🕉️रामभद्राचार्य जी महाराज.. रामायण सीरियल में प्रभु श्री राम का अभिनय करने वाले (अरुण गोविल) जी को गले लगा कर रो दिये.
बेहद मार्मिक दृश्य🙏🏻🚩
जय श्री राम
https://t.co/sPPQW3XHfR
राम मंदिर दान चोरी पर बहुत बड़ा खुलासा
टिन्नू यादव में अभियुक्त ने पिछले ढाई साल में अखिलेश यादव से 980 बार कॉल का रिकॉर्ड मिला
जिस दिन चंदा चोरी की बात सामने आई उस दिन टिन्नू यादव की अखिलेश से 3बार बात हुई है
इसका मास्टरमाइंड टोटी चोर ही हे बिलकुल साफ हे
शिवम त्यागी भाई फायर मूड में हैं 🔥🤟
जहां प्रभु श्री कृष्ण का जन्म हुआ
वही कृष्ण जन्मभूमि है, वहां हम मंदिर बनाकर रहेंगे
कुछ वर्ष पहले तक जो लोग बाबर को अपना बाप मानते थे, उन्हें लगा कि अब बाबर वोट नहीं दिलवा पा रहा है तो अंत में प्रभु श्रीराम की शरण में आ गएं
सपा के बेशर्म प्रवक्ता ने कहा था कि हिंदू चोर है
आज हिंदुओं ने इन्हें कहीं का नहीं छोड़ा
याद रहें... यह देश राम और कृष्ण का हैं।
जय श्रीराम श्रीकृष्ण नहीं....जय संविधान ठीक है
.....😂कितना भी ढोंग कर ले सनातनी होने का मगर रंग उतर ही जाता है........
एंकर:- क्या मैं आपका जय श्री राम या जय श्री कृष्णा से अभिवादन कर सकती हूं?
अखिलेश यादव :- नहीं जय भीम जय संविधान जय समाजवाद जैसे हमारे पास तमाम नारे रहे हैं आप सिर्फ उनसे ही मेरा अभिवादन करिए
यानी इसे जय श्री राम जय श्री कृष्णा कहना सुनना बिल्कुल पसंद नहीं है
फिर भी आज यह राम भक्त बनकर बाजार में घूम रहा है
218 करोड़ की GST चोरी में सपा नेता गिरफ्तार-
यूपी बदायूं में सपा के जिला कोषाध्यक्ष रचित गुप्ता ने अपनी कोठी में 12 FFS मशीनें लगाकर गुटखा की अवैध फैक्ट्री लगाया और गगन, नकली शिखर, दिलबाग, गोल्डमोहर के नकली पाउच में पैक करके उन्हें बाजार में खपा देता था!
सोनू के व्यापार का रजिस्ट्रेशन तक नहीं है, GST रेड में भारी मात्रा बड़े ब्रांड के नकली पाउच और बनाने का सामान मिला है?
ठाकुर का कुआं तुम खुद रहे थे और अपना कुआं नहीं खुद पा रहे थे, ये सब फर्जी कहानियां फैलाई गई की दलितों के पीछे मटकी, झाड़ू बांध कर घुमाया जाता है।
इन बातों का कहीं कोई प्रमाण नहीं है।
— अजीत भारती
इतिहास में पहली बार हुआ है कोई लौंडिया अन्दर जेल में है ओर लौंडा बहार मज़े में अपने घर वालों के साथ है..🤔🤣
सोचा एक बार ओर याद दिला दूं..🤔
फ़िटनेस के लिए जिम जॉइन किया।
दो साल से ज़्यादा समय तक अपनी ट्रेनर चांदनी कुरैशी के साथ अस्तगफिरुल्लाह करते रहा सालों तक खुदाई की चुसलमानों का जीजा बना चुस्लिम अपनी अप्पी लेकर आने लगे इसके पास फिर क्या
इस्लाम अपनाया, रातों-रात मशहूर हुआ और आरफ़ा शेरवानी के लिए एक आदर्श बन गया...
फिर उस कट्टरपंथी हादन और उसके पूरे परिवार को जेल भेजने के बाद 'घर वापसी' कर ली है
जाट ही कहदे मित्तर ओरो के बसका ना था.🫣🤣
हे सुनामी, तुम कब आओगी!
राहुल जी का ये सोचने का तरीका ही गलत है कि भूकंप आ जाएगा, सूखा पड़ जाएगा, आर्थिक सुनामी आ जाएगी, जनता सड़कों पर आ जाएगी, पेट्रोल पंप बंद हो जाएंगे, पेड़ सूख जाएंगे, बरसात बंद हो जाएगी, फिर बाढ़ आ जाएगी, बीमारी फैल जाएगी, और इसके बाद जब जनता दुखी होगी तो मोदी को हरा कर मुझे ले आएगी.
किसी भी राष्ट्र के सामने संकट आते हैं, जनता तय करती है कि संकट का मुकाबला करने के लिए कौन सा नेतृत्व बेहतर है.
इसलिए संकट हमेशा सत्ता परिवर्तन नहीं लाते.
हालांकि संकट भी नहीं आया. स्थितियां तेजी से सामान्य हो रही हैं. हम तेजी से इलेक्ट्रिक की तरफ जा रहे हैं तो संकट का दीर्घकालीन समाधान भी हो रहा है.
संकट नेतृत्व क्षमता की परीक्षा है. जनता तय करती है कि कौन पास हुआ और कौन फेल.
इस बीच राहुल गांधी का सुनामी का अंतहीन इंतजार जारी है.
समाजवादी पार्टी का असली चेहरा जानने के लिए 21 दिसंबर 1992 का संसद में रामगोपाल यादव के ये बयान जरूर सुनना चाहिए
रामलला को बताया अवैध कब्जेदार, हमने रामभक्तों पर गोली चलाई ये सीना ठोक कर कहते हैं, अगर हम होते कभी मस्जिद नही ढहने देते
आज अखिलेश यादव कहते हैं की गोली नृपेंद्र मिश्रा से चलवाई और तब खुद मुलायम सिंह यादव से लेकर रामगोपाल यादव तक अपने इस कुकृत्य पर यश का अनुभव करते रहे हैं
चंपत राय जी ने कह कर कि
कलंक लेकर नहीं जाऊंगा,
कुछ इशारा कर दिया -
रामगोपाल यादव को भी
SIT समन करे और चोरों के
नाम देख कर सोचो वो
“कौन जात हैं” -
कल चंपत राय जी ने कहा है कि अयोध्या में उनकी सेवा पूरी हो गई लेकिन अपने पर कलंक लेकर नहीं जाऊंगा - यह बात कह कर ही उन्होंने इशारा कर दिया कि वो समय आने पर कुछ ऐसे भेद खोलेंगे जिससे उन पर हो रहा मीडिया ट्रायल बेनकाब होगा - उन्हें ऐसा करना ही चाहिए - लेकिन उन्हें ही नहीं हर किसी को एक सीख भी लेनी चाहिए कि किसी पर अतिविश्वास कभी कभी घातक होता है -
तरह तरह की कहानियां सोशल मीडिया में गढ़ी जा रही है है चंपत राय के बारे में - आज कहीं पढ़ा जिसमें लिखने वाला कह रहा है कि SIT के सदस्यों को आते ही उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि पहले मुझसे पूछताछ करो और पूछताश में कई बार SIT के लोगों को धमकी दी - जबकि सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने अपने चैनल पर कहा कि चंपत राय ने सबसे पहले SIT को पूरी व्यवस्था से अवगत कराया -
एक स्टोरी बाजार में है कि चंपत राय ने मंदिर में गुप्त कैमरे लगाए हुए थे जिनसे उन्हें चोरी के बारे में पता चला - इस बात का चंपत राय ने कभी खंडन नहीं किया - मीडिया ने कभी इस विषय को उठाया ही नहीं - मीडिया तो उन्हें शीघ्र जेल भेजने के प्रयास कर रहा है - मैं फिर कहता हूँ जितनी इन पत्रकारों की उम्र है, उससे ज्यादा समय तो चंपत राय समाज, संघ, विहिप और राम मंदिर को दे चुके हैं - उनकी व्यवस्था में हो सकता है कुछ कमी रह गई हो लेकिन उन पर चोरी का आरोप लगाना मूर्खता है -
जिसके मुंह में जो आ रहा है, बोल रहा है - कल समाजवादी रामगोपाल यादव कह रहे थे कि 20 हजार करोड़ रुपए का घपला हुआ है जिसमें दान राशि, सोना चांदी के आभूषण चोरी हुए हैं जबकि अखिलेश यादव ने 7 करोड़ की बात की थी -
मेरा मानना है कि कालनेमि पार्टी “समाजवादी पार्टी” के इन दोनों नेताओं को SIT को समन करके पूछना चाहिए कि जिस रकम की चोरी की बात आप कर रहे हो, वह आपको कहां से पता चली और उसके सबूत दीजिए और अगर सबूत नहीं देते तो FIR कर अंदर कर देना चाहिए - आज यह मत समझना कि इनके और अन्य दलों के मन में भगवान राम के प्रति कोई श्रद्धा पैदा हो गई है, उनकी मंशा तो 2027 तक उत्तर प्रदेश के चुनाव तक इस मुद्दे को भुनाने के लिए जीवित रखना है लेकिन योगी बाबा इस घोटाले में हर किसी का पर्दाफाश कर देंगे, हर किसी का मतलब विपक्षियों समेत -
कल रिपब्लिक भारत पर बताया गया पकड़े गए 8 कथित चोरों के घर से कितना धन बरामद हुआ है -
-अविनाश शुक्ल - 20 लाख रुपए और डॉलर;
-करुणेश पांडेय - 18 लाख रुपए
-लवकुश मिश्रा - 14 लाख रुपए;
-अनुकल्प मिश्रा - 16 लाख रुपए;
-रामशंकर मिश्रा - 7 लाख रुपए;
-मनीष यादव - 2 लाख रुपए;
-टिन्नू यादव - 1 लाख रुपए
-अविनाश - 1121 US डॉलर;
गिरफ्तार हुए 8 में 6 लोग वाराणसी की सैनिक सिक्योरिटी सर्विस के कर्मचारी थे, स्टेट बैंक को एक अनुबंध के अनुसार 1 जनवरी, 2026 एजेंसी ने 65 लोग हाउसकीपिंग के लिए दिए गए थे लेकिन स्टेट बैंक ने उन्हें मंदिर में दान गणना में लगा दिया - इसलिए घपले में स्टेट बैंक भी अपने को पाक साफ़ नहीं कह सकता -
समाज के एक वर्ग के लोग जो UGC पर सबसे ज्यादा भड़क रहे थे, वो देख सकते हैं कि ऊपर दिए गए 8 में पहले 5 लोग कौन हैं -
कल फेसबुक की किसी की पोस्ट में लिखा था कि राम मंदिर से चोरी का पाप किसके हिस्से आएगा मोदी, भाजपा, आरएसएस या विहिप के -वो क्या मंदिर निर्माण रोकने का पाप भी किसी के सिर मढ़ेगा और मंदिर निर्माण करने का पुण्य किसी को देगा मोदी, भाजपा, आरएसएस या विहिप को या केवल पाप बांटना चाहता है, पुण्य नहीं -
आज वो लोग भी राम नाम की गंगा में स्नान करना चाहते हैं जिनके राज में अयोध्या की सरयू कारसेवकों की रक्त से लाल कर दी गई थी
बीजेपी ने रात के अंधेरे में बाबरी मस्जिद में मूर्तियां रखवा दी थी बीजेपी कुछ भी कर सकती है :- अखिलेश यादव
सोचिए यह अखिलेश यादव कभी मानने को तैयार ही नहीं होता था कि अयोध्या में भगवान राम का जन्म हुआ था और अयोध्या हिंदुओं की है और अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनना चाहिए
और यह जिस घटना का जिक्र कर रहा है यह घटना नेहरू के समय में हुई थी जब नैयर साहब फैजाबाद यानी अयोध्या जिले के जिला अधिकारी थे
नेहरू ने बहुत प्रेशर डाला की मूर्तियां हटा ली जाए लेकिन नैयर साहब ने एक ही बात कहा कि यह मूर्तियां खुद प्रकट हुई है मैं इन्हें हटाने का पाप नहीं कर सकता
और नैयर साहब ने इस्तीफा दे दिया और केरल का हो करके भी उन्होंने फैजाबाद से जनसंघ पार्टी से MP का चुनाव लड़ा और जीतकर संसद बन गए
और उन्होंने संसद में राम मंदिर का मुद्दा बहुत उठाया और उन्हें मूर्तियों की वजह से ही हिंदुओं का कब्जा वहां बना रहा और उन्हें मूर्तियों की वजह से बाबरी मस्जिद में नमाज नहीं हो सकी
और उन्हें मूर्तियों के रखने की वजह से आज अयोध्या में राम मंदिर बना
समझ जाओ की अखिलेश यादव किसी जमाने में अयोध्या से राम मंदिर से और हिंदुओं से कितनी नफरत और घृणा करता था
ज़रा समाजवादी पार्टी वालों की रामभक्ति देखिए 👇
"मुलायम सिंह के चलते जिन्होंने बाबरी मस्जिद को छूने की कोशिश की, वे गुंबद पर चढ़ तो गए, लेकिन उतर नहीं सके - ये रिकॉर्ड है।
इस बात का समाजवादी पार्टी के नेताओं को न कभी अफसोस था, न रहा है और न रहेगा। चाहे उनको मौलाना मुलायम सिंह कहें। हिंदू हमें वोट दें या न दें, हमें फ़र्क़ नहीं पड़ता।"
~ संसद में खड़े होकर यह कहते हुए समाजवादी पार्टी के प्रधान महासचिव रामगोपाल यादव
🚨 सनातनी प्रमोशन 🚨
200+ नए फॉलोअर्स का मौका
✅ RT करो
✅ Reply में ID Drop करो
✅ सभी सनातनी भाइयों-बहनों को Follow करो
Follow Must 👉 @TheBahubali_IND
Follow & 🔔 Notification On करना न भूलें
सिर्फ एक्टिव सनातनियों का प्रमोशन होगा 🚩🙏
राम मंदिर दान चोरी का आरोपी लवकुश मिश्रा पिछले दो साल पहले गाड़ी मैकेनिक था....
फिर राम मंदिर में नौकरी लग गई.. सैलरी 17 हजार रुपए थी।
लेकिन इतना तेजी से धनवान हुआ कि सब हैरान रह गए... लोग रामकृपा समझते रहे.... 😁😁
ये जो घर आप देख रहे हैं, यह अयोध्या के शहादतगंज इलाके में जयपुरिया स्कूल के पीछे है।
इस जमीन को लवकुश ने इसी साल फरवरी महीने में पत्नी के नाम खरीदा था।
1000 स्क्वायर फिट जमीन की यहां कीमत करीब 25 लाख रुपए है....
लवकुश ने जमीन लेने के बाद निर्माण शुरू करवा दिया।
तीन फ्लोर बनवाना था, दो फ्लोर बन गए थे। पहले फ्लोर पर बड़ी किचन, चार कमरे, लिफ्ट लगाने तक के लिए स्पेस छोड़ा गया था....
लवकुश की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर यह जमीन है....
सुप्रिया इसी केस में आरोपी अनुकल्प मिश्रा की बहन हैं.... अनुकल्प ने भी एक साल में खूब संपत्ति बनाई है....
समझ रहे ना आपसब... एक परिवार के लोगों की बपौती बन गया था दानपात्र का धन....
खैर जिस दिन बुलडोजर चलेगा... सब कुछ लवणेन भोज्यम हो जाएगा.....
"सरकार दलित पिछड़ो की FIR दर्ज नहीं करती "
--विजेता दहिया,CJP
👉थानों मे 50 % लोग तो दलित ओर पिछड़े ही है
फिर FIR कौन नहीं दर्ज करता ....?
सलाम है इनके ज्ञान को 😂🤣
महमूद गजनवी को हमे लुटेरा पढ़ाया जाता है उसका साम्रज्य देखिये
आज के सम्पूर्ण भारत वर्ष से भी बड़ा है उसने किसी बात पर नाराज होकर खलीफा को धमकी दी थी कि मै बगदाद नष्ट कर दूंगा
इतने विशाल साम्रज्य के स्वामी से महोबा खजुराहो के छोटे से चंदेल राजा महान विद्याधर चंदेल जिनका राज्य गजनवी से बीस गुने से भी ज्यादा छोटा था का दो बार भीषण युद्ध हुआ दोनो बार महमूद जीत नही पाया उसका इतिहासकार खुद लिखता है कि सुल्तान ने चन्देल को 300 हाथी उपहार में दिए वास्तव में ये विद्याधर चंदेल ही थे जिन्होंने महमूद गजनवी से सारे भारत को बचा लिया जब वो इधर जीत नही पाया तब ये कहानी बनाई की भारत पर कब्जा करना उसका उद्देश्य नहो था
जबकि वही महमूद आज के अफगानिस्तान पकिस्तान जिसे उस समय मुल्तान और लाहौर और काबुल कहते थे पर कब्जा किया अपने राज्य में मिलाया
आज के भारत का जो पंजाब हैउसको भी उसने अपने राज्य में मिला लिया था
और मुस्लिम शासक नियुक्त कर दिया था और 10 लाख हिन्दुओ को गुलाम बनाकर व इस्लामि करन कर दिया
इसके अलावा गुजरात अजमेर और मालवा के भी राजा मिलकर गजनवी को सबक सिखाने सोमनाथ विशाल सेना लेकर जा रहे थे जिससे वो डर कर सिंध के रास्ते मरुष्टल से गया जिसमें उसके 1लाख सैनिक भूख प्यास से मर गए उसके बाद कभी भारत नही आया
तो यह कहना महा बकवास है कि महमूद भारत पर कब्जा नहीं करना चाहता था
जिस तरह से वह लाहौर अमृतसर मुल्तान काबुल कंधार को अपने राज्य में मिलाया अगर उसके पास ताकत होती तो भारत पर भी यही करता
लेकिन उसकी इतनी औकात नहीं थी क्योंकि उस समय भारत में वीर विद्याधर चंदेल और राजा भोज जैसे महा प्रतापी राजपूत राजा थे
जब उनसे मुकाबले की बारी आई तो महमूद बचकर कांधार चला गया और भारत में फिर कभी नहीं आया