऑनलाइन देखा - और देश को पहली बार खुलकर पता चला कि शिक्षा के नाम पर कितनी बड़ी वसूली चल रही है।
लेकिन यह तो सिर्फ़ शुरुआत है। कोटा में जो लौ जली है, उसे अब पूरे देश में बदलाव की मशाल बनाना है। और इस सफ़र में आपकी जगह तय है।
���पने सुझाव भेजिए। Petition पर अभी Sign कीजिए।
#ChhatronKiGoonj
पहले इसका जवाब दो।
UPSC की तैयारी कर रहे छात्रों ने NSUI दफ्तर पर आकर उनकी मांग हमारे सामने रखी कि उन्हें शंका है कि UPSC पेपर के 82 सवाल हूबहू एक कोचिंग के कंटेंट से आए है इसके लिए उन्होंने हमें अनंतम कोचिंग के वेब पेज के सबूत भी दिखाए जो वे लोग प्रिंट कर के लाए थे। हमनें उनकी बात सुनी और उस मामले को समझकर ही वीडियों डाला कि यह शंका है जिसको लेकर UPSC को जवाब देना चाहिए व उस कोचिंग से भी यह पूछना चाहिए कि यह किसके कहने पर हुआ ? हमनें यह नहीं कहा कि पेपर लीक हो गया हमनें कहा कि छात्रों की यह शंका है क्योंकि उन्हें सिस्टम पर भरोसा ही नहीं रहा।
क्या कोचिंगों द्वारा छात्रों को गुमराह करने का व्यापार चलाया जा रहा है कुछ कोचिंग संस्थान अपना विज्ञापन करने के लिए भी ऐसे हथकंडे अपनाते है।
सरकार पहले इनकी जाँच कर लें।
हमारे पास अगर छात्र समस्या लेकर आएंगे कि सिस्टम पर उनका विश्वास खत्म हो चुका है उन्हें यह आशंका है तो हम आवाज उठाएंगें आप पदों पर बैठे है, जिम्मेदारी ले रखी है यह आपका कर्तव्य है कि इन मामलों की डिजिटल फोरेंसिक व लीगल जाँच करवाएँ व सच सामने लाएं।
सिस्टम सुधारने तक ��ह लड़ाई जारी रहेगी।
पहले इसका जवाब दो।
UPSC की तैयारी कर रहे छात्रों ने NSUI दफ्तर पर आकर उनकी मांग हमारे सामने रखी कि उन्हें शंका है कि UPSC पेपर के 82 सवाल हूबहू एक कोचिंग के कंटेंट से आए है इसके लिए उन्होंने हमें अनंतम कोचिंग के वेब पेज के सबूत भी दिखाए जो वे लोग प्रिंट कर के लाए थे। हमनें उनकी ब��त सुनी और उस मामले को समझकर ही वीडियों डाला कि यह शंका है जिसको लेकर UPSC को जवाब देना चाहिए व उस कोचिंग से भी यह पूछना चाहिए कि यह किसके कहने पर हुआ ? हमनें यह नहीं कहा कि पेपर लीक हो गया हमनें कहा कि छात्रों की यह शंका है क्योंकि उन्हें सिस्टम पर भरोसा ही नहीं रहा।
क्या कोचिंगों द्वारा छात्रों को गुमराह करने का व्यापार चलाया जा रहा है कुछ कोचिंग संस्थान अपना विज्ञापन करने के लिए भी ऐसे हथकंडे अप��ाते है।
सरकार पहले इनकी जाँच कर लें।
हमारे पास अगर छात्र समस्या लेकर आएंगे कि सिस्टम पर उनका विश्वास खत्म हो चुका है उन्हें यह आशंका है तो हम आवाज उठाएंगें आप पदों पर बैठे है, जिम्मेदारी ले रखी है यह आपका कर्तव्य है कि इन मामलों की डिजिटल फोरेंसिक व लीगल जाँच करवाएँ व सच सामने लाएं।
सिस्टम सुधारने तक यह लड़ाई जारी रहेगी।