वांगचुक की तत्काल रिहाई की याचिका पर केंद्र को SC का नोटिस
सोनम वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली उनकी पत्नी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश को नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट ने सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के कारणों के बारे में उनकी पत्नी को जानकारी उपलब्ध कराने के संबंध में आदेश देने से इनकार किया. याचिका में कहा गया है कि वांगचुक के पाकिस्तान-चीन लिंक का झूठा प्रचार इस गांधीवादी आंदोलन को बदनाम करने की साजिश है. याचिका में कहा गया है कि सोनम वांगचुक और उनके सहयोगियों के खिलाफ एक “झूठा और खतरनाक नैरेटिव” फैलाया जा रहा है, जिससे उनके गांधीवादी आंदोलन को पाकिस्तान और चीन से जोड़कर बदनाम किया जा सके.
#SonamWangchuck | #SupremeCourt
ख़ुद वोटचोरी करके सरकार बनाने वाले लोग पेपर लीक रोकने का नैतिक साहस कहाँ से ला पाएंगे?
वोटचोरों की सरकार शिक्षित युवाओं की दुश्मन है. उसे अनपढ़, जाहिल और बेरोजगार लोग पसंद हैं जो उनकी अंधभक्ति करें.
I have sought relief from the SUPREME COURT OF INDIA through a HABEAS CORPUS petition against @Wangchuk66’s detention.
It is one week today. Still I have no information about Sonam Wangchuk’s health, the condition he is in nor the grounds of detention.
छात्रों को पहले तो #Exam लेने के लिए लड़ना पड़ता है, फिर Admit Card के लिए लड़ना पड़ता है, उसके बाद सही Exam Center और सही सवालों के लिए लड़ना पड़ता है। और अब तो हालात इतने बिगड़ गए हैं कि Remote/Login Cheating और #Paper Repeat जैसी धांधलियों के ख़िलाफ़ भी लड़ना पड़ रहा है। ये कैसी व्यवस्था है जहाँ मेहनती छात्र सालों की तैयारी करते हैं, घर-परिवार सब दाँव पर लगा देते हैं, लेकिन सिस्टम बार-बार उनका मज़ाक बनाता है? हर बार नुकसान सिर्फ़ छात्रों का होता है और फायदा सिर्फ़ धांधलेबाज़ों का। सबसे बड़ा दर्द ये है कि इन ग़लतियों को छुपाने के लिए #SSC ने Transparency तक ख़त्म कर दी है। ये सिर्फ़ एक परीक्षा का सवाल नहीं, लाखों युवाओं के भविष्य और उनके सपनों का सवाल है। आखिर कब तक छात्रों को संघर्ष करते-करते अपना करियर खोना पड़ेगा?
#ssc_chairman_jwab_do
#cji_help_us #SSC_Scam2025
ये केंद्र सरकार के DGP हैं, दुनिया भर के अवार्ड लेने वाले सोनम वांगचुक पर देशद्रोह NSA का मुकदमा लगाया है।
NSA का कारण पूछा , तो इनके हाव भाव देखिए, इनकी बातें सुनिए , जैसे कोई पान की दुकान पर बैठकर सुना सुनाया किस्सा सुना रहा हो ।ये अफ़सर की बातचीत का तरीका है ?
सुबूत क्या है ? - यूट्यूब पर सोनम वांगचुक के वीडियो , एक पाकिस्तानी एजेंट जो इनके बारे में र���पोर्टिंग कर रहा था। अरे एजेंट तो रिपोर्टिंग ही करेगा , इससे ये कैसे देशद्रोही हो गए ?
पाकिस्तान में एक अखबार के कार्यक्रम में गए । तो ?
वीज़ा तो केंद्र सरकार ने दिया? ये कैसे देशद्रोह हो गया ?
जैसे अंग्रेज़ स्वतंत्रता सेनानियों को झूठे मुकदमों में फसातें थे, वही याद आता है । किसी भी बहाने से जेल में डालना है ।
भाजपा ने पूरे देश को ग़ुलाम बना लिया है.
शिक्षा व्यवस्था को वैसे ही बर्बाद किया है जैसा म��काले ने किया था.
अर्थव्यवस्था को वैसे ही खोखला किया है जैसे अंग्रेजों ने किया था.
वैसे ही टैक्स लगाया जैसे अंग्रेज़ लगाते थे.
अब देशभक्तों को जेल भेज रही है जैसे अंग्रेज़ भेजते थे.
#SonamWangchuk
#SonamWangchukArrested
लद्दाख की आवाज़ दबाने के लिए सोनम वांगचुक जी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जो इंसान अपने लोगों की ज़मीन, पर्यावरण, पहचान और वोट के अधिक���र के लिए संघर्ष कर रहा है, उसे जेल में डालना लोकतंत्र पर हमला है।
भाजपा सरकार डर और दमन से जनता की आवाज़ नहीं दबा पाएगी।
Dear Election Commission of India,
Prime Minister Narendra Modi's brazen transfer of Rs. 10,000 crore in public funds to 75 lakh women in Bihar on the cusp of the state assembly elections is a flagrant act of mass bribery. This deliberate misuse and abuse of public resources aimed at influencing the electoral outcome undermines the fairness and impartiality of the electoral process, striking at the very foundation of our democracy.
To uphold the sanctity of free and fair elections, the @ECISVEEP must act decisively.
I urge you to recommend to the @rashtrapatibhvn the imposition of President’s Rule in Bihar immediately upon the expiration of the current assembly’s tenure and thereafter defer elections by at least six months.
While I am mindful of constitutional provisions, the ECI is duty-bound to transcend their letter and act in their spirit to protect democracy. If needed, you must seek the Supreme Court’s intervention in this regard.
This is a critical moment for the ECI to restore its eroded credibility as a constitutional guardian of electoral integrity which is the foundation democracy. Act now, or risk the collapse of public trust in our electoral system.
Sincerely,
M. Nageswara Rao IPS(Retired)
Former Director, CBI
@SpokespersonECI
उत्तराखंड की भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के खिलाफ हज़ारों युवा सड़कों पर हैं। कुछ दिन पहले लाखों युवाओं ने SSC की परीक्षाओं में धांधली के ख़िलाफ़ लम्बा आंदोलन किया ।
भाजपा की केंद्र सरकार हो, भाजपा की उत्तराखंड सरकार हो , या भाजपा की गुजरात सरकार हो , हर जगह पेपर लीक की वही कहानी है।
सामान्य और गरीब परिवार के करोड़ों युवा वर्षों तक परीक्षा की तैयारी करते हैं, गरीब माँ बाप अपना पेट काटकर इनको कोचिंग करवाते है , और आख़िर में परीक्षा के पेपर लीक हो जाते हैं।
देश का युवा ��्या करें ?
अब कर्नाटक के बेंगलुरु में स्टूडेंट्स सड़क पर। वे सरकारी नौकरी के लिए जल्द परीक्षा की माँग कर रहे हैं।
अब देश के युवा असल मुद्दों पर हार सरकार को घेर रहे हैं। वे डटे रहेंगे तो मीडिया को भी उनके मुद्दे पर आना होगा ।