When @TeamSaath started, I was a bit skeptical if they will be able to bring any meaningful change amidst the massive IT cell environment. I am glad they have been remarkably successful. I wish I could be of any help. Lots of love
🚨 People who have been injured at the protest today can get their first aid done for free at Gurudwara Bangla Sahib which is a kilometre away. Doors are always open!
Gurudwara Bangla Sahib. Rakab Ganj Sahib. Sis Ganj Sahib and countless other gurudwaras of Delhi.
Nobody asked. Nobody had to. Doors just opened- like they always do.
एक देशव्यापी परीक्षा के पेपर लीक होने पर किसी भी लिहाज वाले इंसान को ख़ुद ही इस्तीफ़ा देना चाहिए था। यहाँ बच्चे दुख में मर गए, महीनों से गुहार चल रही कि दफ़ा हो।
ऐसी क्या ख़ानदानी संपत्ति माँग ली कि बच्चों पे लाठी-गोली चला रहे हो? जिस जनता ने कुर्सी दी है वही कह रही कि उतर जाओ।
Molitics के एडिटर इन चीफ नीरज जी को अभी तक नहीं छोड़ा गया है, @Nivedita_Shan लगातार पूछ रही हैं लेकिन इनको पुलिस घुमा रही है। पत्रकार को डिटेन करने का क्या मतलब है ! और घुमा क्यों रहे हैं? हमारे पत्रकार और कैमरामैन को परेशान किया जा रहा है ।
आज देश की सबसे बड़ी खबर – जंतर मंतर प्रोटेस्ट। इस पर देश के बड़े पत्रकारों के ट्वीट
सुधीर चौधरी – 0
अंजना ओम कश्यप – 0
चित्रा त्रिपाठी – 0
रूबिका लियाक़त – 0
अरनब गोस्वामी – 0
हम बहुत छोटे, गली–मोहल्ले के पत्रकार ही सही, लेकिन लाखों छात्रों की आवाज तो उठा रहे हैं !!
@DelhiPolice लाठी चार्ज करने के बाद अब यह शराफत का ढोंग बंद करो। सैकड़ों वीडियो में साफ साफ दिख रहा है की लोगों की हड्डियां तोड़ी गई है, खून बहाया गया है।
111 दिन तक माँ गंगा को बचाने के लिए आमरण अनशन पर बैठे प्रो॰ जी डी अग्रवाल हों या हरियाणा की ओलिंपिक रेसलर हों,
हमारे 750 अन्नदाता किसान हों, दलित-आदिवासी हों, या फ़िर पेपर लीक की बलि चढ़े 25 बच्चे और उनके परिजन,
इस तानाशाह सरकार ने किसी को नहीं बख़्शा…
इनकी नज़र में कोई भी अगर आवाज़ उठाता है तो वह "Anti-National" है, "परजीवी" है !
जंतर-मंतर पर आज जो हुआ वह लोकतंत्र और संविधान के ऊपर एक और काला धब्बा है।
कोटा और देहरादून से "छात्रों की गूँज" का आगाज़ हो चुका है…दिल्ली की दहलीज़ तक ज़रूर पहुँचेगी !!
@myogiadityanath मोटा मोटी हर दिन आप कहीं न कहीं भाषण दे रहे होते हैं। काम कब करते हैं। यहां एक डैश भर कंपनी के डैश भर डिपार्मेंट के डैश भर काम को करने में दिन भर बान फटा रहता है। आप तो पूरा राज्य चला रहे हैं। आपको इतनी फुर्सत कहां से मिलती है?
Sonam Wangchuk जी के बाद SFI के राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड @Adarshmsaji अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर हैं, जब तक धर्मेन्द्र प्रधान इस्तीफ़ा नहीं दे देते 🔥
#cjp#jantarmantar#sfi#protest
RSS claims it doesn’t seek government funds, so it doesn’t need registration.
@thenewsminute investigation reveals state owned ONGC has poured over Rs 670 crore into 20 Sangh linked organisations that run hospitals and schools since 2013.
Dharmendra Pradhan and Hardeep Singh Puri have been Ministers during the time.
https://t.co/4mTWSnQdHI