शिक्षक का सम्मान, शिक्षा का उत्थान और व्यवस्था का व्यावहारिक समाधान—इन्हीं तीन उद्देश्यों को लेकर मैंने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी, माननीय मुख्य सचिव एवं माननीय अपर मुख्य सचिव (बेसिक शिक्षा) को एक विस्तृत पत्र प्रेषित किया है।
पत्र के माध्यम से मैंने बेसिक शिक्षा विभाग की स्थानांतरण नीति में छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) को स्थानांतरण की अनिवार्य शर्त बनाए जाने पर पुनर्विचार करने का विनम्र अनुरोध किया है।
मेरा स्पष्ट मत है कि PTR कोई स्थिर (Static) नहीं, बल्कि पूर्णतः गतिशील (Dynamic) व्यवस्था है। आज किसी विद्यालय का PTR जो है, वह एक शिक्षक के स्थानांतरण के बाद स्वतः बदल जाता है। इसलिए इसे स्थानांतरण का अंतिम आधार बनाना न तो प्रशासनिक दृष्टि से उचित है और न ही व्यावहारिक।
मैंने यह भी निवेदन किया है कि वर्तमान में स्थानांतरण चाहने वाले शिक्षकों की संख्या लगभग 6,500 है, जबकि प्रदेश सरकार लगभग 60,000 नए शिक्षकों की भर्ती की घोषणा कर चुकी है। ऐसे में पहले इच्छुक शिक्षकों को उनकी वांछित तैनाती प्रदान कर दी जाए और तत्पश्चात नई भर्ती के माध्यम से पूरे प्रदेश में PTR का वैज्ञानिक एवं संतुलित पुनर्विन्यास किया जाए। इससे शासन के उद्देश्य भी पूरे होंगे और हजारों परिवारों को वर्षों से चली आ रही पीड़ा से भी राहत मिलेगी।
मैंने अपने पत्र में एक अत्यंत महत्वपूर्ण तथ्य की ओर भी ध्यान आकर्षित किया है।
'स्कूल चलो अभियान' जैसे जनहितकारी अभियानों को सफल बनाने के लिए हमारे शिक्षकों ने घर-घर जाकर बच्चों का नामांकन कराया। आज उन्हीं की मेहनत के कारण सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है और उसी बढ़े हुए PTR के आधार पर अनेक शिक्षक स्थानांतरण से वंचित हो रहे हैं। यह स्थिति उन शिक्षकों के साथ न्याय नहीं करती, जिन्होंने सरकार की योजनाओं को धरातल पर सफल बनाया।
यदि शिक्षकों की निष्ठा और परिश्रम का परिणाम उनके अपने हितों के विरुद्ध जाएगा, तो भविष्य में ऐसे अभियानों के प्रति स्वाभाविक उत्साह प्रभावित होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। एक प्रेरित शिक्षक ही राष्ट्र का श्रेष्ठ निर्माता होता है।
प्रदेश में हजारों शिक्षक एवं शिक्षिकाएँ वर्षों से अपने परिवारों से दूर सेवा दे रहे हैं। अनेक बच्चों का बचपन माता या पिता की अनुपस्थिति में बीत रहा है। मेरा मानना है कि शिक्षक का मनोबल और पारिवारिक संतुलन, दोनों ही शिक्षा की गुणवत्ता से सीधे जुड़े हुए हैं।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी शिक्षकों की इस व्यावहारिक एवं मानवीय समस्या पर संवेदनशीलतापूर्वक विचार करेंगे और ऐसा निर्णय लेंगे जो शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने के साथ-साथ हजारों शिक्षक परिवारों को भी न्याय प्रदान करेगा।
नीति का उद्देश्य केवल नियम बनाना नहीं, बल्कि न्यायपूर्ण, मानवीय और प्रभावी व्यवस्था स्थापित करना होना चाहिए।
– विंग कमांडर डॉ. पुष्कल विजय द्विवेदी (सेवानिवृत्त)
महानिदेशक
भारतीय शिक्षा अनुसंधान परिषद (BSAP)
@myogiadityanath@UPCMOffice@ChiefSecyUP
लखनऊ
➡दंपत्ति शिक्षक संघ का निशातगंज शिक्षा निदेशालय पर प्रदर्शन
➡अंतर्जनपदीय तबादला नीति में संशोधन की मांग उठाई
➡महानिदेशक स्कूल शिक्षा को ज्ञापन भेजकर राहत की मांग
➡दम्पति शिक्षकों को PTR की बाध्यता से मुक्त करने की मांग
➡परिवार के साथ रहने और सामाजिक दायित्व निभाने का हवाला
#Lucknow #TeachersProtest #EducationDepartment @UPGovt@CMOfficeUP
सर्व शिक्षा अभियान पूर्व प्रधानमंत्री माननीय अटल बिहारी बाजपेई जी के नेतृत्व वाली सरकार ने पारित किया था सरकार की सोच थी कि 6-14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाए ।इस अभियान के अंतर्गत सरकार ने प्रत्येक गाँव व मजरे में प्राथमिक विद्यालय व प्रत्येक किमी पर उच्च प्राथमिक विद्यालय की स्थापना हेतु भवन सहित तमाम संसाधन उपलब्ध कराए
परंतु आज कम/अपर्याप्त छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों को समाप्त करके अन्य विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराने की योजना तैयार की गई है
परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत जनसंख्या वृद्धि की दर घट रही है दूसरी तरफ़ विभाग ने तमाम अधो मानक विद्यालयों को मान्यता प्रदान कर रखी है तमाम ग़ैर मान्यता के विद्यालय अधिकारियों की मिलीभगत से आज भी संचालित हो रहे है ऐसे में नामांकन कम होना स्वाभाविक है
सरकार ने विधान सभा में सदैव माना है कि छात्र व शिक्षक अनुपात उत्तर प्रदेश में मानक के अनुसार सही है तो फिर विद्यालयों को बंद करने की जरूरत क्या है और यदि सरकार को लगता है कि शिक्षकों की आवश्यकता है तो उसकी कमी नई भर्ती करके करनी चाहिए न कि विद्यालय बंद करके ।
इससे गाँव देहात के तमाम बच्चों से शिक्षा दूर हो जाएगी
लगभग २० हज़ार विद्यालयों का मर्जर पूर्व में करके शिक्षकों की पदोन्नति के अवसर समाप्त कर दिए गए ।वर्ष 2015 से आज तक किसी भी शिक्षक की पदोन्नति नहीं हुई ।इस आदेश से शिक्षकों के हजारों पद समाप्त हो जायेंगे
जिससे कार्यरत शिक्षकों की पदोन्नति नहीं होगी
जो डी एल एड या बीटीसी पास युवक युवतियाँ शिक्षक बनने की उम्मीद में हैं वे शिक्षक नहीं बन पाएंगे
माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है कि इस आदेश को निरस्त करने की कृपा करें।
वैसे भी किसी राज्य में शराब की दुकानों की संख्या में वृद्धि तथा विद्यालयों की संख्या में कमी की नीति आलोचना का कारण बनेगी
जब ग्रामीणों को पता चलेगा कि उनके गाँव का विद्यालय दूसरे गाँव में शिफ्ट किया जा रहा है तो जन आक्रोश लाजिमी होगा ।
उत्तर प्रदेश सरकार के बेसिक शिक्षा विभाग का तुगलकी फरमान !
भीषण गर्मी के वजह से स्कूलों की छुट्टी 30 जून तक बढ़ाई गई,पठन पाठन का कार्य नहीं होगा,
लेकिन शिक्षकों को विद्यालयों में उपस्थिति होकर शैक्षणिक कार्य करना पड़ेगा । किसको पढ़ाएँगे?
असल में पढ़ाई की ज़रूरत तो यूपी के शिक्षा मंत्री को है,जो लिखित जबाब को विधानसभा में खड़ा होकर ठीक से पढ़ तक नहीं पाते है ।@myogiadityanath@yadavakhilesh
नौनिहालों को ककहरा सिखाने वाले विभाग के अधिकारी भी गजब हैं.
विभाग ने बच्चों की छुट्टी तो पूरे जून तक कर दी और #हीटप्रूफ_मास्साब को 16 जून से स्कूल में अपनी हाजिरी पूरी लगाने का आदेश दिया है. क्या सिर्फ इसलिए कि लोगों को लगे कि मास्साब आज भी आजाद नहीं हैं !
#अजब_गजब#दास_प्रथा
श्री देवेंद्र प्रताप सिंह (सदस्य, विधान परिषद) ने अत्यधिक भीषण गर्मी और हीट वेव के चलते सिर्फ़ बच्चों की छुट्टी बढ़ाने संबंधी जारी आदेश के क्रम में शिक्षकों को भी 30 जून तक ग्रीष्मावकाश दिए जाने संबंधी शासन को लिखा पत्र!
धन्यवाद महोदय!
#पूर्णग्रीष्मावकाश@UPGovt@thisissanjubjp
प्रदेश भर में जारी भीषण गर्मी और हीट वेव के दृष्टिगत बच्चों की छुट्टी, लेकिन अकारण शिक्षकों को स्कूल बुलाने का आदेश पूरी तरह अव्यवहारिक और अमानवीय है। आदरणीय बेसिक शिक्षा मंत्री @thisissanjubjp जी कृपया संशोधित आदेश जारी कराने की कृपा करें।
#पूर्णग्रीष्मावकाश@DrDCSHARMAUPPSS
आदरणीय बेसिक शिक्षा मंत्री @thisissanjubjp जी,
कृपया सलंग्न पत्र का संज्ञान लेकर अत्यधिक भीषण गर्मी और हीट वेव के दृष्टिगत शिक्षक की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करके ग्रीष्मावकाश के आदेश को संशोधित कराने का कष्ट करें। धन्यवाद् 🙏🙏
#पूर्णग्रीष्मावकाश@UPGovt@DrDCSHARMAUPPSS