जब प्रेम के दीपक जलते हों ,
सपने जब सच में बदलते हों ,
मन में हो मधुरता भावों की ,
जब लहकें फसलें चावों की ,
उत्साह की आभा होती है ,
उस रोज़ दिवाली होती है ।।
- अटल बिहारी वाजपेयी
"वर्चस्यम,आयुष्यम,आरोग्यम
आविधात पवमानं महियते !!"
अर्थात्
(हे लक्ष्मी देवी) आपकी शुभिता की शक्ति हम सब के जीवन में प्रवाहित होकर, हम सभी के जीवन को दीर्घ तथा स्वस्थ बनाए व आनंद से भर दें !!
*पंच दिवसीय दीपोत्सव पर्व के प्रथम दिवस धन त्रयोदशी की आप सभी को ढेरों बधाइयां !!
महोदय आपसे हाथ जोड़कर निवेदन है यह कमेटी का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करा लें।
2018 से बेसिक विभाग में कोई भी शिक्षक भर्ती नहीं आयी है,आपसे निवेदन है कि जल्द विज्ञापन जारी करे!!
@myogiadityanath@drdwivedisatish@drdineshbjp