किसी ने सही कहा है कर्मा वापस लौट कर जरूर आता है जब छात्र जंतर मंतर पर आंदोलन कर रहे थे उन पर लाठियां पड़ रही थी
तब यह लोग बहुत खुश हो रहे थे
आज इनकी गांव पर प्याज काटी जा रही है तब यह धर्म का सहारा ले रहे हैं
इनका कहना है कि यह जंतर मंतर पर हनुमान चालीसा पढ़ रहे थे और इन पर लाठियां चलाई गई, सीधी सी बात है हनुमान चालीसा पढ़ने के लिए मंदिर है जंतर मंतर नहीं।
जंतर मंतर आंदोलन करने की जगह है आंदोलन करोगे तो लाठियां खानी पड़ेगी
अफसोस की बात यह है इन्हीं लोगों को हमारे समाज के लोगों ने दान दक्षिणा देकर पाला है आज यही लोग हमें आंखें दिखा रहे हैं, हमारे अधिकार को खत्म करने के लिए आंदोलन कर रहे हैं।
@SonOfBharat7 SC-ST-OBC के लिए सरकार द्वारा स्वीकृत सारा धन हर SC-ST-OBC को समान नकद बांट दिया जाए तो सभी प्रकार के SC-ST-OBC जरुरतमंदों को आरक्षण का लाभ मिल जाएगा, इनका जीवन सुधर जाएगा। सवर्णों की चिंता भी खत्म हो जाएगी वंचित तक आरक्षण पहुंचने की। हर SC-ST-OBC को प्रतिवर्ष 1 लाख मिल सकते हैं।
@sumit1kalra 80% फ्री राशन लेने वाले और 10% शर्म के कारण फ्री राशन ना लेने वाले और 5% कंजूस-अमीर, लगभग 95% खैनी बीड़ी वाली जनसंख्या तो महंगी चीनी को रोएगी! बजट बिगड़ जाएंगे इनके।
₹25 का विमल तो करोड़पति खाते हैं, लखपति नहीं। सबसे ज्यादा सुविधासंपन्न मोदी जी ना जानें कि "गरीब' कैसे जीते हैं"
जंतर-मंतर पर कॉकरोच अपनी मांग (इस्तीफा) मनवाकर खुशी-खुशी चले गए।
कॉकरोचो से भी बडा आंदोलन करने की सोचकर आए सवर्ण-संगठन बिना आरक्षण-यूजीसी हटाए पिट-पिटा कर चले गये।
इस दुर्गति के विरोध मे ब्राह्मणो को आरक्षण-यूजीसी हटने तक 'मंदिर-बंद' आंदोलन छेड़ देना चाहिए
आजकल शहरों-गांव में स्टेज पर नाच रहीं हिन्दू बेटियों को बचाने के लिए ब्राह्मणो को हिन्दू-जीवनशैली का विरोध करना चाहिए, 8 साल की शार्ट ड्रेस पहनी बच्ची का नहीं। अंग्रेजों ने कहा था कि ब्राह्मणों में न्यायिक चरित्र नहीं होता, इसलिए ब्राह्मणों को हटाया जाना चाहिए।
@MandeepRajBhar9 जो जज जल्दी-जल्दी काम निपटा रहे हैं उन्हें ज्यादा काम दिया जाना चाहिए। उनका काम छीनने वालों की भी जांच होनी चाहिए।
जज साहब का कार्य पैर में पीतल और बुलडोजर से लाख गुना अच्छा है।
ब्राह्मणों ने अम्बेडकर को बेटी तो दी, परंतु 'पानी' नहीं दिया।
महाराजा गायकवाड़ के सेनापति बने डॉ अम्बेडकर को ब्राह्मण चपरासी पानी (सम्मान) नहीं देता था। अब भी दलित बस्तियों को गन्दा पानी मिलता है।
रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून।
पानी गये ना ऊबरे मोती मानुष चून।।
-संत रहीम साहब
मुगलई दाढ़ी वाले मोदी (राम) भगवान, पूर्व जन्म के ब्राह्मण मुगल-अकबर की तरह लग रहे हैं 😂
रामचरितमानस महाकाव्य मुगल राज में लिखा गया था। सब गोलमाल है भई सब गोलमाल है
अमित शाह हमारे चाणक्य नहीं हैं, यूरेशियन आक्रमणकारी आर्यों (हिंदुओं) के चाणक्य हैं। हमारे बौद्धकालीन सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के प्रधानमंत्री विष्णुगुप्त चाणक्य ने 'साम-दाम-दंड-भेद' विदेशियों पर इस्तेमाल के लिए बनाए थे। अमित शाह हम मूल-भारतीयों पर ही साम-दाम-दंड-भेद चलाए हुए हैं।
ब्रो का नाम अमित शाह है
ब्रो देश का गृह मंत्री है
ब्रो को राजनीति का चाणक्य और आयरन मैन कहते है
ब्रो देश का पूरा सिस्टम चलाते हैं,सारी पुलिस ब्रो के अंडर आती है
ब्रो को इस क्राइसिस के समय दिल्ली दरबार यानि गृह मंत्रालय में होना चाहिए था
ब्रो को उत्तर प्रदेश,राजस्थान,मध्य प्रदेश,बिहार,बंगाल में हो रहे छात्रों के आंदोलन को टैकल करना चाहिए था
ब्रो हमेशा क्राइसिस को टैकल करता आया है
ब्रो पहले 20 दिन मानसून सत्र से गायब रहा और अब
अमित ब्रो दिल्ली से दूर भाग रहा है...
ब्रो कभी पुडुचेरी,कभी राजस्थान,कभी अहमदाबाद कभी चेन्नई और कभी सिलीगुड़ी जा रहा है
ब्रो दिल्ली दरबार में क्यों नहीं बैठ रहा है? क्या गुजरात
लॉबी में कोई दरार पड़ गई है?
ब्रो Rahul Gandhi+GenZ+GenAlpha=Modi out वाली इक्वेशन से डर गया है क्या?
ब्रो चाणक्य को गृह मंत्रालय के दफ्तर में अजीत डोभाल
और होम सेक्रेटरी के साथ बैठकर
सारे पुलिस महानिदेशक,पूरी मशीनरी,सारे सिस्टम को चाक चौबंद करना था
ब्रो क्राइसिस मैनेज करने के बजाए क्राइसिस से भागता नज़र आ रहा है.. चाणक्य ब्रो के हाथ पांव फूल गए लगता है..
इस संसद सत्र के दौरान अमित ब्रो बैकफुट पर नजर आया और राहुल गांधी कमज़ोर दिख रहे चाणक्य को
सांस लेने का मौका नहीं दे रहे..
क्या इस angry old man की वाट लगा दी देश के बच्चों ने,LOP राहुल गांधी ने?
@CommonBS786OM गोडसों (भाजपा) का राज जाये, तो गांधीयों (कांग्रेस) का राज नही आना चाहिए। क्योकि कांग्रेस और भाजपा दोनो RSS के हिंदुओं के राज में देश सुधरा नही है, न उम्मीद है। अब मुस्लिम PM या बहुजन PM आजमाना चाहिए। मुस्लिम अल्लाह का राज दिखाएंगे, बहुजन बुद्ध का राज दिखाएंगे। अब नया राज देखें 🙏
"भूखे भजन न होई गोपाला, लो संभालो अपनी कंठी-माला (शिक्षा)"
आज सबसे बडी समस्या बेरोजगारी है, 'शिक्षा' दूसरे नंबर पर है। क्योकि घर-घर मे शिक्षित भरे पड़े है। 145 करोड़ की व्यवस्था के लिए करोड़ो सरकारी लोग चाहिएं। आज 20 हजार मे अफसर और 10 हजार मे कर्मचारी सरकारी नौकरी करने आ जाएंगे।
@KraantiKumar भारत में 3 बड़े दल हैं।
सवर्ण, शूद्र और अल्पसंख्यक।
सोशल मीडिया पर सबसे अधिक सवर्ण हैं, दूसरे नंबर पर अल्पसंख्यक हैं, बहुजन तीसरे नंबर पर है।
सोशल मीडिया पर पहले नंबर पर होने के कारण 'सवर्ण' देश पर राज कर रहे हैं। पढ़ाई-लिखाई आगे लाती है! इसलिए अंबेडकर का नारा था कि "शिक्षित बनो"
जो भें-भें करते हैं, वे नेता नहीं होते हैं। स्पष्ट बोलने वाला नेता होता है। मोदीजी खूब बोल-बोल कर और चिपट-चिपट कर सबको खुश रखते हैं। मोदी हटे तो भाजपा मे कोई खूब बोलने वाला नहीं है। अटल भी खूब बोलते थे, लेकिन किया कुछ नहीं। इसलिए भारत के लोग जैसे तब (नेहरू के समय) थे, ऐसे अब हैं।
घोड़े पर बैठकर आए यूरेशियन-यूरोपियन आक्रमणकारी आर्य (हिन्दू ब्राह्मण) महिलाएं नहीं लाए थे। स्त्रियां तो सारी भारतीयों की हैं। अतः अम्बेडकर की पत्नी भारत की बेटी थी।
प्रमाणिक इतिहासनुसार विश्व व भारत का सबसे प्राचीन धर्म 'बौद्ध-धर्म' है। बुद्ध और अम्बेडकर वादी मूलनिवासी हैं।
"अगर भीमराव अंबेडकर को ब्राह्मण अपनी बेटी नहीं देते तो वो रं$डुआ रह जाता "
यह व्यक्ति भारतीय संसद और सुप्रीम कोर्ट के दो किमी के दायरे में मीडिया के साथ बात करते हुए घोर आपत्तिजनक बात कर रहा है ।
@DelhiPolice को बताना चाहिए कि क्या इस तरह के बयान से देश के करोङों लोग जो बाबा साहब डॉ अम्बेडकर पर अगाध श्रद्धा रखते हैं , नाराज़ नहीं होंगे ।
क्या गृहयुद्ध की स्थिति नहीं बन जायेगी ?
इस व्यक्ति के उपर एससी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाये ।
https://t.co/ljWW1FhfRJ
यदि अंग्रेज भारत न छोड़ते तो आधुनिक आविष्कार केवल भारत में ही होते। क्योकि आजादी के बाद ब्राह्मणों ने बौद्धकालीन वैज्ञानिक शास्त्रों का ज्ञान विदेशो मे जाकर बताया। जिनके आधार पर आज इंटरनेट चल रहा है। बौद्ध शास्त्रों मे अब भी बहुत वैज्ञानिक तत्व छिपे हुए है।https://t.co/3ARVk3yc5l
नेहरू का नारा "बेटी-बचाओ बेटी-पढ़ाओ" सफल रहा था। जब आपातकाल में नेहरू की बेटी इंदिरा गांधी ने एक ही रात में देश के सारे विपक्षी नेता और माफिया उठाकर जेल में डाल दिए थे। कांग्रेस की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का यह रिकॉर्ड भाजपा के प्रधानमंत्री 2047 तक भी नहीं तोड़ पाएंगे।
गलतफहमी में मत रहना, ये नया भारत है! 🇮🇳
एक ही दिन, 14 राज्यों में 200+ आतंकी ऑपरेटिव गिरफ्तार!
देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए अब न इंतज़ार है, न कोई गुंजाइश। आतंक की जड़ें कितनी भी गहरी हों, उन्हें उखाड़ फेंकने में अब देर नहीं लगती।
इरादे भी स्पष्ट हैं और एक्शन भी तत्काल! 🛡️