Time for us patriotic Indians to ask Modi to retire. The humiliation of Bhartiyas by US and China (e.g., in the G7) of Bharat, in which Modi is not Member but went as a “Observer” an insult to Bharat Mata. Modi has given our undisputed land to China as koyi aya nahin.
गांधी को गोली मारने के बाद गोडसे भी यही बोला था कि उसका किसी संघठन से कोई संबंध नहीं है।
अभिजीत दीपके पर हमला करने वाला राकेश गुर्जर भी यही कह रहा है।
संघी भ*वों की यह पुरानी मोडस ऑपरेंडी रही है।
समाचार👇🏾
मद्द निषेध विभाग की परीक्षा थी।
छात्रों के लिए स्पेशल ट्रेन की सुविधा नहीं थी।
ट्रेन में भीड़ में एक छात्र की मौत हो गई।
PM विदेश में “jacket color same same” कर रहे हैं।
PM विदेश भ्रमण में करोड़ों उड़ा रहे हैं।
CM अभी हरा रंग और जाति तलाश रहे है!
मीडिया चुप है।
इनको तो जानते ही होंगे कल रात में ये खुद को IPS बता रहे थे और सिपाही से बोले सलूट करो।।
आज वही पुलिस इनकी थाने में परेड करा रही है। रातभर इनकी खातिरदारी लखनऊ पुलिस ने की। शायद अब IPS वाली चुल्ल मिट जाएगी।
वैसे इनका नाम मिथिलेश शुक्ला है और नोएडा में प्राइवेट नौकरी करते है। बेचारे 40 रुपए के चक्कर में अपना भारी नुकसान करा लिए।
@SurajKrBauddh मेरिटधारी का ऐसा जलवा कि 40 रुपये की चाय भी भारी पड़ गई! 😂
खुद को IPS बताकर रौब झाड़ने वाले मिथिलेश शुक्ला की लखनऊ में चाय की दुकान पर ही हकीकत सामने आ गई। झूठ की वर्दी ज्यादा देर तक नहीं टिकती!
@JaipurDialogues Abe chuteye gawar hi hoga koi otherwise whole gujar community is stand with cockroaches..
Well bsdk why didn’t send your own son and daughter to that because you are coward and of course jatnakwadi
लखनऊ में चुनावी सुनामी: चंद्रशेखर आजाद का '6-दिवसीय मैराथन इंटरव्यू' हिला रहा है यूपी की सियासत!🔥
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले लखनऊ का वीवीआईपी गेस्ट हाउस एक बड़े सियासी अखाड़े में तब्दील हो चुका है। नगीना ��ांसद और आजाद समाज पार्टी के मुखिया चन्द्रशेखर आजाद खुद मैदान में उतरकर हर एक टिकट दावेदार का "X-Ray" टेस्ट ले रहे हैं।
शुरुआती दो दिनों में ही 317 से ज्यादा भारी-भरकम नेता अपनी किस्मत आजमाने आवेदन कर चुके हैं। 6 दिनों तक चलने वाली इस चयन प्रक्रिया में पूरे प्रदेश से 1000+ दावेदारों के लखनऊ पहुंचने का अनुमान है।
चंद्रशेखर आजाद खुद वन-टू-वन इंटरव्यू लेकर दावेदारों की जमीनी पकड़, संगठन में पैठ और जातिगत समीकरणों को कड़े तराजू पर तौल रहे हैं। बिना किसी बैसाखी के, अकेले दम पर यूपी फतेह करने की यह रणनीति विरोधियों की धड़कनें बढ़ाने के लिए काफी है। 'पूर्ण शराबबंदी' और '₹750 न्यूनतम मजदूरी' जैसे बड़े वादों के साथ एएसपी ने साफ कर दिया ह��� कि इस बार लड़ाई आर-पार की होगी!
टिकट की यह रेस खत्म होते ही प्रत्याशियों का आधिकारिक ऐलान होगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि चंद्रशेखर के इस 'फिल्टर' से छनकर कौन से जांबाज मैदान में उतरते हैं!
विरोध प्रदर्शन शानदार रहा। हज़ारों लोगों ने अपने सजग नागरिक होने का सबूत दिया।
कुछ संघी मानसिकता के आतंकियों ने अभिजीत पर हमला किया, लेकिन इससे हमारा हौंसला नहीं टूटने वाला।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और 'ज़ीरो ��ेपर लीक' के लि ए मिशन जारी रहेगा। जय भीम। इंकलाब ज़िंदाबाद।
मुझे नहीं लगता इसके लिए मोदी जी को दोष दिया जाना सही होगा।
अगर आप अपने परिवार के लिए स्लीपर या 3AC टिकट का इंतज़ाम भी नहीं कर सकते,
तो यह आपकी अपनी अक्षमता है— सरकार की नहीं।
और दुनियां के किसी भी देश में इतना लंबा सफर फ्री नहीं है।