रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ।
भाई-बहन के पवित्र प्रेम, स्नेह और विश्वास का यह पर्व आपके जीवन में सुख, समृद्धि, खुशियाँ और आपसी प्रेम लेकर आए।
ईश्वर से प्रार्थना है कि भाई-बहन का रिश्ता सदैव प्रेम और खुशियों से भरा रहे।
आप सभी को रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। 🙏🌺
#GangaExpresswayTollTaxScam
गंगा एक्सप्रेसवे पर लहरावन/बहजोई से लखनऊ के लिए यात्रा करने पर किलोमीटर 123 से किलोमीटर 378 तक कुल 255 किलोमीटर की दूरी तय करने पर ₹835 का टोल टैक्स दो हिस्सों में काटा जाता है। जिसमें लहरावन से करनपुर तक ₹55 और करनपुर से आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे तक ₹780 काटा जाता है। इसी प्रकार वापसी में भी आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे से गंगा एक्सप्रेसवे पर प्रवेश करने पर किमी 378 से लेकर चंदोई/करणपुर तक ₹780 काटा जाता है। लेकिन लहरावन पर जो टोल टैक्स वाला ठेकेदार है, वह लगातार धांधली कर रहा है। और वह ₹55 के स्थान पर ₹400 काटता है। जब आप उसके पास शिकायत के लिए जाइए तो वह अपने 10-20 फालतू मुस्टंडों के साथ प्रकट होता है और आपसे दो टूक जवाब देता है कि यदि ज्यादा कट गया है तो आप उसकी शिकायत कर दीजिए। आपको वापस मिल जाएगा। अब सवाल यह है कि कितने परसेंट लोग हैं जो इस ऑनलाइन वापसी की प्रक्रिया को पूरा करते हैं ।जब सम्पूर्ण सिस्टम ऑनलाइन है और किमी 378 से किमी 146 तक सिस्टम ऑटो रीड करके ₹780 काटता है तो स्पष्ट है कि वाहन लखनऊ दिशा से आ रहा है इसलिए किमी 146 से 123 तक ₹55 काटने के स्थान पर जानबूझ कर विपरीत दिशा में स्थित मेरठ से लहरावन तक का ₹ 400 काटने वाले ठेकेदार का उत्तर दायित्व निर्धारण होगा या नहीं ।
एक तो गंगा एक्सप्रेसवे पर पहले से ही उत्तर प्रदेश के अन्य एक्सप्रेसवे की तुलना में ज्यादा टोल टैक्स की दर निर्धारित की जा चुकी है। आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर 50 किलोमीटर चलने पर अर्थात् किलोमीटर 352 सेकिमी 302 तक चलने पर ₹95 काटा जाता है। जिसकी दर ₹1.90/km है। वहीं गंगा एक्सप्रेसवे पर लहरावन से लखनऊ तक 255 किलोमीटर चलने पर कुल भुगतान ₹835 लिया जाता है। जो कि ₹3.27 प्रति किलोमीटर बैठता है। इसी प्रकार यदि लहरावन से हापुड़ या दिल्ली जाते हैं तो 88 किमी की यात्रा हेतु ₹310 का भुगतान ₹3.52/ किमी की दर से किया जाता है लेकिन शिकायत अधिक दर निर्धारण की नहीं है क्योंकि एक्सप्रेस वे पर चलना अनिवार्य न होकर वैकल्पिक है क्योंकि यदि आपको मंहगा लगता तो आप एक्सप्रेस वे पर न चलकर उन सड़कों पर चलिये जिन पर चलने के लिए आपने वाहन पंजीकरण के समय 7 से 10 प्रतिशत की दर से रोड टैक्स दिया था
मेरे शिकायत यह कि गंगा एक्सप्रेस वे पर निर्धारित टोल टैक्स से अधिक वसूली वार वार क्यों की जा रही है और ऐसे ठेकेदार के विरूद्ध क्या दण्ड निर्धारित है
आप फास्टैग न होने पर दो गुने टोल टैक्स वसूली कर रहे हैं तो क्या इस प्रकार की व्यवस्था इन बेईमान ठेकेदार के विरुद्ध नहीं होनी चाहिए ।
हमारा अनुरोध है कि इन बेईमान ठेकेदारों पर लगाम लगाने के लिए अधिक बसूली गई धनराशि का १० गुना रिफण्ड निर्धारित हो और यदि इस प्रकार के अधिक बसूली के १० से अधिक मामले हों तो इनका टेण्डर निरस्त किया जाए ।क्योंकि आज इस प्रकार की व्यवस्था न होने का ही लाभ यह लोग उठा रहे हैं यह जानते हैं कि रिफण्ड हुआ तो ठीक नहीं तो यह हज़म कर लेते हैं ।
यह आज इस लिए लिखा कि तमाम लोगों के साथ मैं स्वयं भी लगातार इस बेईमानी से पीड़ित हूँ।
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