Shazia ji: “This pic says all!”
It really does.
First someone please tell Lula that he attended BRICS.
Then inform Ebrahim Raisi, who died in a helicopter crash in May 2024, that he apparently made it too.
Waise delete kyu kiya @shaziailmi ?
ANI edited its post yesterday to portray Amit Shah as being so sensitive to the Satya Niketan tragedy that he cancelled his Goa event.
What they wanted to erase was the fact that Amit Shah was in Goa yesterday to inaugurate a newly constructed BJP state headquarters.
Just days ago, Nadda ji was boasting that under Modi, 290 BJP offices have been built, 105 are under construction, and land has been acquired for another 123.
Think about that.
Had the crores poured into building lavish BJP offices instead been spent on colleges and student hostels, perhaps yesterday’s tragedy in Satya Niketan could have been avoided.
When Nehru became PM, India had nothing, we were struggling for food, our budget was only ₹500 Cr
Still he built ISRO, IITs, IIMs & the entire India from scratch
There can never be second Nehru
— Major Gen CS Dhawan 🫡🔥
आज़ादी के पहले यदि पांच लोग भी वंदे मातरम् गाते हुए निकल जाएं तो उनको गोली मार दी जाती थी. उस समय भाजपा के लोग अंग्रेज़ों की मुखबिरी और तलवे चाट रहे थे. क्या भाजपा के लोगों ने कभी वंदे मातरम् गाया या किसी आंदोलन में भाग लिया?
वो कांग्रेस पार्टी है जिसने अपने राष्ट्रीय अधिवेशनों और कार्यक्रमों में वंदे मातरम् गाया. बंकिम चंद्र चटर्जी जी ने लिखा है लेकिन राष्ट्रगीत के रूप में स्वीकार कांग्रेस पार्टी ने किया.
हमने इसके लिए लाठियां और गोलियां भी खाई हैं. जनसंघ में या बीजेपी में या आरएसएस में वंदे मातरम् कब गाया गया बताइए जरा?
मोदी सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि “दिल्ली पुलिस की तारीफ करनी चाहिए।”
संसद से आधा किलोमीटर दूर, शांतिपूर्ण छात्रों पर पैलेट गन चली, कील लगी लाठियाँ चलीं, एक बच्चे की आँख चली गई, एक बच्ची का कान कट गया। इस बर्बरता की तारीफ करनी चाहिए?
मैं ख़ुद उन घायल बच्चों से मिला हूँ। हज़ारों वीडियो देश ने देखे हैं।
इस सरकार का मूल मंत्र ही असत्य और हिंसा है। पहले बच्चों पर लाठी चलाओ, फिर बोल दो कि कुछ हुआ ही नहीं।
पूरे सत्र “लापता” अमित शाह विपक्ष से भागते रहे। और प्रधानमंत्री ने आज तक छात्रों से माफ़ी नहीं माँगी।
सच्चाई यह है कि इस देश के लिए सबसे बड़ा ख़तरा यही दिमाग से खाली लोग हैं - जिन्हें न अपनी ग़लती दिखती है, और दिखने पर मानते नहीं।
देश के बच्चों से झूठ मत बोलिए। उनके पास आँखें हैं और याददाश्त भी।
“जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने वाले Gen-Z पंचर लगाने वाले थे, छात्र नहीं थे”
नरेंद्र मोदी के चहेते BJP नेता रमेश बिधूड़ी
BJP वाले छात्रों को मवाली, गटर जनरेशन, भेड़िए ना जाने क्या क्या बुला रहे हैं
और नरेंद्र मोदी ड्रामा करके वीडियो बनाते हैं - फ्रैंड्स फ्रैंड्स करते हैं
ढोंगी
“जॉब नहीं मिलेगा, तो सिंहासन हिलेगा।”
कोटा के बाद, देहरादून के बाद अब ‘छात्रों की गूंज’ प्रयागराज पहुंच रही है।
यह वो शहर है जहां लाखों नौजवान सालों से तैयारी कर रहे हैं - फ़ॉर्म भरते हैं, फीस देते हैं, और इंतज़ार करते रहते हैं।
पेपर लीक ने उनका आज छीना। रुकी हुई भर्तियों ने उनका कल। और अभी कुछ दिन पहले, दिल्ली में इन्हीं बच्चों पर लाठियां और पैलेट चलाए गए - सिर्फ़ इसलिए कि उन्होंने अपने हक़ की बात की।
हम उनकी आवाज़ उठाते रहेंगे और उन्हें इंसाफ़ दिलाकर रहेंगे। अब बहाने नहीं चलेंगे - जवाबदेही लीजिए, या कुर्सी छोड़िए।
8 अगस्त - प्रयागराज में मिलते हैं।
#ChhatronKiGoonj
बीजेपी भी अजीब है।
साधु के वस्त्र चंदा चोर पहने, कोई और नहीं।
राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में अनिल मिश्रा साधु के वस्त्र पहनकर मोदी जी के बगल में ही खड़े थे। ये वही अनिल मिश्रा हैं जिन्हें चंदा चोरी विवाद में अपनी कथित भूमिका के कारण राम मंदिर ट्रस्ट से इस्तीफ़ा देना पड़ा।
तब किसी को सनातन धर्म या साधु-संतों का अपमान नज़र नहीं आया।
लेकिन वही वस्त्र एक जनप्रतिनिधि व्यंग्य के लिए पहने, तो पाप हो गया।
आज चंदा चोरी से लेकर पेपर लीक और बच्चों पर हुए दमन तक, हर मोर्चे पर इस सरकार की थू-थू हो रही है।
इसलिए अब असंगत केस करके ध्यान भटकाने और अपना उल्लू सीधा करने की कोशिश की जा रही है।
अपने बच्चों को खोने वाले माता-पिता के आंसू, उनका बिलखना - इससे बड़ा कोई दुःख नहीं होता।
ये एक ग़म उनके साथ हमेशा जिंदा रहेगा - और साथ ही रह जाते हैं इस टूटी और भ्रष्ट education system के बारे में कई सवाल।
पेपर लीक | रद्द परीक्षाएं | सालों की तैयारी एक पल में बर्बाद - हमारे छात्रों को उस सिस्टम में ईमानदारी से मेहनत करने के लिए कहा जाता है जो खुद बेईमान है।
और उसके बाद भी प्रधानमंत्री की ये हिम्मत है कि वो छात्रों को "माफ़" करने की बात करते हैं।
क्या वो एक भी शोकाकुल परिवार से मिले जिन्होंने अपने बच्चे को खोया है या उन लोगों से जिनकी जमा पूंजी, ज़िंदगी, वक्त और सपने सब पेपर लीक से छीन लिए गए? जवाब है नहीं!
भारत के छात्रों को प्रधानमंत्री की क्षमा की ज़रूरत नहीं - मोदी जी को उनसे माफ़ी मांगनी चाहिए।
संसद से गृह मंत्री अमित शाह जी के जाने पर हाथ बाँधे चलती हुई यह आज्ञाकारी मंडली कार्यकर्ताओं की नहीं, बीट रिपोर्टर्स की है
लेकिन क्या इनमें से किसी एक ने भी शाह से पूछा “सर पैलेट चलाने का ऑर्डर किसने दिया था”?
सवाल पूछना तो दूर बेचारे कैमरा उठाने की हिम्मत तक नहीं जुटा पाये
I was a petitioner in Supreme Court who fought & got Bilkis Bano’s rapists back in jail after they were released early. @JoshiPralhad defended their release. It is documented fact. No gutter talk about Nehru by BJP hustlers will change that. Well done @priyankagandhi
मोदी सरकार ने वादा किया था कि हम छात्रों पर कोई एक्शन नहीं लेंगे,
लेकिन दिल्ली, पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, यूपी में छात्रों पर FIR हो रही है। छात्रों के घरों में पुलिस दबिश दे रही है, उनके माता-पिता को परेशान किया जा रहा है।
ये दिखाता है कि BJP सरकार की कथनी-करनी में कितना फर्क है।
छात्र समझ रहे हैं कि गन फायर का आदेश अमित शाह द्वारा दिया गया, इसलिए उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।
पेपरलीक के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों को टारगेट किया जा रहा है। सरकार द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को लेटर लिखे गए हैं, ताकि उनकी आलोचना वाले पत्रकारों, यू-ट्यूबर्स के वीडियो डिलीट कराए जा सकें।
: @nsui अध्यक्ष @VinodJakharIN जी
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद education system के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे।
उसी system ने 26 बच्चों की जान ली, और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया।
इस्तीफ़ा भी नैतिकता से नहीं - युवाओं के आक्रोश से डरकर देना पड़ा।
और आज उसी व्यक्ति को संसद में BJP माला पहना रही है। यह कोई सम्मान नहीं - लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न है।
देश का हर छात्र ये देख रहा है। और इसमें शामिल हर चेहरा याद रखेगा।
How many more Institutions will Modi Govt destroy ?
🚨 While Modi Govt shamelessly uses ISRO for PR, his government's is rapidly dismantling India’s space legacy and its future ! 🚨
With over 100 brilliant scientists leaving the national space program, Former Chairman G. Madhavan Nair has exposed the alarming reality behind this brain drain:
▪️ Stolen Autonomy: The BJP government's interference has stripped the Space Commission of its power. Critical technical and financial decisions are now being dictated by officers sitting in Delhi secretariats!
▪️ Bureaucratic Meddling: ISRO is being heavily bureaucratized, destroying the unique, unified command structure that built our space program from scratch.
▪️ Siphoning Talent: There is intense pressure from external agencies to siphon out ISRO's highly trained manpower and rich resources, which will severely hurt the space program.
The BJP government is destroying the crown jewel of Indian science.
We are losing our finest minds to their apathy, ignorance & arrogance !
"रुपया कमजोर नहीं हुआ है, डॉलर मजूबत हुआ" के बाद अब पेश है "पेपर लीक से नुकसान नहीं हुआ है पेपर लीक से दोबारा और अच्छी तैयारी करने का मौका मिला है"
धन्य है जम्बूद्वीप की ये पावन धरा जहां ऐसी तेजस्वी प्रतिभाओं ने जन्म लिया 🙏