It happened in Ahmedabad too.
Members of the Bhagwa Sena staged a protest at Palladium Mall in Ahmedabad over Christmas celebrations, raising slogans calling for a boycott of Christmas. Following the protest, Christmas decorations, including trees, were removed from the mall premises. Police intervened to control the situation and detained protesters to prevent any escalation. Via- @ahmedabadmirror
एक महिला होकर एक बलात्कारी का समर्थन कैसे कर सकती है!
भगवा गमछा पहने ये महिलाएं बलात्कारी कुलदीप सेंगर के समर्थन में प्रदर्शन कर रही है!
शर्मनाक है ये!
कहां आ गया अपना देश!
उन्नाव रेप पीड़िता की प्रदर्शन के दौरान तबियत खराब , कुछ देर पहले रेप पीड़िता की माँ को भी अचानक चक़्कर आ गए थे , मानसिक दबाव की वजह से तबियत बार बार खराब हो रही है ,
मेरी बहन हम आपके साथ है , आपको न्याय ज़रूरत मिलेगा हिम्मत मत हारो ,
@Ramraajya उन्नाव बलात्कार के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर जैसे अपराधी के समर्थन में उतरना इंसानियत के ख़िलाफ खड़ी होना है। यह न्यायपालिका, पीड़िता और हर उस बेटी का अपमान है जो न्याय की उम्मीद से लड़ रही है। ऐसे समर्थन की खुलकर निंदा होनी चाहिए ताकि समाज अपराधियों नहीं, पीड़ितों के साथ खड़ा हो।
स्थानीय में मुस्लिम घरों में डायरेक्ट घुसी पुलिस, महिलाओं के आरोपों के अनुसार पुलिस ने छापेमारी के नाम पर मुस्लिम बहुल इलाक़ों में घरों में प्रवेश किया, तोड़फोड़ की और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया, कई घरों में खड़ी गाड़ियों को नुकसान पहुँचाया गया, आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में एक-एक कर घरों में घुसे, यहाँ तक कि एक विधवा महिला के घर को भी नहीं छोड़ा गया।
कानून के नाम पर अगर पुलिस ही गुंडागर्दी करे तो आम नागरिक जाए कहाँ? महिलाओं, बच्चों और बुज़ुर्गों से बदसलूकी, घरों में तोड़फोड़, क्या यही “राज्य की शक्ति” है? मुस्लिम इलाक़ों को निशाना बनाकर डर फैलाना कानून-व्यवस्था नहीं, सामूहिक उत्पीड़न है, दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो यह साफ़ संदेश जाएगा कि ज़ुल्म को संरक्षण मिला हुआ है।
बरेली पुलिस ने आज बजरंग दल के लोगो के खिलाफ FIR दर्ज ली , पुलिस ने 2 नामजद और कई अज्ञात लोगो के खिलाफ पुलिस ने मारपीट और शांतिभंग जैसी धाराओं मे मामला दर्ज किया ,
सोशल मीडिया की ताकत और आप सभी के आवाज उठाने के बाद पुलिस ने ये सब कार्यवाही की ,
क्या इस देश में जन्मदिन मानना अपराध है ?
जन्मदिन की पार्टी में कौन धर्म के लोग शामिल होंगे क्या ये बजरंगदल तय करेगा ?
क्या अब उत्तरप्रदेश पुलिस बजरंगदल के अनुसार चलेगी ?
@Uppolice मामले में क्या कार्यवाही हुई जवाब दीजिए।
@_inspiretrail_ यह घटना बरेली में क़ानून और न्याय की विफलता का प्रतीक है। निर्दोष मुस्लिम युवकों को निशाना बनाना और असली हमलावरों को बचाना सांप्रदायिकता की शर्मनाक मिसाल है। पुलिस की पक्षपातरहित कार्रवाई ही ऐसे नफ़रती तत्वों पर रोक लगा सकती है। #Haters
बरेली की यह घटना क़ानून और न्याय पर गहरा सवाल खड़ा करती है। जब निर्दोष छात्र ही दोषी बना दिए जाएँ और हिंसा करने वाले खुले घूमें, तो यह समाज की साम्प्रदायिक बीमारी और प्रशासन की नाकामी दोनों को उजागर करता है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई ही असली न्याय है। #haters
लोकेशन: बरेली, उत्तर प्रदेश
यहाँ खतना किए गए लोग कौन हैं? — यही सवाल सबसे बड़ा है।
बजरंग दल के सदस्य, रिषभ ठाकुर के नेतृत्व में, एक जन्मदिन की पार्टी में मौजूद मुस्लिम युवकों पर बेरहमी से हमला करते हैं। उन पर तथाकथित “लव जिहाद” जैसे मनगढ़ंत और सांप्रदायिक आरोप लगाए जाते हैं।
हकीकत यह है कि पार्टी में मौजूद सभी छात्र एक ही शैक्षणिक संस्थान के थे और किसी भी तरह की साजिश या अवैध गतिविधि का कोई सबूत नहीं मिला।
पुलिस जांच में आरोप पूरी तरह निराधार साबित हुए। इसके बावजूद, विडंबना देखिए कि दोनों मुस्लिम छात्रों को ही पुलिस हिरासत में ले लिया गया—जबकि हमला करने वालों पर सख़्त कार्रवाई की ज़रूरत थी।
यह भी रिकॉर्ड पर है कि रिषभ ठाकुर पहले भी भड़काऊ हरकतें कर चुका है—उसने मौलाना अरशद मदनी का पोस्टर सार्वजनिक शौचालय पर लगाया और उसका वीडियो फैलाया, जो साफ़ तौर पर घृणा फैलाने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की मंशा दर्शाता है।
यह मामला सिर्फ़ मारपीट का नहीं, बल्कि सांप्रदायिक नफ़रत, झूठे आरोप, और क़ानून के दुरुपयोग का है।
अब सवाल साफ़ है—क़ानून किसके लिए है और कार्रवाई किस पर होगी?
अगर 72 घंटे के भीतर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के पुतले को जलाने वालों पर NSA नहीं लगाया गया, तो 1 जनवरी को ग्वालियर, मध्य प्रदेश में बड़ा और निर्णायक आंदोलन होगा।
इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और मध्य प्रदेश सरकार की होगी। @AzadSamajParty@BhimArmyChief
Hello @RahulGandhi ji
In Congress-ruled Karnataka, bulldozers demolished 400 Muslim homes.
The demolitions took place in Fakir Colony and Wasim Layout, leaving approximately 400 families homeless. This action was carried out during the coldest period of the year in the city. The operation, conducted by Bengaluru Solid Waste Management Limited (BSWML), involved four JCB excavators and more than 150 police officers.
@s_afreen7 बरेली की यह घटना साबित करती है कि कानून का डर अब सिर्फ कमजोरों के लिए रह गया है। जब दंगाई खुलेआम गुंडागर्दी करें और निर्दोषों पर कार्रवाई हो, पक्षपात कार्रवाई हो, तो यह न्याय नहीं, सत्ता की मिलीभगत है। पुलिस का मौन सरकार के झुकाव को उजागर करता है।
Shameful display of bias by law enforcement. Instead of protecting innocent students, police targeted victims while the mob that assaulted them walked free. When peaceful gatherings face harassment based on religion, it’s not law and order...it’s prejudice in uniform. #Hater
A nursing student in Bareilly, UP, hosted a birthday party for her classmates at a café. The group included six girls and four boys, two of whom were Muslim. Shortly after the celebration began, members of the Bajrang Dal barged in, assaulted the Muslim boy and the girl and created a scene, accusing the boys of so-called “love jihad.”
In the video, police can be seen tussling with the girl. Although the police investigation found nothing objectionable, a case was still registered for “disturbing the peace” against the two Muslim boys and a café staff member. The Bajrang Dal members who triggered the commotion, however, were gently persuaded and sent away.
@AnilYadavmedia1 सच कहा जाए तो सत्ता के गलियारों में आज भी वही दरबारी प्रवृत्ति जीवित है। तब भांड कवि और शायर होते थे, आज चाटुकार कवित, मीडिया और दरबारी लेखक। बस सिक्कों की जगह पद, विशेषाधिकार और टीआरपी ने ले ली है — पर आत्मा वही कपट की बनी हुई है।