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माननीय मुख्यमंत्री महोदय वर्तमान में 16.08.2024 से झारखंड राज्य के समस्त वनरक्षी विभाग द्वारा बनाये गए वनरक्षी नियुक्ति नियमावली, 2014 में अहितकारी, और नियम के विरुद्ध संशोधन से आहत एवं पीड़ित होकर अनिश्चितकालीन धरना पर है समाधान करे
583 पदों के लिए उत्पाद सिपाही नियुक्ति के लिए झारखंड में दौड़ हो रही है। करीब 6 लाख अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरा है। 4 सितंबर तक दौड़ होनी है। अब तक 10 छात्रों की जान दौड़ने के दौरान चली गई है। कई दर्जन अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं। 1 घंटे में 10 किलोमीटर दौड़ना है। जब मैंने छात्रों से पूछा कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। तो उन्होंने कुछ कारण बताए हैं...
1. सबसे अधिक मौत पलामू एयरपोर्ट पर दौड़ने वाले छात्रों की हुई है। छात्रों के अनुसार एयरपोर्ट में फ्लाइट टेकऑफ करने के लिए चढ़ाई वाला रन वे बनाया गया है। चढ़ाई पर दौड़ने के दौरान छात्रों की सांसे फूल जा रही है। दौड़ समतल जगह पर होनी चाहिए।
2. बहुत कम समय में 6 लाख छात्रों के दौड़ने की व्यवस्था की गई है। जिससे अव्यवस्था हो गई है। निर्धारित तिथि के अंदर सभी छात्रों को दौड़ाने के कारण धूप और गर्मी में भी छात्रों को दौड़ाया जा रहा है। जबकि दौड़ सुबह या शाम को होनी चाहिए।
3. उत्पाद सिपाही की यही परीक्षा रघुवर दास की सरकार में भी हुई थी। उस समय दौड़ने से पहले लिखित परीक्षा हुई थी। लेकिन सरकार बदलने के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। कई बार इस परीक्षा के फॉर्म भराये गए। अगर दौड़ से पहले लिखित परीक्षा हो जाती तो छात्रों की संख्या कम हो जाती और ये स्थिति देखने को नहीं मिलती।
4. छात्रों के अनुसार जहां दौड़ हो रहे हैं वहां मेडिकल की भी कोई खास व्यवस्था नहीं है।
5. कुछ जगह ड्रग्स इस्तमाल करने की बात भी आई है।
6. कोरोना संक्रमण के बाद शरीर की स्टेमना काफी कम हो गई है इसलिए 10 किलोमीटर की दौड़ बहुत ज्यादा है।
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