आजादी के अमृत महोत्सव पर @UPGovt@PMOIndia को कम से कम सभी संविदा कर्मियों को नियमित करने की घोषणा करनी चाहिए थी। आजादी के 75 वर्ष बाद भी यह लोग अपने जीवन यापन के लिए संघर्ष कर रहे है।
@rashtrapatibhvn#मरता_अनुदेशक_उत्तर_प्रदेश
मैम जी नमस्ते। मैम जी 10 मिनट का समय निकाल कर इस पर चिन्तन करके हम अनुदेशकों का हित करिए। विद्यालय के सभी कार्यों में 100% योगदान दे रहे हैं फिर भी मेहनताना नहीं मिल रहा है। मोतियाबिंद और माइग्रेन है मुझे, इलाज नहीं कर पा रहे हैं, नियमित करा दीजिए।
@Myindia1989 @PMOIndia@myogiadityanath माननीय मुख्यमंत्री जी से आग्रह है की प्रदेश के अनुदेशकों को भी गुलामी के जंजीरों से आजाद करिए अनुदेशकों को नियमित किया जाय
क्या प्रदेश के मुख्यमंत्री और बेसिक शिक्षा मंत्री इस अमृत महोत्सव काले को देखते हुए अनुदेशकों का ₹17000 मानदेय तत्काल अभिलंब जारी करने का आदेश पारित करते हैं।
अनुदेशकों का वर्ष 2017 से ₹17000 , 9% के ब्याज से अभिलंब शासनादेश जारी किया जाए..?
अल्प मानदेय मिलने के कारण अनुदेशकों के सामने परिवारों के भरण पोषण का संकट, पूर्णकालिक शिक्षक की भांति कार्य करते हैं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशक https://t.co/YAmHcCTEij अनुदेशक #primarykamaster#basicshikshanews#बेसिकशिक्षापरिषद
@myogiadityanath#मरता_अनुदेशक
सर हम त्योहार कैसे मनाये। सर रक्षाबंधन, मिठाई कैसे खरीदे। मानदेय से उधारी ही पूरी नही हो रही है। पत्नी को मायके जाना है, बहन को आँसू के सिवा कोई दूसरा उपहार देनें का सामर्थ्य ही नहीं है, जबकि सरकारी नौकर हैं कार्य समान है। नियमित करके जीवन दीजिए।
#भविष्यवाणी :- कुछ लोग कह रहे हैं कि खेल बाक़ी है ! अरे भई मंगल कल भारत के लगन में आ रहा है अब खेल ही खेल होगा ! वैसे भी भारत में भ्रष्टाचार और खेल के अलावा होता ही क्या है !
आजादी का अमृतकाल
जिस स्कूल में अनुदेशक 70 से 80 km की दूरी तय करके जाता है उस स्कूल के अन्य शिक्षक को करीब 1 लाख वेतन चपरासी को 30000 वेतन, गांव के सफाई कर्मी को 15 से 17000 वेतन और उस अनुदेशक को मात्र 9000 मानदेय मिलता है। @PMOIndia@myogiadityanath@CMOfficeUP@thisissanjubjp