माता-पिता पहले गुरु हैं। इसके बाद स्कूली शिक्षक, पुरोहित-कुलगुरु, बड़ा भाई, और ऋषि-संतों की परंपरा, गोत्रों की परंपरा भी गुरु परंपरा में सम्मिलित होती है।
अवश्यमेव भोक्तव्यं कृतं कर्म शुभाशुभम्। अर्थात जैसा कर्म करेंगे, उसके अनुरूप फल से वंचित नहीं रहेंगे। जो करेंगे, उसके अनुरूप परिणाम अवश्य भोगना पड़ेगा।
पर्यावरण संरक्षण के लिए बीते सात वर्षों में हुए प्रयासों का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश को ₹200 करोड़ कार्बन क्रेडिट के रूप में मिलने वाले हैं। इसका लाभ उन 25 हजार किसानों को मिलेगा, जिन्होंने इस अभियान में योगदान दिया है। #GreenUPWithYogiJi
जो अकबरनगर पहले प्रदूषण का एक माध्यम बना हुआ था, आज वहां @UPGovt भगवान श्रीराम के छोटे भाई लक्ष्मण जी के नाम पर सौमित्र वन का गठन कर यहां 10 हजार पौधे लगा रही है। #GreenUPWithYogiJi
सीएम @mYogiAdityanath जी ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया है, कि एक पेड़ माँ के नाम लगाना भी है और बचाना भी है। इसी के माध्यम से पर्यावरण का संरक्षण होगा। #GreenUPWithYogiJi
अकबरनगर भू-माफियाओं की देन थी, जिसने एक नदी को नाला बना दिया। यह नाला गोमती नदी को भी प्रदूषित करने का कार्य कर रहा था। यहां 10 हजार+ पौधे रोपित कर @UPGovt इसे हरा-भरा बनाएगी। #GreenUPWithYogiJi
2017 में सरकार बनने के बाद से ही योगी सरकार प्रदेश में पौधरोपण अभियान को बड़े स्तर पर चला रही है। इसी का परिणाम है कि आज यह जन अभियान बन गया है। #GreenUPWithYogiJi