कुछ लड़के मछली पकड़ रहे थे....
बड़ी देर इंतजार के बाद कांटे में एक ईल मछली फस गयी...
लड़कों ने डोर खींची... मछली बाहर निकाली
और उसे पकड़ कर बोरी में डालने का प्रयत्न करने लगे...
पर ईल बड़ी चिकनी... फिसलन भरी... बार बार हाथ से फिसल जाये.... काबू ही न आये
तभी वहाँ एक "बुद्धिमान युवा" नेता पहुँचे
लड़कों से पूछा "क्या बात है".
लड़कों ने बताया भईया बड़ी फुर्तीली और तेज़ मछली है... पकड़ी न जा रही...
फिसल जाती है...
बुद्धिमान नेता ने दिमाग़ दौड़ाया... दौनो घुटने सहलाये... बोले.. "तुम हटो... इसको तो में देखता हूँ"
लड़के जैसे ही हटे नेता ज़ी ने मछली को उठा कर नदी में फैंक दिया.... और बोले "देखो भईया... थोड़ी देर में ये डूब कर मर जायेगी... फिर आराम से उठा कर घर ले जाना"
लड़कों ने सर पीट लिया.. चिल्लाये "अबे मछली कैसे डूब सकती है"
युवा नेता ज़ी मुस्कान के साथ बोले "देखो भईया संविधान की कसम मैंने 150 साल पुरानी अपनी पार्टी डुबो दी.... ये मछली क्या चीज है"
युवा नेता जी जिंदाबाद!!!
The way Ambedkar Jayanti is becoming a bigger event with each passing year, I think, in the coming years, it'll become the biggest festival in India, much like Chinese New Year for China or Thanksgiving for the US.
It could turn into a seven-day festival, with schools and offices organizing events to commemorate it each day. Indian migrant workers might start returning from abroad to celebrate it. We might even begin inviting foreign heads of state to attend, much like on Republic Day. The state currency could feature Ambedkar, and every year there could be a new tallest statue of Ambedkar, each one taller than the last.
@narendramodi मेरी गुजारिश है कि देश में अंबेडकर, फूले, पेरियार और कांशीराम के नाम पर चार पीठों की स्थापना और चारों पीठों पर अंबेडकराचार्य की नियुक्ति होनी चाहिए।
#मोदी है तो मुमकिन है
Proof That Congress Is Better Than BJP.
Under Congress Rule, Mu$lims Remained Uneducated, Thus, Their Impact only limited to b0mb bla$ts.
Under BJP, They got educated & now they are spreading J!had in Offices, Schools, UPSC etc.
अजीत भारती भाई का यह वीडियो अवश्य देखें और समझें कि ज्योतिबा फुले कौन थे
जिनके विचारों में भगवान ब्रह्मा के लिए आपत्तिजनक शब्दों का उपयोग किया गया है और फिर भी नरेंद्र मोदी उनके लिए इतना प्रचार कर रहे हैं। @ajeetbharti
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कुछ समय पहले कहा था कि यूरोप को लगता है कि उसकी समस्या पूरे विश्व की समस्या है परंतु यूरोप की समस्या पूरे विश्व की समस्या है नहीं। यही बात महाराष्ट्र की सामाजिक जातीय समस्या पर भी लागू होती है। महाराष्ट्र की ये समस्या पूरे देश की समस्या नहीं है। इसे पूरे देश की समस्या मत बनाइए। अंबेडकर और फुले महाराष्ट्र की आवश्यकता हो सकते हैं। पूरे देश की नहीं।
Unpopular opinion but @AshwiniVaishnaw is the most useless and terrible minister in PM Modi team along with Dharmendra Pradhan. Visuals on social media showing terrible scenes where people with no reservation flocking and causing ruckus in reserved compartments is terrible.
Pathetic services by @IndiaPostOffice. I am standing in queue for more than an hour at your post office in Muhana mandi Jaipur 302020. No proper response. We are hearing only one excuse - technical issues in server. Is this digital India what we boost about? Shame
@etihad pathetic services. My flight is rescheduled with 18 hours delay. I asked team for arranging a stay for me in abu dhabi bcoz delay is from them but they refused and gave me option to either travel per their itinerary or cancel it. No regard to customer grievance.
@EtihadHelp This is the problem with @etihad , instead of looking at passenger grievance from their side and providing an amicable solution putting onus on passenger to look after themselves
श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन हेतु पधारने वाले सभी भक्तों के सादर सूचनार्थ:
श्री राम जन्मभूमि मंदिर में प्रतिदिन औसतन 1 से 1.5 लाख दर्शनार्थी दर्शन कर रहे हैं।
दर्शनार्थी श्री राम जन्मभूमि मंदिर में प्रातः 6:30 बजे से लेकर रात्रि 9:30 बजे तक दर्शन हेतु प्रवेश कर सकते हैं।
श्री राम जन्मभूमि मंदिर में प्रवेश करने से लेकर, दर्शन कर बाहर आने तक की प्रक्रिया अत्यंत सरल एवं सुगम है। सामान्यतः दर्शनार्थियों को 60 से 75 मिनट के भीतर भगवान श्री रामलला सरकार के दिव्य दर्शन सुगमता से हो जाते हैं।
भक्त यदि अपना मोबाइल, जूते-चप्पल, पर्स आदि सामान मंदिर परिसर के बाहर रख कर आयेंगे, तो उन्हें अत्यंत सुविधा होगी तथा उनके समय की भी बचत होगी।
श्री राम जन्मभूमि मंदिर में अपने साथ फूल-माला, प्रसाद आदि लेकर न आयें।
प्रातः काल 4 बजे मंगला आरती, 6:15 बजे श्रृंगार आरती एवं रात्रि 10 बजे शयन आरती में प्रवेश, प्रवेश पत्र द्वारा ही संभव है। अन्य आरतियों के समय प्रवेश पत्र की आवश्यकता नहीं है।
प्रवेश पत्र हेतु दर्शनार्थी का नाम, आयु, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर एवं शहर का नाम जैसी सूचनाएँ आवश्यक हैं।
यह प्रवेश पत्र श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वेबसाइट से भी उपलब्ध हो सकता है। यह प्रवेश पत्र निःशुल्क है।
निर्धारित शुल्क लेकर दर्शन की या किसी विशेष पास की व्यवस्था श्री राम जन्मभूमि मंदिर में नहीं है।
यदि फिर भी आपको कभी पैसा लेकर दर्शन करवाने का समाचार सुनने को मिलता है, तो वह धोखाघड़ी का प्रयास हो सकता है। मंदिर प्रबंधन का इससे कोई संबंध नहीं है।
मंदिर में वृद्ध जनों एवं दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर उपलब्ध है। यह व्हील चेयर केवल श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर के लिये है, अयोध्या शहर या किसी अन्य मंदिर हेतु नहीं। इस व्हील चेयर का कोई किराया नहीं है, परंतु व्हील चेयर ले जाने वाले नवयुवक को पारिश्रमिक देना होता है।