Good points.
Being high in sugar and salt content raises separate questions but the problem in branding is even more evident: if the taste is desi, the roots are Indian and the pride is “Born in India, Loved by India,” why call it “Lahori”?
Jab swaad apne desh ka, toh naam “Lahori” kyun?
कृपया मुझे इस बात पर भावनात्मक ब्लैकमेल न करें कि मोदी जाएगा तो राहुल आ जाएगा, योगी जाएगा तो अखिलेश आ जाएगा। इस दोनों परिस्थिति की चिंता भाजपा को करनी चाहिए कि इनके आने से इनका क्या होगा। इन नेताओं और पार्टी पर ऐसे लोग कैसे-कैसे प्रतिबंध डालेंगे।
मैं इन बातों का लोड नहीं लेता क्योंकि मेरे लोड लेने, या ना लेने, से कोई अंतर नहीं पड़ता। मैं सामान्य वर्ग के अधिकारों के लिए लड़ता रहूँगा। कल को कोई ऐसी पार्टी आई जो, आप जैसा कह रहे हैं की बदतर बना देगी, तो उस से सड़कों पर निपट लेंगे। उनको वैसे भी सड़कों की क्रांति पर ऑर्गैज़म आ जाता है।
आपसे तो केवल शब्दों से लड़ रहे हैं। यदि किसी को यह भ्रम है कि सवर्णों का रक्त रंगहीन जल बन चुका है, और उस से वीरता का वाष्पीकरण हो चुका है, तो हम वहीं हैं जिन्होंने लहू से सने जनेऊ मनों में तुलवाया था धर्म रक्षा हेतु। हम वही हैं जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में फाँसियाँ झेलीं। हम वही हैं जो अंग्रेजों के विरोध में बिगुल फेंका। और हम वही हैं जिन्होंने मुगलों के होते हुए भी धर्म की रक्षा की।
जो लोग शब्दों से समझ सकते हैं वो समझें। हम बिकाऊ राजनेताओं के राजनैतिक समीकरणों के वेरिएबल्स नहीं हैं कि जब इच्छा हुई, जो मन में आया वो कर लिया। हमने आशा दिखाई कि आपके पास विज़न है, और आप 'विकसित भारत' के नाम पर एक जातिवादी समाज देश पर थोप रहे हो जहाँ प्रतिभा को आगे बढ़ने के लिए हर मार्ग पर आपने गड्ढे बना रखे हैं!
अतः, यह धर्म की लड़ाई है, समाज की लड़ाई है और देश की लड़ाई है। प्रतिभा को कूड़ेदान में रखने वाला राष्ट्र कभी भी विकसित नहीं हो सकता। ऐसे राष्ट्र में रेवड़ियाँ बाँटी जाती रहेंगी और वह अंततः वेनेजुएला बन जाएगा। इसलिए, समय रहते या तो हम इनसे तंत्र को ठीक करवाएँगे या अपने जीवन की परवाह किए बिना इस समर में कूदेंगे।
मैं नेता नहीं हूँ। मैं कुछ भी नहीं हूँ। मैं कल को रहूँ या ना रहूँ, यह विषय ही समाज का नेतृत्व करेगा। और जब समाज का हर व्यक्ति अपनी चिंता, अपने बच्चों से जोड़ कर करने लगेगा, तब सत्ता को भयाक्रांत होना चाहिए।
मेरी योजना ओपन-सोर्स है। मुझे किसी पुस्तक की आवश्यकता नहीं है। मैं छुप कर अचानक से कुछ नहीं करूँगा। मैं जो करूँगा, मैंने वह कई बार लिखा है और वही करता हूँ। मैं सचेत करने के प्रयास करता हूँ, मैं प्रॉपर चैनलों से आप तक बात भी पहुँचाता हूँ परंतु यदि तुम नहीं मानते, तो मेरा क्या दोष!
संसद में सामान्य वर्ग की बात करने वाला एक भी व्यक्ति क्यों नहीं है? OBC के क्रीमी लेयर और EWS की क्वालिफिकेशन में इतनी असमानताएँ क्यों हैं? सवर्णों के टैक्स के पैसे से SC/ST/OBC की योजनाएँ फाइनेंस होती रहेंगी और हमारे बच्चे लोन के लिए मरते रहें जो उन्हें मिलता नहीं?
उनके पिता ६०% के ब्याज दर पर पैसे ले कर उसे हर महीने भेजते रहें और तुम घनघोर अयोग्य लोगों को कोचिंग दो, फिर मेरिट में छूट दो, फिर वो क्लास में कुछ ना उखाड़ पाए तो आगे PG में फिर से छूट दो, फिर नौकरी में छूट, प्रमोशन में छूट... ये अनंत काल तक चलता रहेगा?
दिस हैज टू बी फकिंग स्टॉप्ड! एंड वी विल नोट कॉम्प्रोमाइज एन इंच नाउ!
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If @SauravDassss doesn't disclose his father's and his own real identity till 8 PM Tonight, then we'll do "Anshan" at the India Gate on 5th September.
Our Slogan will be "Saurav Das maun hai, iska Baap kon hai".
#SauravDasskaBaapKaunHai
Ab resignation toh ho gaya. Ab baat karle actual REFORMATION ki. Accountability toh hogayee. Ab Badlao laane ki baari. Fair education for each & everyone. Fair reservation only for the needy ones irrespective of caste, creed & religion.
#Endreservation
When Upper Caste asked for Dharmendra Pradhan's resignation after UGC fiasco: Tumhe Kaun Poochta hai be?
When Left Eco System asked for his resignation : Ji saahab abhi kara dete hain, kaho to jhuk bhi jaaen tel leke?
ab time modi 2.0 2014 version waapis aaye agr aane waale time govt bnnani h toh phle toh apni party se yeh faltu ke neta htao socho reservationeducationlevel prr hona hi nhi chahiye tumhara vote bank toh minority kbhi thi nhi hmesha General waale rhe h
@narendramodi