#Reet2021
ईश्वर की असीम कृपा, माता - पिता एवम् गुरुजनों के आशीर्वाद , आप सभी की दुआओं से आज मेरा अध्यापक पद पर अंतिम रूप से चयन हुआ है !
@BhagirathNain6
@DivyaMaderna
बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा क्षेत्र के भियाड़ में लोक देवता वीर तेजाजी महाराज के मंदिर में असामाजिक तत्वों द्वारा की गई तोड़फोड़ की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है।
इस घटना से तेजा भक्तों में भारी आक्रोश व्याप्त है |
मैंने पुलिस के उच्च अधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता करके दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही करने को कहा है |
वीर तेजाजी महाराज के मंदिर की मर्यादा और आस्था से खिलवाड़ किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
@PoliceRajasthan
जब नौकरी की गणना ओबीसी में हो रही है। तो एक्जाम जनरल से फाइट करने का क्या मतलब।
एक्जाम general फाइट करके निकालने के बाद ओबीसी वर्ग को वापस ओबीसी वर्ग में काउंट करने से ही यह आंकड़े निकल कर आ सकते हैं। बल्कि जनरल फाइट करने के बाद वह अभ्यर्थी किसी वर्ग का नहीं रहता।
तृतीय श्रेणी शिक्षक लम्बे समय से स्थानांतरण की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। आज अपनी इस जायज मांग को लेकर जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर उन्होंने धरना भी दिया |
जब शिक्षक ही अपनी मूलभूत प्रशासनिक समस्याओं के समाधान के लिए सड़कों पर उतरने को विवश हों, तो यह सरकार की संवेदनहीन कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से मांग करता हूँ कि इन शिक्षकों की पीड़ा को सुनते हुए जल्द से जल्द पारदर्शी रूप से तृतीय श्रेणी शिक्षकों का तबादला करने से जुड़ी मांग पर सकारात्मक निर्णय लिया जाये |
@RajCMO
सेवा में,
श्रीमान मुख्यमंत्री महोदय (श्री भजनलाल जी शर्मा)
एवं श्रीमान शिक्षा मंत्री महोदय (श्री मदन दिलावर जी)
राजस्थान सरकार, जयपुर।
विषय: तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पंचायती राज चुनाव से पूर्व स्थानांतरण (तबादले) करने हेतु प्रार्थना पत्र।
महोदय,
इस पत्र के माध्यम से हम आपका ध्यान राजस्थान के तृतीय श्रेणी शिक्षकों की पिछले 18 वर्षों से चली आ रही गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करना चाहते हैं।
1भेदभावपूर्ण व्यवस्था: राज्य के अन्य सभी विभागों सहित शिक्षा विभाग में फर्स्ट ग्रेड, सेकंड ग्रेड, डीओ और चपरासी तक के तबादले साल में कई बार होते हैं, लेकिन थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादले बीते 18 सालों में सिर्फ एक बार हुए हैं। यह पूरी तरह से अनुचित है।
2पारिवारिक परेशानियां: इन 18-20 वर्षों में जो युवा नौकरी में आए थे, वे अब बुजुर्गियत की ओर बढ़ रहे हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों में ड्यूटी के कारण वे अपने बूढ़े माता-पिता, परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी नहीं संभाल पा रहे हैं।
3युवाओं की मजबूरी: अपनी जायज मांगों के लिए देश और प्रदेश के युवाओं तथा शिक्षकों को सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जो समाज और सरकार दोनों के भविष्य के लिए सही नहीं है। सरकार को आंदोलन की नौबत आने से पहले ही संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
4बिना शर्त तबादले की मांग: शिक्षक बिना किसी नई ट्रांसफर पॉलिसी के, केवल अपनी वरीयता (सीनियरिटी) लिखित में छोड़ने की शर्त पर भी गृह जिलों में जाने को तैयार हैं।
हमारी विनम्र प्रार्थना:
आपसे हाथ जोड़कर निवेदन है कि इस तानाशाही और भेदभावपूर्ण रवैये को समाप्त करते हुए, आगामी पंचायती राज चुनावों से पहले तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले करने की कृपा करें, ताकि हजारों शिक्षक परिवार अपने घर लौट सकें।
धन्यवाद।
प्रार्थी:
समस्त पीड़ित तृतीय श्रेणी शिक्षक, राजस्थान।
@BhajanlalBjp@MadanDilawar #ThirdGradeTeacherTransfer #RajasthanTeachers
@VinodGarhwal001
@R_Jangid2
@DrRanjeetMeena@DrRamprakashSa9@PMOIndia@RajCMO
.@RailMinIndia@RailwaySeva@drmbikaner अविलम्ब संज्ञान लेवे, मेरे कार्यालय में ई-मेल के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई है कि ट्रेन संख्या 04711 के कोच संख्या S-1 में सीट संख्या 10 पर यात्रा कर रहे यात्री श्री सुरेंद्र जी की यात्रा के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई है। उनके पारिवारिक सदस्य भी सीट संख्या 11 एवं 13 पर उसी कोच में यात्रा कर रहे हैं। अतः संबंधित कंट्रोल, टीटीई एवं ऑन-बोर्ड स्टाफ को तत्काल निर्देशित कर अगले स्टेशन पर चिकित्सकीय टीम की व्यवस्था करते हुए श्री सुरेंद्र जी को शीघ्र आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाई जाए ।
थर्ड ग्रेड शिक्षकों का #ट्रांसफर होना चाहिए, विशेष category के साथ-साथ सबका ट्रांसफर होना चाहिए, सिर्फ 2018 से पहले वाले नहीं 2026 तक के सभी साथियों का ट्रांसफर होना चाहिए।
माननीय राजस्थान सरकार से पूरी उम्मीद है कि घर से दूर बैठे साथियों की जरूर सुनी जाएगी।
राजस्थान एकीकृत शिक्षक महासंघ इस मांग में अध्यापक साथियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
Third grade transfer
@RESMA_7@Dadarwal7@JATbera1
पिछले एक दो दशक से आंदोलन को तीन प्रकार में बाँटा जा सकता है
(1) विचारधारात्मक वार (राष्ट्र को ख़तरा)
(2)मौन धारण (ये सबसे ख़तरनाक होता है जिसमें कई जान चली जाती है ।)
(3)बैकफुट पर
#आन्दोलन
तृतीय श्रेणी शिक्षक जो 10 वर्षों से अधिक समय से घर से 500 km दूर बैठे हैं उनकी आवाज कौन उठाएगा ।
क्या तृतीय श्रेणी शिक्षकों का कोई हितैषी नहीं है
सबसे पहले तो उनके तबादले के लिए आवाज बुलंद करनी चाहिए
#तृतीय_श्रेणी_अध्यापक