मुकेश मोहन ने बहुत पहले अपने स्टूडियो का फोटो शेयर किया था,
उसमें ना तो ग़रीबी थी, ना बाबा साहेब थे,
अब जब नितिन गडकरी ने कानूनी जाल में उलझा दिया तो,
आज जिस स्टूडियो की तस्वीर शेयर की है
उसमें ग़रीबी भी है, बाबा साहेब भी हैँ,
विक्टिम कार्ड नहीं खेलना चाहिए,
परनीति चोपडा जी कह रही है सर आप मुझे किसी चीज के बारे पूछते है और मुझे पता न हो
तो घर जाकर इतनी पढ़ाई करती हूँ कि एक्सपर्ट बन जाऊ
आप राघव से पूछ लो फिर क्या राघव जी बताते है आप खुद ही सुन लो
आदित्य ठाकरे जी ने मिडिया से बात चीत मे बताया है
मुंबई में लगभग 45,000 मैंग्रोव पेड़ों की कटाई हो रही जो तुरंत रोकी जाए
कुछ मिडिया की जानकारी को गलत बताया है
बोले वहाँ जाकर पता करना चाहिए कि वहाँ आखिर क्या हो रहा है
मुम्बई के पर्यावरण की रक्षा होनी चाहिए
और कंगना जी के बयान मे राहुल गाँधी जी को टपोरी कहने पर कहा राजनीति का एक स्तर होना चाहिए
हम ज्यादा किसी के बारे मे नहीं बोलेंगे
आजकल फेम पाने का नया तरीका है
पहले किसी बड़े क्रिकेटर का नाम लो
फिर इंटरव्यू में कहानी सुना दो
बाकी काम सोशल मीडिया खुद कर देता है
मोहतर्मा कह रही थीं कि सूर्य भाऊ मैसेज करते थे
अब भाऊ ने डिफेमेशन केस कर दिया
बेचारी को 100 करोड़ का जुर्माना झेलना पड़ सकता है।
आपके यहाँ गैस की प्रति किलो कीमत क्या है?
अपने शहर का नाम और वहाँ का रेट जरूर बताइए।
देखते हैं किस जगह गैस सबसे सस्ती है और कहाँ सबसे महंगी मिल रही है। ⛽
कभी-कभी दिल थोड़ा भारी हो जाता है
इसलिए आज मन की बात लिख रहा हूँ।
मैं रोज़ लगभग सुबह 4 बजे उठता हूँ।
सबसे पहले X खोलता हूँ और activity शुरू कर देता हूँ।
दिन भर content खोजता हूँ, research करता हूँ, editing करता हूँ…
तब जाकर एक पोस्ट बनती है।
लेकिन जब वही पोस्ट कोई देखता ही नहीं,
तो सच कहूँ — मन थोड़ा उदास हो जाता है।
मैं रोज़ 300-400 replies करता हूँ,
लोगों की पोस्ट पढ़ता हूँ, support देता हूँ।
किसी को unfollow करना मेरी आदत नहीं है।
मैं चाहता हूँ कि यहाँ लोग सिर्फ numbers नहीं,
बल्कि सच में एक-दूसरे से connect हों।
लेकिन कई बार लगता है
जैसे मेरी मेहनत हवा में चली जाती है।
लोग आते हैं, 1-2 दिन दिलासा देते हैं,
थोड़ी activity करते हैं…
फिर धीरे-धीरे गायब हो जाते हैं।
फिर भी मैं रोज़ कोशिश करता हूँ,
क्योंकि कहीं न कहीं उम्मीद अभी भी बाकी है।
अगर आप सच में connect होना चाहते हैं,
तो सिर्फ एक दिन नहीं — लगातार साथ रहें।
किसी भी creator के लिए
यही सबसे बड़ा support होता है।
धन्यवाद उन लोगों का
जो सच में साथ हैं। ❤️
चार साल के बच्चे पर अचानक तेंदुए ने हमला कर दिया
मां ने अपने बच्चे को खतरे में देखा तो बिना डरे गन्ना उठा लिया
मां ने तेंदुए के जबड़े पर बार बार गन्ने से वार करना शुरू कर दिया
मां की हिम्मत देखकर तेंदुआ घबरा गया और वहां से भाग गया
मां ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपने बच्चे की जान बचा ली
इसे कहते हैं मां की असली ताकत
सच मे देश क्या विदेश भी बदल रहा है
अब भारत का संस्कार विदेश पर छा रहा है
पहले विदेश की लड़कियां छोटे कपड़े पहन कर डान्स करती थी अंग प्रदर्शन करती थी
लेकिन अब वो भारत की अच्छी ड्रेस पहन कर अच्छे भजन पर रील बनाती है
और अपने देश की लड़कियां अंग प्रदर्शन कर रही है
शर्म आनी चाहिए चंद व्यू के लिये आने बाली पीढ़ी बर्बाद कर रही है