#धूप :-
सूर्य के प्रकाश से हमे विटामिन D प्राप्त होता है। सूर्य का प्रकाश बाहरी त्वचा ही नही वरन अंदरूनी अंगों में जाकर उन्हें स्वस्थ बनाने में कारगर भूमिका निभाती हैं।
#ग्रीन_टी :-
ग्रीन टी एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होती है इसमे पोलीफेनॉल्स के गुण भी होते हैं जो की शरीर से हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस को खत्म कर इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करता है।
बादाम में विटामिन-A होता है, जो नेचुरल किलर सेल्स को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसके अलावा बादाम का सेवन करने से शरीर में बी-टाइप सेल्स की संख्या में वृद्धि होती है, जो एंटी-बॉडीज बनाने का काम करते हैं जो की शरीर के हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस को खत्म करने में कारगर है।
#ड्राई_फ्रूट
ड्राई फ्रूट में कई प्रकार के विटामिन, प्रोटीन, आयरन, फाइबर, जिंक मैग्नीशियम आदि पोषक तत्व होते है, जो शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी को भी पूरा करने में मदद करते हैं।
#च्यवनप्राश :-
च्यवनप्राश में मौजूद आंवला विटामिन सी का अच्छा स्त्रोत है, जिससे इम्युनिटी में वृद्धि होती है।
च्यवन मैक्रोफेजिज इम्यूनिटी सेल्स की गतिविधि बढ़ा देता है। जिससे इंफेक्शन होने की सम्भवना कम होती है।
वातावरण में मौजूद तमाम बैक्टीरिया और वायरस हमारे मुख, नाक, आँख, कान के जरिये हमारे शरीर में प्रवेश करते रहते हैं, लेकिन हमे सभी कीटाणु नुकसान नहीं पहुंचा पाते क्योकिं हमारा प्रतिरोधक तंत्र इन्हें परास्त करता रहता है।
हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक तंत्र (immune system) नाम का एक ऐसा मेकनिजम होता है, जो बैक्टीरिया, वायरस और माइक्रोब्स से एक सैनिक की तरह हमारे शरीर की रक्षा करता है। इसे ही रोग प्रतिरोधक क्षमता, जीवन शक्ति या इम्युनिटी कहते है।
-----
#रोग_प्रतिरोधक_क्षमता#Immunity