चैत्र शुक्ल प्रतिपदा ( #नववर्ष ) से प्रारम्भ हुई नवरात्रि रामनवमी के दिन राम जन्मोत्सव के साथ संपन्न हुई.
भगवान शिव की काशी में उनके आराध्य #मर्यादापुरुषोत्तम श्रीराम जी का जन्मोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया.
शक्ति की अधिष्ठात्री मां #दुर्गा को समर्पित नवरात्रि आज पूर्ण हुई.
रंग भरी एकादशी (मसान की होली) से प्रारंभ हुआ त्यौहार का सिलसिला तो होली को जा कर पूरा हुआ.
2-3 march 2026 को चंद्र ग्रहण और उसी सब के बीच होलिका दहन और अगले ही दिन होली का त्योहार.
यूँ तो ये नगरी भोले बाबा की है लेकिन काशी वाले हर त्यौहार को अपने अंदाज में ही मनाते हैं.
#हर_हर_महादेव के जयकार के साथ झूम उठी #काशी
हर साल की तरह लाखों ने व्रत उपवास किया to हज़ारों ने अपने घर अथवा मंदिर में रुद्राभिषेक किया. बनारस के सबसे प्राचीन मन्दिरों में लाखों लोगों ने दर्शन किया.
सबसे अधिक भीड़ विश्वनाथ धाम, केदार मंदिर और ओमकारेश्वर महादेव के मंदिर में हुई
सबसे पहले मकर संक्रांति फिर बसंत पंचमी और फिर गणतंत्र दिवस, तीन विशेष दिनों के एक दम पास में पड जाने से अद्भुत दृश्य #काशी का रहा.
कहीं खिचड़ी बनी तो कहीं बंटी, कहीं पतंगबाजी हुई तो वसंत पंचमी का त्योहार सरस्वती पूजन के साथ हुआ। कहीं 77वां गणतंत्र दिवस राष्ट्रगान के साथ हुआ।
हर संस्कृति और सभ्यता को समेट कर रखने वाली #विश्व की सबसे अद्भुत नगरी #काशी ने इस वर्ष भी 2025 को विदा करते हुए 2026 का स्वागत किया.
सबसे अधिक भीड़ #विश्वनाथ धाम और संकटमोचन मंदिर में उमड़ी.
कहीं वैदिक छात्रों ने मंत्रोच्चारण किया तो कही पर्यटकों ने केक काटा.
#NewYear2026
#धनतेरस के दिन #लक्ष्मी जी एवं #आयुर्वेद के जनक #धन्वन्तरि जी का जन्मदिन मनाया गया। दूसरे दिन हनुमानजी का जन्म दिन एवं यमराज के लिए दीप जलाया गया।
दीपावली को जब लाखों दीप जले, कही मिठाई बंटी तो कहीं आतिशबाजी तो कहीं #श्मशान परअघोरी एवं तांत्रिक साधक कुछ विशेष पूजन करते दिखे।
जय गुरुदेव की शंखनाद के साथ गुरु पूजन से झूम उठी काशी।
लाखों की संख्या में मंदिर, मठ, आश्रम एवं सिद्ध पीठों में शिष्यों ने गुरु पूजन किया एवं उनसे दीक्षा ली।
चाहे तुलसीदास जी का मंदिर हो या संत कीनाराम जी का अघोर पीठ हो।
शंकराचार्य जी का श्रीविद्या मठ हो या नागा साधुओं का आश्रम।
जय माता दी के उद्घोष के साथ काशी वासियों ने किया नए संवत एवं नवरात्रि का आगमन।
लाखों की संख्या में भक्तों ने मंदिरों दर्शन पूजन, गंगा स्नान एवं दान किया।
दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती में नए संवत्सर के आगमन के लिए दीप जलाए।
#हर__हर__महादेव#नवरात्रि_2025#नवसंवत्सर
11 लाख से अधिक भक्तों ने #विश्वनाथ धाम में मत्था टेका। निरीक्षण हेतु कमिश्नर सर स्वयं रहे , दूसरी तरफ हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। हजारों की संख्या में नागा साधु गदा एवं तलवार लहराते हुए शिव बारात मे शमिल हुए.
Many thanks @myogiadityanath@narendramodi@varanasipolice
16 दिनों तक चलने वाले महापर्व #पितृपक्ष को काशी वासियों ने बड़े ही अद्भुत तरीके से मनाया।
लाखों को संख्या में हजारों ब्राह्मणों के निर्देशानुसार 3.10.2024 को पितृपक्ष का महालया पर्व पूर्ण हुआ।
कहीं #पंचबलि तो कहीं क्षौर कर्म कराते लोग भी दिखे, ऐसा अनूठा रहा हमारे काशी का पितृपक्ष
26 aug 2024 को #कृष्णजन्माष्टमी मनाई गई, भक्तों ने व्रत कर के मंदिरों एवं घरों में श्रृंगार किया और मत्था टेका।
#बनारस में ये उत्साह का माहौल अभी छट्ठी तक चलेगा।
#शिव की नगरी #काशी अपने हर त्यौहार को एक दम अलग ही अंदाज़ में मनाती है।
#krishnajanmashtami2024