आरटीई एक्ट लागू होने के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण होने की अनिवार्यता से मुक्त किए जाने की मांग को लेकर आज दिनांक 4 अप्रैल 2026 को फेडरेशन ऑफ़ इंडिया बैनर तले दिल्ली के रामलीला मैदान में देश के लाखों शिक्षकों ने प्रदर्शन किया.
@PMOIndia@AmitShah
TFI के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.दिनेश चंद्र शर्मा के निर्देश पर आज बांसगांव लोकसभा के सांसद श्री कमलेश पासवान जी (केन्द्रीय राज्य मंत्री)के आवास पर सैकड़ों की संख्या में जिले के पदाधिकारी एवं ब्लॉक अध्यक्ष मंत्री सहित तमाम शिक्षकों की उपस्थिति में TET से मुक्ति हेतु ज्ञापन सौंपा गया
टेट अनिवार्यता के मुद्दे पर टीएफआई ने सांसद को सौंपा मांग पत्र.
सिद्धार्थनगर : टीचर्स फेडरेशन आफ़ इंडिया (टीएफआई) के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज डुमरियागंज के सांसद मा.जगदंबिका पाल के आवास पर उनसे मुलाकात की। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने शिक्षकों के लिए टेट अनिवार्यता को समाप्त कराने से जुड़े मुद्दे को लेकर सांसद को एक मांग पत्र सौंपा। यह मांग पत्र राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद द्वारा 23 अगस्त 2010 को निर्धारित की गई न्यूनतम योग्यता के नियमों से संबंधित है, जिसमें संगठन ने संसद द्वारा इसे निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) में पूरी तरह सम्मिलित कराने की मांग की है।इस ज्ञापन में द गैजेट ऑफ इंडिया के सेक्शन 23 का संदर्भ दिया गया है, जिसके तहत किसी भी व्यक्ति को शिक्षक के रूप में नियुक्त होने के लिए तय शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करना अनिवार्य होता है परंतु पूर्व से नियुक्त शिक्षकों के लिए टेट की अनिवार्यता नहीं है। इसके साथ ही पत्र में 10 अगस्त 2017 को किए गए संशोधन का भी विशेष उल्लेख किया गया है। सांसद ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा बेहद संवेदनशील विषय हैं। वह हमेशा शिक्षकों के संघर्ष में साथ रहे हैं। सांसद ने विश्वास दिलाया कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय से उत्पन्न विसंगतियों को दूर कराने के लिए वह संसद में मुद्दा उठाएँगे और संसद से बाहर भी पूरा सहयोग करेंगे। टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि सांसद ने हमेशा शिक्षक हितों की सुरक्षा के लिए कार्य किया है। दिल्ली धरने में भी पहुंचकर सांसद ने शिक्षकों को संबल प्रदान किया था। कहा कि शिक्षकों को विश्वास है कि सांसद जी के सहयोग से 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट अनिवार्यता से मुक्ति मिलेगी। कार्यक्रम में संगठन के जिला उपाध्यक्ष अशोक कुमार के पुत्र आनंद कुमार को नीट परीक्षा में सफलता मिलने पर सांसद द्वारा सम्मानित किया गया। इस दौरान जिला कार्यसमिति के पदाधिकारियों सहित समस्त ब्लॉक कार्यसमिति व संघर्ष समिति के पदाधिकारीगण मौजूद रहे।
@jagdambikapalmp@DrDCSHARMAUPPSS@TFI4India@narendramodi@dpradhanbjp
टेट अनिवार्यता के मुद्दे पर टीएफआई ने सांसद को सौंपा मांग पत्र.
सिद्धार्थनगर : टीचर्स फेडरेशन आफ़ इंडिया (टीएफआई) के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज डुमरियागंज के सांसद मा.जगदंबिका पाल के आवास पर उनसे मुलाकात की। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने शिक्षकों के लिए टेट अनिवार्यता को समाप्त कराने से जुड़े मुद्दे को लेकर सांसद को एक मांग पत्र सौंपा। यह मांग पत्र राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद द्वारा 23 अगस्त 2010 को निर्धारित की गई न्यूनतम योग्यता के नियमों से संबंधित है, जिसमें संगठन ने संसद द्वारा इसे निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) में पूरी तरह सम्मिलित कराने की मांग की है।इस ज्ञापन में द गैजेट ऑफ इंडिया के सेक्शन 23 का संदर्भ दिया गया है, जिसके तहत किसी भी व्यक्ति को शिक्षक के रूप में नियुक्त होने के लिए तय शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करना अनिवार्य होता है परंतु पूर्व से नियुक्त शिक्षकों के लिए टेट की अनिवार्यता नहीं है। इसके साथ ही पत्र में 10 अगस्त 2017 को किए गए संशोधन का भी विशेष उल्लेख किया गया है। सांसद ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा बेहद संवेदनशील विषय हैं। वह हमेशा शिक्षकों के संघर्ष में साथ रहे हैं। सांसद ने विश्वास दिलाया कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय से उत्पन्न विसंगतियों को दूर कराने के लिए वह संसद में मुद्दा उठाएँगे और संसद से बाहर भी पूरा सहयोग करेंगे। टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि सांसद ने हमेशा शिक्षक हितों की सुरक्षा के लिए कार्य किया है। दिल्ली धरने में भी पहुंचकर सांसद ने शिक्षकों को संबल प्रदान किया था। कहा कि शिक्षकों को विश्वास है कि सांसद जी के सहयोग से 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट अनिवार्यता से मुक्ति मिलेगी। कार्यक्रम में संगठन के जिला उपाध्यक्ष अशोक कुमार के पुत्र आनंद कुमार को नीट परीक्षा में सफलता मिलने पर सांसद द्वारा सम्मानित किया गया। इस दौरान जिला कार्यसमिति के पदाधिकारियों सहित समस्त ब्लॉक कार्यसमिति व संघर्ष समिति के पदाधिकारीगण मौजूद रहे।
@jagdambikapalmp@DrDCSHARMAUPPSS@TFI4India
आज दिनांक 19 जुलाई 2026 को माननीय सांसद डुमरियागंज श्री जगदम्बिका पाल जी को टेट की अनिवार्यता के विरोध में ज्ञापन सौंपा गया। माननीय सांसद महोदय ने आश्वासन दिया कि आगामी मानसून सत्र में इस मुद्दे को गंभीरता पूर्वक संसद में उठाया जाएगा।
इस अवसर पर TFI के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री राधेरमण त्रिपाठी सहित जनपद के जिला कार्यसमिति के सदस्य ब्लॉक अध्य्क्ष मंत्री संघर्ष समिति के अध्यक्ष मन्त्री तहसील प्रभारी सहित सैकड़ो संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे!
TFI जिंदाबाद जिंदाबाद 💥
डॉ 0 दिनेश चन्द्र शर्मा जिंदाबाद जिंदाबाद 💥
@PMOIndia@dpradhanbjp@DrDCSHARMAUPPSS
कुशल संगठनकर्ता, ओजस्वी वक्ता, सरल एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्व के धनी, भारत के यशस्वी रक्षा मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष,माननीय श्री @rajnathsingh जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ।
देश के लोकप्रिय नेता ,अपने मुख्यमन्त्रित्व काल में उ प्र के शिक्षकों को भारत सरकार के समान पंचम वेतनमान देकर शिक्षकों की आर्थिक स्थिति को सम्माजनक बनाने वाले भारत के यशस्वी रक्षामन्त्री माननीय श्री राजनाथ सिंह जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ ।
जीवेत शरतः शतम।
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@rajnathsingh@DrDCSHARMAUPPSS
#NoTetBeforeRteAct
माननीय श्री राजनाथ सिंह जी रक्षा मन्त्री भारत सरकार से भेंट करके टेट के प्रकरण पर विस्तृत जानकारी दी ।माननीय जी को वार्ता के दौरान स्मरण कराया कि जब वर्ष 1998 में उत्तर प्रदेश के शिक्षकों की 36 दिन की हड़ताल और 167 शिक्षकों की सेवा समाप्ति के बाद भी जिस समस्या का समाधान नहीं हुआ था,उसका समाधान आपने उत्तर प्रदेश में अपने मुख्य मंत्रित्व काल में किया था,जिसके चलते आज उत्तर प्रदेश के शिक्षक केन्द्र के समान वेतनमान लेते हैं ।
आज भी प्रधानमन्त्री जी के नेतृत्व में संसद द्वारा क़ानून पारित करा कर,आरटीई लागू होने से पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता सम्बन्धी अन्याय को समाप्त किया जा सकता है ।देश के शिक्षकों को आप पर पूर्ण विश्वास है ।मेरे साथ teachers federation of india के उपाध्यक्ष श्री राधेरमण त्रिपाठी जी भी वार्ता में उपस्थित रहे ।
पंचायत और ग्राम चिकित्सालय वेब सीरीज के बाद एक वेब सीरीज शिक्षकों पर भी बननी चाहिए, आपको इनसब से ज्यादा संघर्ष और कांटेंट आसानी से मिल जाएगा,
कई शिक्षक तो बीटेक, एमटेक, पीएचडी आदि के बाद शहरी व्हाइट कॉलर जॉब छोड़ गांव-देहात में शिक्षा दे रहे हैं।
@saurabhtop@TheViralFever
#NoTetBeforeRteAct
TET की अनिवार्यता ख़त्म करने के विषय में मा श्री सी आर पाटिल मंत्री भारत सरकार से अपने सहयोगी साथी श्री राम मूर्ति ठाकुर महासचिव,(झारखंड),श्री राहुल अंकुश गव्हाणे उपाध्यक्ष (गुजरात) एवं श्री राधे रमण त्रिपाठी उपाध्यक्ष (उत्तर प्रदेश) के साथ भेंट की ।
@TFI4India@UPPSS1921
#NoTetBeforeRteAct
जो व्यवस्था देश के किसी कर्मचारी,अधिकारी या न्यायाधीश पर लागू नहीं है वो देश के बेसिक शिक्षकों पर लागू करना देश के 25 लाख शिक्षकों एवं उनके करोड़ों परिजनों के साथ अन्याय है ।
#NoTETbeforeRTEact
*IAS, IPS, IFS ,IRS,IES की exam यूपीएससी के माध्यम से भारत में आयोजित होती है। तो IMS (Indian Medical Services) के साथ-साथ IJS (Indian Judiciary Services) या IAS(J) की परीक्षा भी होनी चाहिए। जिससे सभी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ एक समान न्याय भी मिलें। और जो पूर्व से नियुक्त अधिकारीगण/ न्यायधीश इन परीक्षाओं को पास किए बिना नियुक्त हैं। उन्हें भी 2 वर्ष के भीतर इस परीक्षाओं को पास करना चाहिए। अन्यथा उन्हें भी शिक्षकों की भाँति अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी क्या?
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"विचारणीय प्रश्न "
टीईटी से संबंधित पुनर्विचार याचिका निर्णय में टिप्पणी करते हुए माननीय न्यायाधीश महोदय ने कहा की टी ई टी पास न करने वाले शिक्षकों द्वारा पढ़ाए गए बच्चों का भविष्य खराब होगा अर्थात वह योग्य नहीं होंगे . यदि माननीय न्यायधीश महोदय के उक्त कथन को सत्य माना जाए तो निम्नलिखित गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं:
1. इस समय देश के तमाम प्रमुख पदों पर बैठे हुए, चाहे वह राजनेता हों, प्रशासनिक अधिकारी हों, इंजीनियर हों,डॉक्टर हों या व्यवसायी हों, क्या इन सभी लोगों को टीईटी पास शिक्षकों ने शिक्षा दी है?
2. यदि नहीं तो क्या अयोग्य शिक्षकों (नॉन टी ई टी )
द्वारा शिक्षित किए गए उपरोक्त देश के शीर्ष पदों पर बैठे हुए लोग योग्य हैं?
3. अब प्रश्न यह उठता है कि जब नान tet सभी टीचर्स अयोग्य हैं तो उनके द्वारा पढ़ाए गए सभी छात्रों को भी पुनः एक से लेकर अंतिम डिग्री तक की पढ़ाई tet उत्तीर्ण शिक्षकों से नहीं करनी चाहिए?
इस एक फैसले ने पूरे देश की जनता की योग्यता पर प्रश्न चिह्न खड़ा कर दिया.
@DrDCSHARMAUPPSS@RammurtiThakur
#Following
#highlightseveryonefollowers
मित्रों अपने गृह जनपद संभल में निरंजन पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य डॉ स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज के मुखारविंद से श्री मद राम कथा सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ ।
@JiKailashanand@DmSambhal@TFI4India@UPPSS1921
#NoTetBeforRteAct
महाराष्ट्र के दो दो शिक्षक संघ भी आये @TFI4India के साथ
श्री श्रीकांत देशपांडे जी पूर्व एमएलसी एवं संस्थापक अध्यक्ष शिक्षक अघाड़ी विदर्भ प्रदेश
तथा
श्री दत्तात्रेय सावंत पूर्व एमएलसी एवं महासचिव महाराष्ट्र शाला क्रुती समिति महाराष्ट्र से कल दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन में टेट की अनिवार्यता को समाप्त करने के आंदोलन पर विस्तार से चर्चा हुई,दोनों ही नेताओं ने टीएफआई के प्रयास की सराहना की एवं टीएफआई से संबद्ध होने की इच्छा व्यक्त की ।महाराष्ट्र के दोनों संगठन शीघ्र ही टीएफआई के सदस्य होंगे ।
उत्तर प्रदेश के 1.86 लाख सहित देश में लगभग 20 लाख ऐसे शिक्षक जो आरटीई लागू होने से पूर्व में नियुक्त हुए हैं उन पर टेट उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता समाप्त करने हेतु 4 अप्रैल को रामलीला मैदान दिल्ली में हुई रैली के बाद आज टीएफआई के प्राधिनिधि मण्डल की पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मा सांसद श्री जगदंबिका पाल जी के साथ श्री पंकज चौधरी जी प्रदेश अध्यक्ष भाजपा उ प्र एवं मा वित्त राज्यमंत्री भारत सरकार से विस्तृत वार्ता हुई ।सुप्रीम कोर्ट के आदेश से देश के लाखों शिक्षकों पर पड़ने वाले कुप्रभाव से बचाने हेतु कानून बनाने की पूरी पैरवी की गई ।मा प्रदेश अध्यक्ष जी ने शीघ्र ही शीर्ष नेतृत्व से वार्ता एवं समाधान हेतु आश्वस्त किया ।प्रतिनिधि में टीएफआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री संजय सिंह एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री राधेरमण त्रिपाठी जी उपस्थित रहे ।
@jagdambikapalmp@mppchaudhary@narendramodi@AmitShah@TFI4India@UPPSS1921
संसद भवन में माननीय वित्त मंत्री @nsitharaman जी से शिष्टाचार भेंट की।
इस अवसर पर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन एवं महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में हो रहे प्रयासों पर चर्चा करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
यह ऐतिहासिक पहल देश में नारी शक्ति को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
टीएफआई का बढ़ता परिवार
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श्री श्रीकांत देशपांडे जी (पूर्व एमएलसी एवं संस्थापक अध्यक्ष, शिक्षक अघाड़ी विदर्भ प्रदेश)
तथा
श्री दत्तात्रेय सावंत जी (पूर्व एमएलसी एवं महासचिव, महाराष्ट्र शाला क्रुती समिति)
की कल दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन में टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय डॉ. दिनेश चन्द्र शर्मा जी से टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त करने के आंदोलन पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।
दोनों ही वरिष्ठ नेताओं ने टीएफआई के प्रयासों की सराहना करते हुए संगठन से जुड़ने की इच्छा व्यक्त की। यह हम सभी के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है कि महाराष्ट्र के दोनों प्रमुख संगठन शीघ्र ही टीएफआई परिवार का हिस्सा बनने जा रहे हैं।
यह जुड़ाव न केवल संगठन की शक्ति को बढ़ाएगा, बल्कि देशभर के शिक्षकों की आवाज को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाएगा।
✊ एकता ही शक्ति है — संघर्ष जारी रहेगा!
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