President Block Congress Committee Haldaur, Distt. Bijnor UP.
A Citizen of India.
A son by Chance.
A father by Nature.
A maker of My Own.
An admirer of Justice.
ये प्रतिरोध सिर्फ शिक्षामंत्री,
या सरकार के प्रति नही उफ़न रहा।
ध्यान से देखिए।
आपको बहुतेरी तहें मिलेंगी।
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बच्चों का यह विद्रोह उन मां बाप के प्रति है, जो अंधभक्ति में लीन है। उन रिश्तेदारों, अंकलों और शिक्षकों के प्रति है, जिनके झूठ उजागर हो चुके है���।
उन दोस्तों से है, जो देशभक्ति, और धर्म के नाम पर गन्द फैला रहे हैं। उन नेतानुमा गुंडों, और छुटभैयों के प्रति है, जो पार्टी का वस्त्र पहन, राम के नाम पर धंधा कर रहे हैं। उस मीडिया से भी है, धर्म की अफीम बांटकर दानव बन गया है।
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इस सबकी शुरुआत, एक गैरजिम्मेदार चीफ जस्टिस की दंभ भरी टिप्पणी से हुई। तो इस विद्रोह में ज्युडिशयरी के प्रति अविश्वास सबसे पहले शामिल है।
और जवाब में पुलिस की लाठियां, ���रकार का कहर- सिर्फ अपने सर्वाइवल के लिए नही, अपने सारे सहयोगियों की तरफ़ से है।
ये डंडे- मीडिया की तरफ से है।
उस नेता, उस ट्रोल, उस पड़ोसी,
उस शिक्षक, उस जज,
उस मां उसके बाप की तरफ से हैं-
जिसने सरकार को इतनी मगरूरियत की इजाजत दी है।
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बहुत सहा इन्होंने, धीमे स्वर में पीड़ा बताई। पर अब झिझक टूट रही है। वह कंप्लाई करने से साफ इनकार कर रहा है। समाज को, सत्ता को, मां को और बाप को जवाब दे रहा है।
रो रहा है, चीख रहा है।
आप जेन जी कहते है साहब?? उस भीड़ से जोड़ते है, जिसने पड़ोसी देशों में सत्ताएं उखाड़ फेंकी। मगर मुझे तो सारे मासूम, असहाय नौनिहाल दिखाई देते है।
ये भगतसिंह नही..
ये टोटल रिवलोल्यूशन को नही उतरे।
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सिर्फ सुनवाई चाहते है,
फेयर एग्जाम ���ाहते है।
अगर हम यह भी नही दे सकते.. तो उस पूरी पीढ़ी को, जो दस साल में इस देश की रीढ़ होगी, आज ही तोड़ देंगे। हम अपने हाथों, अपने हठ में- अपनी अस्थाई कुंठाओ में
हिंदुस्तान का मुस्तकबिल मिटा देंगे।
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यह लड़ाई, कांग्रेस- भाजपा नहीं।
केजरीवाल या र��हुल का सवाल नही।
इसका कैनवस बड़ा है। हमारी, आपकी जिंदगियों से, और हमारी राजनीतिक प्रतिबद्धताओं से बड़ा है। इन्हें सहलाइये, इनके साथ आइये।
और अपनी स्वाभाविक ट्रेनिंग से वशीभूत हो, इन्हें देशद्रोही, अराजक, फॉरेन फंडेड, पोलिटिकल टूलकिट बताने से बाज आइये। वरना जब ये घर, कॉलेज, कोचिंग में लौटेंगे, तो आप इनसे निगाह मिलाने के काबिल न होंगे।
आपके और इनके बीच, ये दरार..
पत्थर की लकीर हो चुकी होगी।
🙏
प्रभु श्री राम के ख़जाने से आपका दान चुराएँगे,
पवनपुत्र हनुमान को कभी उड़ाएंगे, कभी नचाएँगे,
फिर भी बेशर्म ख़ुद को हिंदू बताएँगे।
🤦♂️🤦♂️🤦♂️🤦♂️🤦♂️🤦♂️🤦♂️🤦♂️🤦♂️🤦♂️
ये BJ कोई पार्टी वार्टी नहीं, केवल पाखंड की दुकान है।
@srinivasiyc@INCUttarPradesh@INCIndia@RahulGandhi
नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi ने राजस्थान के लोकल बस और ट्रक बॉडी बिल्डर्स से मुलाकात की।
इन हुनरमंद लोगों की विश्व स्तरीय कारीगरी को सम्मान मिलना चाहिए, लेकिन अफ़सोस कि इन्हें नियमों के बोझ तले बंद होने पर मजबूर किया जा रहा है।
मोदी सरकार की MSME विरोधी नीतियां हिं��ुस्तान को रफ़्तार और रोज़गार देने वाले इन उद्योगों का गला घोंट रही हैं।
लेकिन हमारा वादा है- हम इन मेहनतकश लोगों के अधिकारों के लिए मजबूती से लड़ेंगे, इनके हुनर के हक को छिनने नहीं देंगे।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एक और खुलासा हुआ है।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक- महाकुंभ के दौरान राम मंदिर में संगठित रूप से चढ़ा���ा चोरी को अंजाम दिया गया।
👉जब महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या 10 से 12 गुना तक बढ़ गई तो चढ़ावे की गिन��ी के लिए ट्रस्ट की सिफारिश पर एक्स्ट्रा स्टाफ जोड़ा गया
👉इस एक्स्ट्रा स्टाफ में कौन से लोग शामिल होंगे, ये ट्रस्ट ने ही तय किया था
👉एजेंसी का कहना है कि एक्स्ट्रा स्टाफ में शामिल लोगों ने कभी बैंकिंग, कैश काउंटिंग का काम नहीं किया था। ये पहले हाउसकीपिंग का काम करते थे
एजेंसी के मुताबिक- वे अपनी मर्जी से लोगों को नहीं चुन सकते थे। उन्हें आदेश था कि बेसिक वेरिफिकेशन कर लोगों को चढ़ावा गिनन�� के काम पर लगा दिया जाए।
साफ है: BJP-RSS ने पूरी प्लानिंग के साथ इस लूट को अंजाम दिया और ऐसा कर करोड़ों रामभक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है।
सवाल है:
• नरेंद्र मोदी इस चढ़ावा चोरी पर अपनी चुप्पी कब तोड़ेंगे?
• 'डकैती' के बाद भी ट्रस्ट को भंग क्यों नहीं किया जा रहा है?
• चंपत राय समेत अन्य लोगों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया?
• क्या मोदी सरकार इस लूट के गुनहगारों को बचाने में लगी है?
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एक और खुलासा हुआ है।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक- महाकुंभ के दौरान राम मंदिर में संगठित रूप से चढ़ावा चोरी को अंजाम दिया गया।
👉जब महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या 10 से 12 गुना तक बढ़ गई तो चढ़ावे की गिनती के लिए ट्रस्ट की सिफारिश पर एक्स्ट्रा स्टाफ जोड़ा गया
👉इस एक्स्ट्रा स्टाफ में कौन से लोग शामिल होंगे, ये ट्रस्ट ने ही तय किया था
👉एजेंसी का कहना है कि एक्स्ट्रा स्टाफ में शामिल लोगों ने कभी बैंकिंग, कैश काउंटिं�� का काम नहीं किया था। ये पहले हाउसकीपिंग का काम करते थे
एजेंसी के मुताबिक- वे अपनी मर्जी से लोगों को नहीं चुन सकते थे। उन्हें आदेश था कि बेसिक वेरिफिकेशन कर लोगों को चढ़ावा गिनने के काम पर लगा दिया जाए।
साफ है: BJP-RSS ने पूरी प्लानिंग के साथ इस लूट को अंजाम दिया और ऐसा कर करोड़ों रामभक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है।
सवाल है:
• नरेंद्र मोदी इस चढ़ावा चोरी पर अपनी चुप्पी कब तोड़ेंगे?
• 'डकैती' के बाद भी ट्रस्ट को भंग क्यों नहीं किया जा रहा है?
• चंपत राय समेत अन्य लोगों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया?
• क्या मोदी सरकार इस लूट के गुनहगारों को बचाने में लगी है?
बीते दिनों सेवाग्राम शिविर में मैने कहा था -
"वक्त की आंधियां जिसे उड़ा �� सकीं, सत्ता की ताकतें जिसे डिगा न सकीं।
वह जो हर दौर के अन्याय के सामने तनकर खड़ा रहा, इतिहास गवाह है, उसी मजबूती का नाम महात्मा गांधी रहा।"
आज अयोध्या की घटनाएँ उसी विचार की प्रासंगिकता को फिर याद दिलाती हैं।
जब सत्ता प्रश्नों से डरने लगे, आस्था पर पहरा लगाने लगे और शांतिपूर्ण दर्शन के अधिकार को भी रोकने लगे, तब गांधी का सत्याग्रह केवल इतिहास नहीं, लोकतंत्र की आवश्यकता बन जाता है।
महात्म�� गांधी ने सिखाया था कि सत्ता कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, सत्य, आस्था और न्याय के मार्ग पर डटे रहने का साहस ही लोकतंत्र की असली ताकत है।
मजबूरी का नाम महात्मा गांधी नहीं है।
अन्याय के सामने झुकने से इंकार करने का नाम महात्मा गांधी है। सत्य के लिए डटकर खड़े रहने का नाम महात्मा गांधी है।
राम सबके हैं।
सत्य सबका है।
और लोकतंत्र भी सबका है।
चंदा चोरों का तो हिसाब हो रहा है अतुल लौंढे जी,
सब जेल भी जायेंगे. रामभक्तों ने तो राम के लिये अपने प्राणों की आहुति दे दी, वो बलिदान व्यर्थ नहीं जायेगा.
राम के भक्त जो चाहेंगे वही होगा…
लेकिन इस देश के लिये ये अच्छी खबर है कि जो लोग राम के नाम से ही दूरी बना लेते थे, जय श्री राम बोलने वालों पर हमले करवाये जाते थे, अयोध्या को जिन लोगों ने खून से लथपथ और असहाय छोड़ दिया था. और तो औ��� राम मंदिर बनने के बाद से अब तक जिन्होंने मंदिर जाकर रामलला के दर्शन भी नहीं किये, जिन्होंने राम मंदिर के लिये कभी कोई लड़ाई ही नहीं लड़ी . जिन्होंने रामलला के दरबार में एक रुपये का चंदा भी नहीं दिया.
वो भी आज खुद को रामभक्त साबित करने में लगे हुए हैं.
सही है पाटिल साहब.
ब्रिटिश शासन के दौरान 1923 में जब हिंदुस्तानी सेवा दल की स्थापना हुई और 1924 में पंडित जवाहरलाल नेहरू इसके प्रथम अध्यक्ष बने, तब इसका उद्देश्य था:
कांग्रेस के लिए अनुशासित कार्यकर्ताओं का निर्माण करना, हर परिस्थिति में समाज और देश की सेवा करना, राष्ट्र निर्माण की भावना जगाना, भार��� की आज़ादी की लड़ाई को संगठित शक्ति देना और ऐसा कैडर तैयार करना जो स्वयं से पहले देश को रखे और हर चुनौती के सामने फौलाद बनकर खड़ा हो।
102 वर्ष पुराने इस संगठन का भारत की आज़ादी और उसके बाद राष्ट्र निर्माण में योगदान अपने आप में एक गौरवशाली इतिहास है।
मेरा मानना है कि आज की चुनौती आज़ादी के आंदोलन से भी बड़ी है। तब सामने विदेशी हुकूमत थी, और आज संविधान और Idea of India पर हमला करने वाली ताकतें सत्ता में हैं। नफ़रत और विभाजन की राजनीति हमारे देश की आत्मा को चुनौती दे रही है।
जिस संगठन का नेतृत्व कभी पंडित नेहरू ने किया, उसकी इस ऐतिहासिक विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी केवल मेरी नहीं, बल्कि कांग्रेस के हर कार्यकर्ता की है।
इस विश्वास के लिए मैं कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी जी, मेरे नेता श्री राहुल गांधी जी, कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका ��ांधी जी और संगठन महासचिव श्री के.सी. वेणुगोपाल जी का हृदय से आभारी हूँ। साथ ही, श्री लालजी देसाई जी द्वारा वर्षों तक कांग्रेस सेवा दल को मजबूत बनाने के लिए किए गए समर्पित कार्यों की सराहना करता हूँ।
कांग्रेस सेवा दल आप सभी का संगठन है। हमारा पहला लक्ष्य इसे नए स्वरूप में देश के गांव-गांव तक पहुँचाना, सेवा और संगठन की नई संस्कृति स्थापित करना, तथा संविधान और देश की एकता की रक्षा के लिए हर मोर्चे पर मजबूती से खड़ा करना होगा। नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान खोलना ही हमारी पहचान होगी।
कांग्रेस सेवा दल इस देश का बल है।
मैं कांग्रेस के हर युवा और वरिष्ठ साथी से अपील करता हूँ, आइए, इस गौरवशाली विरासत का हिस्सा बनिए और आने वाले भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाइए। यह संगठन आपसे है, आपके लिए है।
Let's build an organisation that every Congress worker and every generation is proud of. 💪
सभी की शुभकामनाओं के लिए हृदय से आभार।
हम ��ोपी भी पहनेंगे,
हम लाठी भी खाएंगे।
हम गांधी का रास्ता भी चुनेंगे,
भगत सिंह का इंकलाब भी जिएंगे।
हम बाबा साहेब के संविधान की रक्षा करेंगे,
और राहुल गांधी के बब्बर शेर बनकर हर चुनौती के सामने फौलाद बनकर भी खड़े होंगे।
लड़ाई अब शुरू हुई है। ✊
@kharge @INCIndia @RahulGandhi @priyankagandhi @kcvenugopalmp @CongressSevadal
मुझे व्यक्तिगत रूप से भारत जोड़ो यात्रा से जो भी अनुभव मिले उनमें से @srinivasiyc मेरे जीवन की सबसे अनमोल धरोहर हैं
पानीपत में पनपे सामिप्य ने लाल चौक कश्मीर में एक भरोसा गढ़ा
विषम परिस्थितियों में किया सहयोग और सेवाभाव आपके जज़्बे पे हज़ार चाँद लगाने वाला है
सेवा दल मुबारक़ हो