No.271
कई वर्षों से "सबका मंगल, सबका भला" की भावना से संत आसाराम बापू द्वारा अन्न,वस्त्र,चिकित्सा एवं अनेक सेवा कार्य किए जाते रहे हैं।
2014 में मोदी ने इसी भावना को अपने चुनावी स्लोगन "सबका साथ,सबका विकास" के रूप में प्रस्तुत किया।
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@YssSpeaks#GauRaksha
Sant Shri Asharamji Bapu - देशी नस्ल की गाय के दूध मे स्वर्णक्षार पाया जाता है अतः गौदुग्ध को पृथ्वी का अमृत माना गया है लेकिन
सावधान❗यह महिमा देशी नस्ल वाली गाय की है विलायती नस्ल की नहीं❗
Gau Sewa
@YssSpeaks जोधपुर जेल से पूज्य बापूजी ने देश के नाम भेजे पत्र में बताया था कि दूध न देने वाली गायें भी अपने गोझरण और गोबर से अपनी व्यवस्था खुद कर लेती हैं। खेती और पर्यावरण को बचाने के लिए #GauRaksha के संकल्प के साथ निरंतर Gau Sewa से जुड़ें। 🙏
@YssSpeaks भारतीय देशी गाय हमारी संस्कृति, कृषि और स्वास्थ्य की त्रिवेणी है। कत्लखानों की तरफ जा रही गायों को बचाना और किसानों को बैल आधारित जैविक खेती के लिए प्रेरित करना ही सच्ची #GauRaksha और Gau Sewa है। ✊
@YssSpeaks पूज्य बापूजी का यह संदेश आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक है—"गाय से प्राप्त दूध, दही, घी, गोबर और गोमूत्र अमृततुल्य हैं।" आइए, अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए #GauRaksha को अपना परम कर्तव्य बनाएँ और निरंतर Gau Sewa करते रहें। 🚩🙏
@DharamvirMumrej@YssSpeaks सही कहा,
समाज व देश कल्याण और मानव स्वास्थ्य की रक्षा के लिए प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सहित सभी को गौरक्षा के वैज्ञानिक पहलुओं का प्रचार करना चाहिए। इस पुनीत कार्य से समाज में सुख-समृद्धि आएगी। #GauRaksha के साथ Gau Sewa का संदेश फैलाएँ।
@YssSpeaks पूज्य बापूजी का यह संदेश आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक है—"गाय से प्राप्त दूध, दही, घी, गोबर और गोमूत्र अमृततुल्य हैं।" आइए, अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए #GauRaksha को अपना परम कर्तव्य बनाएँ और निरंतर Gau Sewa करते रहें। 🚩🙏
@YssSpeaks गोपाष्टमी व अन्य विशेष पर्वों पर पूज्य आसाराम बापूजी की प्रेरणा से देश भर में गांवों और शहरों में जाकर गायों को उनका प्रिय पोषक आहार खिलाया जाता है। यह अभियान गौरक्षा, सद्भावना और दया को बढ़ावा देता है। #GauRaksha और Gau Sewa से अवश्य जुड़ें। 🌾
@YssSpeaks गाय के रोमकूपों से निकलने वाली सकारात्मक तरंगें पर्यावरण के ओजोन स्तर और हमारे मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखती हैं। अपने इहलोक और परलोक को सुधारने के लिए #GauRaksha के मार्ग पर चलें और निष्काम Gau Sewa करें।
@NarsiOm@YssSpeaks सही कहा,
असाध्य और लाइलाज बीमारियों को भी गौ-सान्निध्य और गौसेवा से 6 से 12 महीने में स्वस्थ होते देखा गया है। एलोपैथी के दुष्प्रभावों से बचें, #GauRaksha को समझें और Gau Sewa का सभी अवश्य लाभ लें।
@YssSpeaks भारतीय देशी गाय हमारी संस्कृति, कृषि और स्वास्थ्य की त्रिवेणी है। कत्लखानों की तरफ जा रही गायों को बचाना और किसानों को बैल आधारित जैविक खेती के लिए प्रेरित करना ही सच्ची #GauRaksha और Gau Sewa है। ✊
@YssSpeaks गाय के रोमकूपों से निकलने वाली सकारात्मक तरंगें पर्यावरण के ओजोन स्तर और हमारे मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखती हैं। अपने इहलोक और परलोक को सुधारने के लिए #GauRaksha के मार्ग पर चलें और निष्काम Gau Sewa करें।
Sant Shri Asharamji Bapu has beautifully said: “We do not nurture Gomata, Gomata nurtures us.” The Indian Desi Cow is the foundation of our culture, agriculture, and health. Through his teachings, Bapuji emphasized that “Serving the cow is serving the nation.”
🔹 Panchagavya Benefits: Milk, curd, ghee, dung, and gomutra are revered as nectar - offering physical, economic and spiritual strength.
🔹 Ashram Gaushalas: Protecting cows from slaughterhouses, sheltering blind, mute, injured and disabled cows, these gaushalas embody compassion and dharmic responsibility.
🔹 Cultural & National Duty: Gau Sewa and #GauRaksha are not optional, they are our moral and religious obligations, ensuring sustainability of farming, health and Sanatan values.
@shatakshi88@YssSpeaks जी बिल्कुल,
भारतीय देशी नश्ल की गाय हमारी संस्कृति, कृषि और स्वास्थ्य की त्रिवेणी है। कत्लखानों की तरफ जा रही गायों को बचाना और किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित करना ही सच्ची #GauRaksha और Gau Sewa है। ✊
समानता का मतलब सबको एक जैसी सूखी रोटी नहीं। मतलब ये कि बीमार को डॉक्टर की डाइट मिले, चाहे वो कोई भी हो। #संविधानिक_मूल्यSent from WhatsApp
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वृद्ध एवं अस्वस्थ व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता सभ्य समाज का दर्पण है।
संत श्री आसाराम बापू जी के स्वास्थ्य को लेकर भी यह संवेदनशीलता दिखाई दे।
#संविधानिक_मूल्य
No.270
भारत को विश्वगुरु बनाने का संकल्प आसाराम बापू का था और उसके लिए उन्होंने मोदी को प्रधानमंत्री बनाने का संकल्प भी लिया था।पर अहंकार में व्यक्ति अपने हितैषियो को ही दुश्मन मानने लगता है।
आज बापू के साथ भी ऐसा ही किया जा रहा है।
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