बाराबंकी रोड पर हुए एक्सीडेंट के वीडीओ वायरल हो रहा जिसमें 2 सगे भाइयों को जिला जज की गाड़ी से बुरी तरह टक्कर मार कर भाग गया और भागते हुए धमकी देकर गया कि जज साहेब अपने है कुछ बोला तो जिंदगी भर जेल रहोगे पूरा घर ...
सवाल यही है क्या इस देश में गरीबों की कोई वैल्यू नहीं है कोई भी आता है मार कर चला जाता है , जब जिला जज जिनका रौब दिखा के गरीबों को कुचला जा रहा तो गरीबों के साथ न्याय कौन करेगा ?
पत्रकार:- मीडिया यहां आकर बच्चों से नीट का फुल फॉर्म पूछ रही है
अभिनय सर:- आजादी की लड़ाई में अगर फ्रीडम की फुल फॉर्म और स्पैलिंग पूछी जाती तो देश आजाद नहीं होता। उस वक्त साक्षरता भी इतनी नहीं थी
मुझे लगता है इस सवाल का इससे बेहतर जवाब नहीं हो सकता जो अभिनय सर ने दिया है 🔥
"ये OPD तुम्हारा घर नहीं है, तू होता कौन है पूछने वाला!"...
सुनिए सीतापुर (खैराबाद CHC) में तैनात इस सरकारी डॉक्टर की हनक और बदतमीजी। जब एक क्षेत्रीय पत्रकार ने गरीब मरीजों को बाहर की दवाइयां लिखे जाने पर सीधा सवाल किया, तो साहब का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। जिस सरकारी अस्पताल की इमारत जनता के टैक्स के पैसे से खड़ी है, वहां बैठकर ये डॉक्टर खुद को मालिक और जनता को गुलाम समझ रहे हैं।
भाजपा सरकार में स्वास्थ्य व्यवस्था का यह कैसा रामराज्य है, जहां डॉक्टरों को जनता के प्रति जवाबदेही के बजाय गुंडागर्दी करने की खुली छूट मिली हुई है?
क्या सूबे के मुखिया इस खुलेआम मक्कारी और बदजुबानी पर संज्ञान लेंगे या 'सब चंगा सी' का बोर्ड लगाकर सोती रहेगी सरकार?
घर उजड़ने की तकलीफ़ - बेचैनी - असहाय होना. किससे न्याय माँगे, कहाँ जाये?
राजस्थान के बाड़मेर में भील आदिवासी परिवारों के घर तहस नहस कर दिए गए
आदिवासियों के जंगल ज़मीन धन्ना सेठों को देकर शहर में उनके सिर के ऊपर की छत उजाड़ देंगे - यह कैसा देश बना रहे हैं मोदी जी?
हमने तो पहले ही कहा था कि CCTV का नाम ‘चढ़ावा-चोरी TV’ साबित होगा। जिन लोगों ने ‘सत्रह’ बार लूटा वो सैंकड़ों साल से इतिहास में बदनाम हैं, जिन्होंने केवल 40 दिन में ‘सत्तर’ बार लूटा वो तो इतिहास में इस महापाप के लिए ‘सात’ जन्मों के लिए काले अक्षरों में दर्ज़ हो जाएंगे। ये सोचा जाए जिन्होंने सात हफ़्ते में इतनी चोरी कर ली है, उन्होंने पिछले इतने सालों में कितना चुराया होगा, कितना आपस में बाँटा होगा, कितना चुपके से छुपाया-दबाया होगा और कितना अपने मुखिया तक पहुँचाया होगा।
अखंड निंदनीय!
सत्ता के अहंकार में डूबी मोदी सरकार अब इस मुकाम पर पहुँच गई है कि अपने अधिकारों, निष्पक्ष परीक्षाओं और सुरक्षित भविष्य की मांग करने वाले छात्रों को ही शिक्षा मंत्री “आतंकवादी” कह रहे हैं।
ज़रा सोचिए - जिसकी नाकामी से इतने पेपर लीक हुए, जिसके राज में 20 बच्चों ने जान दे दी, जिसने करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधेरे में धकेल दिया - वो आज पीड़ित बच्चों और उनकी आवाज़ उठाने वालों को “दहशतगर्द” बता रहा है।
पर यह कोई नई बात नहीं: अन्नदाता किसानों को "आंदोलनजीवी और परजीवी" कहा। सवाल पूछने वाले को “Anti-National” कहा। और अब युवाओं को “दहशतगर्द।”
जो भी सरकार से सवाल पूछे - उसे देशद्रोही बता दो, यही इनकी पूरी राजनीति है।
धर्मेंद्र प्रधान जी, देश के करोड़ों युवाओं से तुरंत माफ़ी माँगिए और अपनी नाकामियों के लिए इस्तीफ़ा दीजिए।
और रही मेरी बात - आप मुझ पर जितने चाहें हमले कर लीजिए। मैंने कोटा में कहा था, और फिर कहता हूँ: यह शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है। मैं इसे ऐसे ही नहीं रहने दूँगा।
हर बच्चे को सस्ती, अच्छी शिक्षा और निष्पक्ष परीक्षा मिले - इस आवाज़ को उठाना मैं कभी बंद नहीं करूँगा।
#ChhatronKiGoonj
#ChhatraJodo
UP- मुजफ्फरनगर में मालिक-नौकर के संबध "लठ्ठ आधारित" है. 4 दिन पहले एक फैक्ट्री से बरामद 13 बंधक मजदूरों की कहानी के बाद एक और वीडियो सामने आया है.
इस वीडियो में एक मालिक अपने नौकर को लाठी से पीट रहा है. केवल मालिक ही नही उसके साथ खड़े शख्स ने भी उसे डंडों से पीटा. बेचारा लाठियां खाकर जमीन पर लहराकर गिर पड़ा. हाथ जोड़े रहा लेकिन कोई रहम नही, कोई दया नही.
मुजफ्फरनगर में ईस्टर्न यूपी और बिहार के हजारों मजदूर गन्ना खेती के समृद्ध किसानों के उत्पादन के सहयोगी है. मगर यह रिश्ता अब दरक चुका है.
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ बिष्ट शासित भाजपा सरकार की महाभ्रष्ट, लुटेरी, डकैत पुलिस का चेहरा और कार्यशैली मॉडल देख लीजिए,
लेकिन शर्म है कि इस बेशर्म भाजपा सरकार और जिम्मेदारों को आती नहीं।
G7 की मीटिंग से मोदी के सारे विडियोज म्यूट होकर आए। 🔇🤐🤫
लेकिन उसके बाद मीडिया ने म्यूट विडियोज देखकर क्या बताया? 🤔❓
"मोदी ने दिया करारा जवाब" 🗣️🤣🤣
"मोदी ने सुनाई खरी खरी" 😭🤣😭🤣
"मोदी ने दिखाया रास्ता" 😭🤣😭🤣
नाम ले लेकर मोदी की पिलाई हो रही है अब, मजा आ गया। 🔥💥
मोदी जी,
जन्मदिन की बधाई देते वक्त आपके हाथ कांपने चाहिए थे,
आपको 20 बच्चों की हत्या के दोषी को जन्मदिन की बधाई नहीं देनी चाहिए थी।
भले ही मन ही मन आप प्रधान को बहुत चाहते हो लेकिन सबके सामने उन बच्चों का पाप नहीं लेना चाहिए था।
ग़ोदी मीडिया चैनल पर बहादुर पत्रकारिता✊🔥
"नरेंद्र मोदी ने सोनिया गांधी को जर्सी गाय और कांग्रेस की विधवा कहा था। क्या ये गाली नहीं थी? उस वक़्त तो कोई हंगामा नहीं हुआ था" 🥶
इस शख्स की हिम्मत 100% 🔥🔥
कल से एक मामला चल रहा है कि एक ही व्यक्ति के पास हर चैनल के कई शो में माइक जाता है और वो विपक्ष को घेरता है !
अगर ऐसा है तो उस व्यक्ति के अलग अलग चैनल के विडियो सामने आयें ताकि सभी देखे की ये बात सच है या नही !
पत्रकार पत्रकारिता करने पर आ जाए तो अच्छे अच्छों की हालत टाइट हो जाती है.
देखिए, जब TV 9 के पत्रकार दनदनाते हुए घुस गया. लोगों की चेहरों की हवाइयां उड़ गईं.
इतनी तत्परता की रोज एक ही व्यक्ति,😃
चैनल एक - आज तक।
6 अलग-अलग दिन अलग शो और व्यक्ति एक ! पुरी भीड़ में हर बार अंजना ओम कश्यप इसे चुन लेती है और माईक लगा देती है सवाल के लिए !
ख़ैर अब आप बताइए इतनी निष्पक्षता कोई दिखा सकता है ?
बाकी इनके मुख्यमंत्री और मंत्री तो ऐसा कर ही रहे हैं।
और सुनो भाई, मूल्यांकन इनके निजी जीवन से होगा ?.. मान लो कर लेते हैं।
तो ये कि ऐसा करने से देश को कितना लाभ हुआ है? जिन समस्याओं को ठीक करने का वादा साहब ने किया था, उनका समाधान कहाँ तक पहुँचा है?
इन्होंने परिवारवाद नहीं किया अच्छी बात है,इनका उस तरह परिवार भी नहीं है। लेकिन इसका ढिंढोरा पीटने के बजाय जो(cm to hm) आज परिवारवाद कर रहे हैं, उन पर आवाज़ उठाना ही सच्ची पत्रकारिता और सच्ची देशभक्ति है, Mr. गजबे