संस्कृति और साहित्य का महाकुंभ: "कला मंथन" में गूंजे ब्रज के स्वर! ✨
आज TNF Today और के.एम.आई. विद्यापीठ, आगरा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित साप्ताहिक श्रृंखला "कला मंथन" का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
आज के सत्र का विषय "पाश्चात्य सभ्यता में उजड़ता ब्रज" रहा, जिस पर विद्वानों और कवियों ने अत्यंत मार्मिक और वैचारिक संवाद किया।
कार्यक्रम में साहित्य की सुगंध बिखेरने वाले हमारे अतिथियों और कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से ब्रज की सांस्कृतिक जड़ों को सहेजने का संकल्प लिया। मंच पर उपस्थित दिग्गज साहित्यकारों ने अपनी ओजस्वी कविताओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्य उपस्थिति:
• अध्यक्ष: डाॅ. राजेन्द्र मिलन (वरिष्ठ कवि व साहित्यकार)
• मुख्य अतिथि व वक्ता: डाॅ. बीना शर्मा (पूर्व निदेशक, केन्द्रीय हिन्दी संस्थान)
• विशिष्ट अतिथि: डाॅ. सुषमा सिंह (पूर्व प्राचार्य, आर.बी.एस. कॉलेज) एवं राज बहादुर सिंह 'राज' (वरिष्ठ कवि)
• कार्यक्रम संयोजक: डाॅ. रामेंद्र शर्मा 'रवि' (अध्यक्ष, ब्रजभाषा काव्य मंच)
इस गरिमामयी आयोजन में लगभग 40 से अधिक प्रख्यात साहित्यकारों और कवियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर इस कार्यक्रम को अविस्मरणीय बना दिया।
कला मंथन' का दूसरा पड़ाव: OTT का दौर—चुनौतियां और संभावनाएं! 🎬💻
आज के.एम.आई. के सूर कक्ष में 'कला मंथन' के दूसरे सत्र का आयोजन किया गया। चर्चा का मुख्य विषय था— "OTT प्लेटफॉर्म: एक संवाद, चुनौतियां, अवसर और नियंत्रण का प्रश्न।"
आज की चर्चा में हमने यह समझने का प्रयास किया कि कैसे डिजिटल माध्यमों ने मनोरंजन की परिभाषा बदली है, और एक कलाकार के रूप में हमें इसमें किन मर्यादाओं और अवसरों को देखना चाहिए।
TNF Today और डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के के.एम.आई. का यह वैचारिक विमर्श समाज को कला की बारीकियों से जोड़ने का एक छोटा सा प्रयास है।
आप सभी की सहभागिता ने आज के मंथन को और भी अर्थपूर्ण बना दिया। अगले शुक्रवार फिर मिलेंगे एक नए विषय के साथ!