राष्ट्रपति महोदया,
19 साल की अंकिता भंडारी ने एक VIP के लिए अपनी गरिमा से समझौता करने से इनकार किया, जिसके कारण उसकी हत्या कर दी गई। चार साल बाद भी CBI की धीमी जांच के चलते यह सवाल बना हुआ है कि वो VIP कौन था।
अंकिता के परिवार समेत कई लोग मानते हैं कि दुष्यंत गौतम इस मामले से जुड़े हुए हैं। ऐसे में उनकी सिक्किम के राज्यपाल के पद पर नियुक्ति से मैं स्तब्ध हूं। राज्यपाल के पद पर रहते हुए उनके खिलाफ कोई आपराधिक कार्यवाही नहीं हो सकती।
दुष्यंत गौतम की नियुक्ति की सलाह देकर प्रधानमंत्री मोदी ने साबित किया है कि महिलाओं की सुरक्षा की उन्हें बिल्कुल परवाह ही नहीं है।
मैं आपसे अपील करता हूं कि सरकार को इस नियुक्ति पर पुनर्विचार करने और जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को पदभार न देने की सलाह दें।
अंकिता के माता-पिता की न्याय की उम्मीद मत टूटने दीजिए।
पंजाब में नशे के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाना अब जानलेवा हो गया है। और यह भगवंत मान की AAP सरकार के राज में हो रहा है।
मानसा: 'नशा रोको, रोज़गार दो' अभियान चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा को दिनदहाड़े गोली मार दी गई जो एक फ़ेसबुक लाइव पर साफ़ दिखी।
संगरूर - मुख्यमंत्री का अपना ज़िला: मज़दूर गुलज़ार सिंह ने मंत्री के सामने गाँव में नशे का सवाल उठाया। परिवार का आरोप है कि उसके बाद उन पर माफ़ी माँगने का दबाव डाला गया। उन्होंने अपनी जान दे दी।
संगरूर: नशे के ख़िलाफ़ बोलने वाले मोहनजीत सिंह पर हिरासत में यातना के आरोप - मामला अब हाईकोर्ट में है।
और झोटा की कहानी में एक बात और है। जब उन्होंने शिकायत की, तो FIR हुई और पुलिस ने बाद में झोटा को भी बुक कर दिया।
जिस सरकार में शिकायत करने वाला भी मुलज़िम बन जाए, वहाँ नशे के सौदागर बेख़ौफ़ क्यों न हों?
CM भगवंत मान जवाब दें: नशे के ख़िलाफ़ लड़ने वालों की हिफ़ाज़त कौन करेगा?
पंजाब के युवाओं का भविष्य तबाह करने वाले इस नशे के साम्राज्य को ख़त्म किए बिना कांग्रेस चैन से नहीं बैठेगी।
अंकिता भंडारी के न्याय के लिये इंडिया गेट पर धरने पर अंकिता भंडारी के माता पिता के साथ जिस तरह पुलिस ने रात के 4.30 बजे डिटेन किया है वो शर्मनाक है, भाजपा सरकार पीड़ितों के बजाये VIP के साथ खड़ी है।
सुबह के 4 बजे। जब दुनिया सो रही थी, तब अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में ले लिया गया।
उनका गुनाह? वे इंडिया गेट पर चुपचाप बैठे थे - बोझिल कंधों के साथ, बिना किसी हंगामे के और सिर्फ़ इतना माँग रहे थे कि CBI जाँच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल न बनाया जाए।
कल मैं और प्रियंका इन माता-पिता से मिले थे।
जिस जाँच का नतीजा आया नहीं, उसके पहले ही नियुक्ति की जल्दी और सवाल पूछने वाले माँ-बाप को रात के अंधेरे में उठा लिया गया।
इस सरकार की पहचान यही है: पीड़ितों की आवाज़ दबा दो, सवाल करने वालों को हटा दो।
पर न्याय की लड़ाई न दबेगी, न रुकेगी।
कांग्रेस अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी है, और खड़ी रहेगी - जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता।
#JusticeForAnkitaBhandari
Cheruvayal Raman called me his daughter when I met him, and he touched my heart.
From then on, I teased him and called him my Malayali Acchan. When we last spoke to each other a month back, he wanted me to go and meet him. I promised that I would, but I had to cut short my trip to Wayanad because of events in Delhi so I missed meeting him thinking that I would return soon. When I heard about his passing today my heart sank.
My Malayali acchan was wise, dignified and bold in thought and action. He wanted more for his people, he refused to accept less. His mind could not tolerate discrimination and injustice. He showed me his awards and honours with sadness in his eyes - he said they would mean nothing to him until his people could live better lives. He was a genius in his knowledge of paddy and agriculture and he understood the great value of his own culture and tradition. He was proud of his heritage and lived it with every breath.
I will miss my wise friend and keep his teachings in my heart for always. India has lost a noble son.
चार साल से अंकिता भंडारी के परिवार को इंसाफ नहीं मिला, लेकिन एक ‘VIP’ आरोपी को संरक्षण और संवैधानिक पद का इनाम ज़रूर मिला।
जहां बलात्कारियों और हत्यारों का फूल-मालाओं से स्वागत होता है और अपराधियों को सत्ता की ताकत से नवाज़ा जाता है - उस महिला-विरोधी BJP से कोई उम्मीद की भी नहीं जा सकती।
आज, अंकिता के माता-पिता अपनी बच्ची के लिए न्याय की गुहार ले कर, अपने घर से मीलों दूर, India Gate पर बैठे हैं।
मैं और कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़े हैं - उनके दुख में भी और इंसाफ की इस लड़ाई में भी।
#JusticeForAnkitaBhandari
Hello @DelhiPolice,
Can you tell the people of India, how much taxpayer money are you wasting on doing illegal surveillance on me?
Just give a rough estimate :)
क्या यही है प्रधानमंत्री मोदी का 'नारी वंदन और नारी सम्मान'? देश की बेटियों के साथ ये कैसी बेरहमी और दुर्व्यवहार है?
दिल्ली पुलिस ने किसके आदेश पर बेटियों से ऐसी बर्बरता की? क्या गृह मंत्री अमित शाह इसकी जवाबदेही लेंगे? क्या जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होगी?
ऋतु बराला समेत उन तमाम छात्राओं के संघर्ष और साहस को सलाम, जो बाबा साहेब से मिले अधिकारों की रक्षा के लिए निडर होकर सत्य की लड़ाई लड़ रही हैं।
Waving the Tricolour at Jantar Mantar in a peaceful protest is not a crime. Jailing youth for it is an act of cowardice.
Students. Youth. Journalists. The INDIA bloc. Different banners, one cause. All protests are one: citizens demanding their constitutional rights.
Jantar Mantar belongs to the people of India. We will reclaim it.
We are told, the government has been bullying and blackmailing the two election commissioners to agree on doing a joint press conference.
Imagine, the plight of 56. He and his agents have not been able to persuade two election commissioners to do a joint pc with Gyanesh in so many weeks!!!