Rajasthan Royals ने इस सीज़न में उम्मीदें तो बहुत जगाईं, लेकिन सच यह है कि पूरी टीम कहीं ना कहीं एक युवा खिलाड़ी Vaibhav Suryavanshi के कंधों पर ज़्यादा निर्भर दिखाई दी।
एक बच्चे ने जिस तरह दबाव में लगातार 90+ पारियां खेलकर टीम को संभाला, वह काबिल-ए-तारीफ़ है। लेकिन क्रिकेट अकेले किसी एक खिलाड़ी के दम पर नहीं जीता जाता।
अगर बाकी खिलाड़ी उसी जुनून, ऊर्जा और जिम्मेदारी के साथ खेलते, तो शायद कहानी अलग होती।
कप्तान Riyan Parag समेत कई खिलाड़ियों में वह फाइटिंग स्पिरिट नहीं दिखी जो एक चैंपियन टीम की पहचान होती है।
मैदान पर टीम में एकजुटता, आक्रामकता और जीत की भूख कम नज़र आई, जबकि दूसरी तरफ Gujarat Titans के खिलाड़ी हर गेंद पर पूरी जान लगाते दिखाई दिए। यही फर्क बड़े मैचों में जीत और हार तय करता है।
सबसे भावुक बात यह रही कि इतने छोटे खिलाड़ी ने अपना “1000 प्रतिशत” देकर टीम को बार-बार मुश्किल से निकाला, लेकिन उसे वैसा सपोर्ट नहीं मिला जिसका वह हकदार था।
Vaibhav Suryavanshi ने साबित कर दिया कि वह भविष्य का बड़ा खिलाड़ी है। वह टीम को चैंपियन भी बना सकता है, लेकिन उसके साथ पूरी टीम को भी उसी स्तर का प्रदर्शन करना होगा।
Proud of Vaibhav Suryavanshi… Very Well Played, Little Champ! 👏🔥
ब्रज मंडल की प्यारी दावतें ऐसे ही नहीं हो जाती दोस्तों, छोटे से लेकर बड़ा बुजुर्ग पूरे दिन पूरे दमख़म से काम करते हैं, कभी खीर ले जानी पड़ती है तो कभी पूआ,रायता या सब्ज़ी , किसी की सेवा चाकरी में कोई कसर न रहे, बार बार हलवाइयों के पास जा करके देखना पड़ता है कितना stock है और कितना नहीं, किसे परोसा साथ देना है और किसे नहीं इसका भी ध्यान रखना होता है,👏👏
एक दौर था जब शादी का कार्ड लेकर बैंक जाओ तो बिना किसी झंझट के 10–20 रुपये के नए नोटों की गड्डी मिल जाया करती थी। वो सिर्फ नोट नहीं होते थे, बल्कि शादी की खुशियों का हिस्सा होते थे
लेकिन आज हालात इतने बदल गए हैं कि वही गड्डी अब आम आदमी की पहुँच से बाहर हो गई है। बैंक में मांगो तो “नहीं है” का जवाब मिलता है, और बाहर वही नोट 400–500 रुपये ज्यादा देकर आसानी से मिल जाते हैं।
सवाल सिर्फ नोटों का नहीं है, सिस्टम पर भरोसे का है। अगर बैंक में उपलब्ध नहीं हैं, तो फिर बाजार में ये आ कहाँ से रहे हैं?
कहीं न कहीं ऐसा लगता है कि व्यवस्था के भीतर ही कोई गड़बड़ है, जिसने एक साधारण जरूरत को भी ‘जुगाड़’ और ‘ब्लैक’ का हिस्सा बना दिया है।
आज #GTvsMI मैच पूरी तरह thriller है। जब टीम दबाव में थी, तब Tilak Varma ने जिम्मेदारी लेते हुए 101(45) की शानदार शतकीय पारी खेली और MI को 199/5 तक पहुँचाया।
चोट के बाद ऐसी comeback innings सच में class और confidence दिखाती है।
आज बहुत सालों बाद मार्च खत्म होने जा रहा है !
1. कोहरा
2. बर्फ गिरना
3. बारिश
4. होली
5. एग्जाम
6. प्रैक्टिकल
7. सिलेंडर की कमी
8. पेट्रोल पंप पर पेट्रोल खत्म होना और लंबी लाइनें
9. वर्ल्ड कप
10. आईपीएल
11. वॉर और विश्वयुद्ध जैसे हालात
12. नवरात्रि
13. रमजान
14. ईद
15. धुरंधर 2
अब बस मार्च खत्म होते हुए देखना बाकी है