■ GENUS MUSA
■ BANANA
■ UNITED FRUIT COMPANY
■ AMERICA & CIA
■ BANANA REPUBLIC
हम जिसे 'केला' कहते हैं दुनिया उसे 'BANANA' कहती है. 135 देशों में केला उगता है. और खाती पूरी दुनिया है. आज से 6000 हज़ार साल पहले " Genus Musa" जाति का पौधा जो 'केला' का जन्मदाता है केवल इंडोमलाया और ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता था.
5000 साल पहले पपुआ न्यू गिनी के आदिवासियों ने सर्वप्रथम केले की खेती की शुरूआत की. मलेशिया से होते हुए केला पूरे दक्षिण पूरब एशिया में फैल गया.
जहाजी यात्रियों ने केले को अफ्रीका से लेकर दक्षिण अमेरिका और कैरिबियाई देशों तक पहुंचा दिया.
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1870 अमेरिकी जहाजी कप्तान और व्यापारी लोरेंज डाओ बेकर ने जमैका में पहली बार केला खरीदा और उसे बोस्टन के बाजारों में दस गुना अधिक दम पर बेच दिया. अमेरिका के लोगों ने पहली बार केला खाया और उन्हें इतना भाया की वे केले के दीवाने हो गए.
1875 के बाद बड़ी तेजी से केला अमेरिकी बाजार में आने लगा और काफी लोकप्रिय हुआ. दो सेब के दाम पर एक दर्जन केला आसानी से मिल जाता और फाइबर युक्त भोजन पर डॉक्टरों की सलाह ने केले को कुछ ज्यादा ही अमेरिका में लोकप्रिय बना दिया. लेकिन अभी भी केला केवल अमीरों का फल था, और केले के प्रचंड व्यापार ने व्यापारियों को रातो रात अमीर भी बना दिया.
मांग के अनुसार केले की सप्लाई नही थी. यानी डिमांड ज्यादा थी और सप्लाई कम थी. केले के खेती के लिए अमरीकी जलवायु उपयुक्त नही था. पूरे अमेरिका की खेती कपास मक्का और गन्ने के खेतों से पटे पड़े थे.
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इसी कारण अमेरिका के पूंजीपतियों ने लैटिन अमेरिकी देशो के जंगलों को साफ किया. केले के खेती की शुरुआत की. अमेरिकी पूंजीपतियों की सहायता और मदद सेंट्रल अमेरिकी देश के स्थानीय नेताओं और सैनिक शासकों ने अपने देश की अस्मिता ताक पर रखकर किया.
होंडुरस, ग्वाटेमाला, पनामा, बेलीज़ जैसे लैटिन अमेरिकी देशों में अमेरिका की यूनाइटेड फ्रूट कंपनी ने केले के व्यापार का 90% मार्केट पर अपना आधिपत्य जमा लिया. केले की मांग अमेरिका में जबरदस्त थी. यूनाइटेड फ्रूट कंपनी के दबाव में स्थानीय सरकारों ने कृषि क़ानूनों में किसानों की आय बढ़ाने के नाम पर भारी बदलाव किया. इस बदलाव का फायदा उठाया यूनाइटेड फ्रूट कंपनी ने.
केले की खेती के लिए अन्य फसलों की खेती बंद कराकर केवल केले की खेती कराई जाने लगी. यूनाइटेड फ्रूट कंपनी ने होंडुरस ग्वाटेमाला में कर्ज़ नीति के सहारे 70% से अधिक कृषि भूमि पर कब्ज़ा कर किसानों को अपना मजदूर बना लिया. आर्थिक रूप से होंडुरस और ग्वाटेमाला यूनाइटेड फ्रूट कंपनी पर निर्भर हो गए.
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केले की आपूर्ति बनाये रखने और इसके बाज़ारों पर नियंत्रण जारी रखने के लिए यूनाइटेड फ्रूट कंपनी ने लैटिन अमेरिकी देशो में अपनी राजनीतिक और आर्थिक हस्तछेप को बढ़ाया. मजदूरों पर दमन शोषण बढ़ गया, उन्हें बहुत कम वेतन देकर काम कराया जाता. लैटिन अमेरिका गरीब होने लगा और केले पर 2000% यानी बीस गुना अधिक मुनाफा कमाने वाली यूनाइटेड फ्रूट कंपनी अमीर और शक्तिशाली बन गयी.
लैटिन अमेरिकी देशों के जो शासक यूनाइटेड फ्रूट कंपनी पर नकेल कसने की कोशिश करता कंपनी CIA की मदद से उसका तख्ता पलट देती. इन देशों में सैन्य तानाशाही को बढ़ाया गया और किसी भी सामाजिक और आर्थिक सुधारों को मजबूती से कुचला गया.
कम्युनिस्ट नेताओं की हत्या की गई. कठपुतली शासकों से कंपनी मनमाना काम करा लेती. यूनाइटेड फ्रूट कंपनी ने होंडुरस और ग्वाटेमाला देश की डाक सेवा, रेलवे और रेडियो स्टेशन को अपने अधीन कर लिया.
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लैटिन अमेरिका के छोटे देश पूरी तरह यूनाइटेड फ्रूट कंपनी की कॉलोनी बन गए. कंपनी ने ऑक्टोपस की तरह इन देशों की सामाजिक राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था को जकड़ लिया था. 1904 में लेखक ओ हेनरी ने अपनी किताब कैबेज ऑफ किंग्स में इस व्यवस्था को "BANANA REPUBLIC" का नाम दिया.
अमेरिका को केला खिलाने के नाम पर 1870 से 1980 के बीच 5,00,000 से अधिक लैटिन अमेरिकी आम नागरिकों को इसलिए मार दिया गया क्यों कि वह कंपनी की शोषण करने वाली नीति के खिलाफ थे.
✍️Kranti Kumar (REPOST)
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होली के दिन एक विस्फोटक खुलासा! पटना DPM अपने ड्राइवर के माध्यम से शिक्षिकाओं से वसूली करते हैं. और वसूली में पैसे न होने पर शाम में 5 बजे के बाद अकेले मुलाक़ात के लिए दबाव बनाते हैं. या तो पैसे दो या अकेले शाम में आकर मिलो.
DPM ड्राइवर के मोबाइल से करते हैं कॉल और उसी के खाते में ऑनलाइन मंगाते हैं वसूली की रकम! पैसे के लेनदेन का स्क्रीनशॉट और कॉल रिकॉर्डिंग सब आ गया है मेरे पास. अब 17 को DEO से होगी मुलाकात!!
द्विवेदी पढ़ने गए,
शुक्ला पढ़ाने आए,
मिश्रा ने पेपर बनाया,
तिवारी ने पेपर जांचा,
त्रिवेदी ने रिजल्ट
घोषित किया, चतुर्वेदी
ने प्रैक्टिकल लिया,
और अंततः द्विवेदी
मेरिट मे अव्वल आए
और इसके बाद EWS
तो है ही
Note-वह तुम्हारी शिक्षा पर चोट कर रहे हैं तुम उनकी भिक्षा पर चोट करो
#BPSC के द्वारा आए दिन भ्रष्टाचार पेपरलीक के मामले सामने आते हैं बहुत कमलोग इस बात से वाकिफ हैं 2020में भी 66वीं परीक्षा में कदाचार के मामले सामने आए सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रश्न 10:45में हर तैरने लगे लेकिन बीपीएससी और प्रशासन ने अनदेखी कर करोड़ों रुपए कमाए 67 में भी पेपर लीक हुआ TRE 2तथा TRE 3के पेपर लीक हुआ BPSC पूरी तरह से राज्य सरकार के धन उगाही की दुकान बन गई है इसीलिए युवाओं को अपने अधिकार के प्रति सचेत रहकर क्रांतिकारी तेवर के साथ लड़ाई लड़नी होगी जिससे व्यवस्था परिवर्तन किया जा सके।
@Shikshasatygrah@Sandeep_Saurav_@ajitkmr51@Dipankar_cpiml@cpimlliberation@NBalajiNBa62463@kmlpaulkmlx
#bpsc70th
#bpsc_reexam
#BiharElection2025
जातिवाद का दर्द क्या होता है, देखिए 👇
पानी मांगनें पर इस महिला को जानवरों की तरह दुत्कारते हुए दूर से पानी की बोतल रखकर पानी दिया जा रहा है। सिर्फ इसलिए क्योंकि वह महिला किसी निम्न जाति की है।
यह भारत देश है, यहां जाति है कि जाती ही नहीं 💔
बोधगया मुक्ति आंदोलन अब बिहार असेंबलीमें गूंज रहा है।बोधगया पण्डो से आजाद करना ही होगा।इसके लिए महाबोधि टेंपल एक्ट1949 रद्द करना होगा।मा.सतीश दासजी को मानना पड़ेगा बिहारमें कम से कम एक शेर तो निकला जो बिहार असेंबली में दहाड़ा तो सही!जो लड़ाई हम लोग लड़ रहे है वह अब रंग ला रही है
भारत की न्यायिक व्यवस्था कुछ समझ में नही आ रही है. एक तरफ न्यायपालिका पीड़िता के साथ दरिंदगी करने वाले बलात्कारी के साथ विवाह करने को कहती है.
दूसरी तरफ़ समाज विरोधी पुस्तक के कुछ ज़ेरॉक्स पन्नों को फाड़ने पर RJD प्रवक्ता Priyanka Bharti जी के ऊपर किया गया एफआईआर को न्यायपालिका ख़ारिज करने से इंकार कर देता है.
न्यायपालिका सवर्ण प्रशांत भूषण को अवमानना के मामले में एक रुपया दंड लगाकर छोड़ देता है. दूसरी तरफ राम मंदिर से जुड़े एक मामले में बौद्ध भिक्षुओं पर दो लाख रुपए दंड लगाता है.
न्यायपालिका को निष्पक्ष होना चाहिए.
#IStandWithPriyankaBharti
वो दिलों में आग लगाएगा मैं दिलों की आग बुझाऊंगा..।
उसे अपने काम से काम है मुझे अपने काम से काम है...।।
वाह बिहार की धरती..!!
ये अब तक के सबसे खूबसूरत दृश्यों में से एक है..❤️🔥
#SaveBPSC_PatnaHC#BPSCReExamForAll#70thBPSC
ये मदारी हैं!!!
सत्ता का भूखा हैं...जुमला बोलता हैं
"बिहार फस्ट बिहारी फस्ट"
बाप चाचा दादा को नहीं छोडा तो आम लोगों को कैसे छोडेगा।
#BPSCReExamForAll
इस मुद्दे पर कहता है मजबूर हुँ
●रिएक्जाम नहीं हुआ तो देख लेना...
बिहार मे जुतियाये जाओगे बेटा
हार!मतलब सरकार बदलेगी
ये इतना असान नहीं है...
हमने कमरों की"शर्दी गर्मी और उमस भरे दिन देखे हैं"
●आओ कभी तुम कमरे ताप को महसूस करो
फिर कहना इसमें तपिश कितना हैं
◆आओ मसूस करो कमरे की तापको
तुम्हे ऐसा क्यों लगता हैं..???
#BPSCReExamForAll